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बैंक खातों, हवाला लिंक और विदेशी एप से जुड़े सुराग मिले: आईपीएल सट्टा मामले में अब परतें खंगाल रही क्राइम ब्रांच

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 मई 2026, 3:23 pm
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बापजी नगर सट्टा कनेक्शन में बड़े बुकी रडार पर, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बापजी नगर में पकड़े गए हाईटेक आईपीएल सट्टा सिंडिकेट मामले में अब जांच सिर्फ आठ सटोरियों तक सीमित नहीं रही है। क्राइम ब्रांच को पूछताछ और डिजिटल जांच में ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे बड़े बुकी, हवाला नेटवर्क और बाहरी राज्यों से जुड़े फाइनेंसरों की भूमिका सामने आने लगी है।

पुलिस अब नेटवर्क की आर्थिक कड़ियों को खंगालने में जुट गई है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राजेंद्रदास, रामास्वामी, चिन्मय साहू, आनंद प्रधान, अविनाश ठाकुर, कुणालदास, शशांक नेगी व विकास विश्वाल से पूछताछ की जा रही है।

रकम हवाला चैनलों के जरिए बाहर भेजे जाने की आशंका- आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, संदिग्ध बैंक खातों और कई फर्जी आईडी की जानकारी मिली है।

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टे की रकम सीधे खातों में नहीं ली जाती थी, बल्कि अलग-अलग यूपीआई आईडी और ई-वॉलेट के जरिए घुमाई जाती थी।

इसके बाद रकम हवाला चैनलों के जरिए बाहर भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है।जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनमें रोजाना लाखों रुपए के लेनदेन के संकेत हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आईपीएल सीजन के दौरान इस नेटवर्क के जरिए कुल कितना कारोबार किया गया।

अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपी सिर्फ ऑपरेटर थे, जबकि असली नेटवर्क इसके पीछे बैठकर पूरा खेल संचालित कर रहा था।

सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में कुछ बड़े बुकी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालकों के नाम भी सामने आए हैं, जिनका कनेक्शन दूसरे राज्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच अब ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के अन्य शहरों तक जांच का दायरा बढ़ा सकती है।

कुछ संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी साइबर एजेंसियों को भी भेजी गई है। गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच ने बापजी नगर स्थित मकान पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

मौके से 23 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 13 डेबिट कार्ड और सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे।

अब पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि इंदौर में किराए के मकानों से संचालित हो रहे ऐसे और कितने ऑनलाइन सट्टा अड्डे सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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