लक्की शर्मा अवैध प्रॉपर्टी बेचकर बाहर: अब खरीदार होंगे परेशान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भ्रष्ट बिल्डर लक्की शर्मा अपने अवैध निर्माण बेचकर बाहर हो गया। जिन लोगों ने ये प्रॉपर्टी खरीदी है, वे अब परेशान होंगे। लक्की शर्मा ने तो तिजोरी भर ली, पर उनकी संपत्ति पर तलवार लटक गई है, जिन्होंने यहां अपने जीवनभर की जमा पूंजी लगा रखी है।
ये भी खबर है कि क्षेत्र के दो जनप्रतिनिधि उसकी प्राॅपर्टी बिकवाने में दलाली कर रहे हैं। वे न केवल अधिकारियों से सेटिंग करवाने बल्कि किसी भी तरह के विवाद को निपटाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। देवगुराड़िया पंचायत सचिव ने कहा है कि वे उसे नोटिस दे रहे हैं।
लक्की शर्मा ने न केवल कनाड़िया रोड बल्कि बायपास पर भी अनेक अवैध निर्माण किए हैं, जिनमें एमओएस नहीं छोड़ा है। कनाड़िया बायपास पर उसने ग्रुप हाउसिंग के तहत अवैध बंगले बनाए हैं, जिनमें कार खड़ी करने की जगह भी नहीं है।
ये बंगले मिलन ग्रीन कॉलोनी में ग्रुप हाउसिंग के तहत बने हैं, जो 950 से 2000 स्क्वेयर फीट तक के हैं। उसका ये प्रोजेक्ट पूरी तरह अवैध इसलिए है, क्योंकि ये बिना अनुमति के हैं और नियम विरुद्ध बीच की दीवार एक ही है।
यहां करीब 12 बंगले बनाए हैं, जिनमें एमओएस नहीं छोड़ा है। स्थिति ये है कि कार पार्किंग की जगह भी नहीं है, जिसका नतीजा ये है कि इसमें रहने वालों को अपनी कार सड़क पर पार्क करना पड़ेगी, जो असुरक्षित होगा।
अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लक्की शर्मा ने यह बंगले डेढ़ से दो करोड़ रुपए तक बेच दिए हैं। लक्की ने बायपास पर सिटाडेल फीनिक्स माॅल के पास शंखेश्वर पार्श्वनाथ सिटी में भी ऐसे ही ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत बंगले बनाए हैं, जिनमें न एमओएस है और अन्य सुविधाएं।
ऐसे में खरीदार तो परेशान होंगे ही, आसपास के लोगों को भी समस्याएं होंगी। लक्की निगम को करोड़ों का चूना लगा रहा है। उसने संचार नगर में जैन मिठाई भंडार की बड़ी दुकान की गली में भी 1500 स्क्वेयर फीट पर एक बंगला बनाया है, वो भी इन्हीं कारणों से पूरी तरह अवैध है।
लक्की द्वारा आलोक नगर में दो प्लॉटों को जोड़कर बनाए अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी जी+2 के स्थान पर जी+3 का निर्माण कर लिया है, जिसकी अनुमति नहीं है। पूरे कॉम्प्लेक्स में लक्की शर्मा ने न तो कोई एमओएस छोड़ा और न अन्य नियमों का पालन किया है।
जो कॉम्प्लेक्स बनाया है, उसमें ग्राउंड कवरेज भी नहीं है और शुद्ध हवा-पानी आने के इंतजाम भी नहीं हैं। लक्की शर्मा ने नीचे दुकानें बनाई हैं और ऊपर ऑफिस बनाकर बेच रहा है। इस तरह क्षेत्र की शांति, ट्रैफिक और नियम-कायदों को बेच अपनी तिजोरी भर ली है।
उसने पास में एक अन्य बिल्डिंग भी बनाई है, जिसमें भी न एमओएस छोड़ा है और न अन्य नियमों का पालन किया है। यहां भी दुकानें बनी हैं, जिनमें एक दुकान येवले की चाय की दुकान है, जिस पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती है, जिनके वाहनों के कारण रहवासियों और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
लक्की की एक और बिल्डिंग जिसमें जैन मिठाई भंडार की दुकान चल रही है, वहां भी यही हाल है। उसने इन अवैध निर्माणों में प्रकोष्ठ भी बना डाले हैं, जबकि इसकी कोई अनुमति नहीं है। आलोक नगर में उसने जो अवैध निर्माण किया है, उसमें िनगम ने उसे नोटिस भी दिया है कि पंद्रह दिन में या तो अवैध निर्माण हटा ले या फिर निगम रिमूवल कार्रवाई करेगा। देवगुराड़िया पंचायत सचिव ने कहा है वे उसे नोटिस दे रहे हैं।
दो जनप्रतिनिधि कर रहे दलाली
सूत्रों ने बताया कि लक्की शर्मा के अवैध निर्माणों के लिए क्षेत्र के दो जनप्रतिनिधि दलाली कर रहे हैं। वे न केवल प्राॅपर्टी बिकवाने में, बल्कि अधिकारियों के साथ सेटिंग कर कोई कार्रवाई न होने देने की कोशिश भी कर रहे हैं, इसीलिए वो बेफिक्र है कि उसके अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वो दावा भी कर रहा है कि जब तक क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उसके साथ हैं, कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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