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शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाने का मामला: इंदौर-भोपाल से दो महिलाओं समेत इतने आरोपी गिरफ्तार; हेड कॉन्स्टेबल ने दी थी धमकाने की सलाह

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मई 2026, 3:07 pm
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शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाने का मामला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर एक करोड़ रुपए की उगाही करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इंटेलिजेंस ब्रांच का एक हेड कॉन्स्टेबल भी आरोपियों के संपर्क में था और उसने ही कारोबारी को धमकाकर रकम वसूलने की सलाह दी थी।

शिकायत दर्ज करवाई थी शराब कारोबारी ने
पुलिस के मुताबिक बाणगंगा क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। चौहान ने बताया कि उनकी पहचान द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से थी, जो पहले से अवैध शराब तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रही है।

प्रॉपर्टी कारोबार के बहाने बढ़ाया संपर्क
शिकायत के अनुसार अलका ने हितेंद्र की मुलाकात खंडवा निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो अलका और लाखन ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

दोबारा संपर्क कर धमकी दी
कुछ समय बाद लाखन ने दोबारा संपर्क कर धमकी दी कि यदि उसने कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं दी तो उसके निजी फोटो और वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने लगातार ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।

सुपर कॉरिडोर पर मारपीट, गोली मारने की धमकी
हितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि करीब 20 दिन पहले वह किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गए थे। वहां अलका, उसका बेटा जयदीप और लाखन चौधरी पहुंचे। तीनों ने उनके साथ मारपीट की और एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए गोली मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि यदि पैसे नहीं दिए तो उन्हें समाज में बदनाम कर दिया जाएगा।

40 जवानों की 7 टीमें, आधी रात चला ‘सीक्रेट मिशन’
शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच सक्रिय हो गई। 17 मई की रात एडिशनल कमिश्नर और तीन डीसीपी की बैठक में आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। पूरे ऑपरेशन को “मिशन सीक्रेट” नाम दिया गया। करीब 40 पुलिस जवानों की 7 अलग-अलग टीमें तैयार की गईं।

एक साथ दी ठिकानों पर दबिश
रात करीब 3 बजे पुलिस ने द्वारकापुरी और पीथमपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सबसे पहले अलका का बेटा जयदीप पकड़ा गया। बाद में अलका दीक्षित को उसके निर्माणाधीन मकान से गिरफ्तार किया गया। दूसरी टीम ने पीथमपुर से लाखन चौधरी को हिरासत में लिया।

भोपाल में छिपी थी श्वेता
इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मामले की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन भोपाल में छिपी हुई है। 18 मई की शाम भोपाल की मिनाल रेसीडेंसी से उसे हिरासत में लिया गया और देर रात पूछताछ के लिए इंदौर लाया गया।

2019 के चर्चित हनी ट्रैप केस से जुड़ा नाम
पुलिस के अनुसार श्वेता जैन वही महिला है, जिसका नाम वर्ष 2019 के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में सामने आया था और वह उस केस में सजा भी काट चुकी है। पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से इसी तरह के संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़ी रही है।

हेड कॉन्स्टेबल की भूमिका से पुलिस महकमे में हड़कंप
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इंटेलिजेंस ब्रांच में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा लगातार अलका दीक्षित के संपर्क में था। दोनों के बीच हुई चैटिंग और डिजिटल सबूत भी पुलिस को मिले हैं।

फोटो और वीडियो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। इसके बाद विनोद ने ही अलका को कारोबारी पर दबाव बनाकर रकम वसूलने की सलाह दी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि विनोद शर्मा पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थाने में भी पदस्थ रह चुका है।

शराब तस्करी से ड्रग नेटवर्क तक पहुंची अलका
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अलका दीक्षित पर 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले शराब तस्करी से जुड़ी थी और बाद में ड्रग नेटवर्क से भी उसका नाम सामने आया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और उगाही का धंधा चला रहे थे। फिलहाल क्राइम ब्रांच सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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