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बलाई समाज के प्रदेश अध्यक्ष को जान का खतरा: पुलिस से मांगी सुरक्षा; सोशल मीडिया धमकी के बाद मर्डर प्लान का आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 मई 2026, 5:03 pm
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बलाई समाज के प्रदेश अध्यक्ष को जान का खतरा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बलाई समाज के प्रदेश अध्यक्ष चिंटू मालवीय ने कुछ लोगों पर जान से मारने की साजिश रचने, हथियारों के साथ हमला करने की तैयारी करने और सोशल मीडिया के जरिए धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुरक्षा की मांग
मामले में चिंटू ने पुलिस अधीक्षक और कनाडिया थाना प्रभारी को शिकायत देकर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। संचार नगर निवासी चिंटू चरण मालवीय ने अपने आवेदन में बताया कि 29 मई की रात उसे विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक षड्यंत्र रचा गया है।

हमला करने की योजना बना रहे थे
शिकायत के मुताबिक लकी मालवीय, शुभम मालवीय, अनिकेत चौहान, हैदर दादा और राहुल परमार नामक युवक खजराना दरगाह क्षेत्र के आसपास एकत्रित हुए थे और उस पर हमला करने की योजना बना रहे थे। हमलावरों के पास पिस्तौल, चाकू, तलवार सहित अन्य घातक हथियार मौजूद थे।

धमकी भरी और उकसाने वाली पोस्ट डाली
शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पास मौजूद वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी हमला करने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण घटना को अंजाम नहीं दे पाए। चिंटू चरण ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके खिलाफ धमकी भरी और उकसाने वाली पोस्ट भी डाली गई हैं।

परिवार की सुरक्षा की मांग
इन पोस्टों के स्क्रीनशॉट और डिजिटल साक्ष्य उसके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें वह थाने को सौंपने के लिए तैयार है। घटना के बाद से वह और उसका परिवार लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उसे आशंका है कि आरोपी किसी भी समय उसके या परिवार के सदस्यों के साथ गंभीर वारदात कर सकते हैं।

जीवन पर मंडरा रहा खतरा
आरोपियों के पास हथियार होने और खुलेआम धमकियां देने की वजह से उसके जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। शिकायत में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराई जाए।

इनको शामिल करने की मांग
साथ ही आरोपियों के कब्जे में मौजूद अवैध हथियारों की पड़ताल कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने अपने द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में शामिल करने की भी मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति हो हिरासत में लिया है।

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