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लोकायुक्त की कार्रवाई: अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 जनवरी 2026, 1:13 अपराह्न
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लोकायुक्त की कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, सागर।
लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधीक्षण यंत्री एस.एल. बाथम को रिश्वत मामले में पकड़ा है। पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपए लेते समय लोकायुक्त की टीम ने ड्राइवर को रंगेहाथ दबोच लिया।

6 लाख रुपए की मांगी थी रिश्वत
आरोपी अधिकारी ने ठेकेदार से अधूरे कार्यों को दोबारा शुरू कराने और पुराने बिलों का भुगतान कराने के बदले कुल 6 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

काम के बदले मांगी गई थी रिश्वत
शिकायतकर्ता शैलेष कुमार, निवासी बिहार, ने जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना में सागर और केसली विकासखंड के कई गांवों में पाइपलाइन और टंकी निर्माण का ठेका लिया था। वे वर्ष 2022 से इस परियोजना पर काम कर रहे थे।

3.5 प्रतिशत की मांग की
शासन स्तर पर कार्यों का पुनः निरीक्षण होने के बाद अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि स्वीकृत की गई। इन्हीं कार्यों को दोबारा शुरू करने के आदेश और लंबित भुगतान के लिए जब ठेकेदार PHE कार्यालय पहुंचा, तो अधीक्षण यंत्री ने उससे स्वीकृत राशि का करीब 3.5 प्रतिशत यानी 6 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर दी।

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई
रिश्वत से परेशान ठेकेदार ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर बुधवार को ट्रैप टीम गठित की गई।ठेकेदार को पहली किस्त के रूप में 1.50 लाख देकर भेजा गया।

अधीक्षण यंत्री एस.एल. बाथम ने खुद पैसे लेने के बजाय अपने ड्राइवर फूल सिंह यादव को बुलाया। ठेकेदार को गाड़ी में बैठाकर रिश्वत लेने की योजना बनाई गई। जैसे ही ड्राइवर ने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह उईके ने बताया कि अधूरे कार्यों के आदेश और पुराने बिलों के भुगतान के बदले 6 लाख रुपए की मांग की गई थी। पहली किस्त लेते समय कार्रवाई की गई है। अधीक्षण यंत्री और उनके ड्राइवर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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