लारेंस-हैरी नेटवर्क के मालवा कनेक्शन का खुलासा: कर्जदार युवकों से तैयार हो रही थी सुपारी गैंग
KHULASA FIRST
संवाददाता

5 करोड़ की रंगदारी के लिए कारोबारी पर हमले की थी तैयारी, हरिद्वार से पकड़ाए शूटर उपलब्ध कराने वाले राहुल उर्फ बाबा का खुलासा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई और उसके करीबी हैरी बाक्सर के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने और कारोबारियों पर हमले की साजिश रचने वाले नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार राहुल उर्फ बाबा को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया आरोपी न केवल शूटरों की व्यवस्था करता था, बल्कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे युवकों को गैंग से जोड़कर अपराध की दुनिया में धकेलने का काम भी कर रहा था।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, रेसकोर्स रोड निवासी कॉलोनाइजर विवेक दम्मानी से हैरी बाक्सर ने लारेंस बिश्नोई के नाम पर पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर हमले की तैयारी थी। कारोबारी की रैकी का जिम्मा राजपाल चंद्रावत को सौंपा गया था।
एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब गिरफ्तार राजपाल चंद्रावत ने बताया फायरिंग और हमले की साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी देवास जिले के बिंजाना निवासी राहुल उर्फ बाबा को दी गई थी। दोनों के बीच ऑनलाइन 40 हजार रुपए लेन-देन भी हुआ था।
रैली में पहचान हुई, फिर बना ली गैंग
पूछताछ में सामने आया जून 2024 में सर्व राजपूत समाज की महाराणा प्रताप रैली के दौरान राहुल की मुलाकात राजपाल चंद्रावत से हुई थी। उस समय राहुल करीब 10 लाख रुपए के कर्ज में डूबा था।
राजपाल ने उसे मदद और कर्ज उतारने का भरोसा दिया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे गैंग के संपर्क में आ गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ राहुल को सबसे पहले कसरावद के बायो कॉटन कारोबारी दिलीपसिंह राठौर पर हमले की जिम्मेदारी दी गई थी।
राहुल ने अंशुपाल, अमन और मलखान नामक युवकों को तैयार कर फायरिंग को अंजाम दिलवाया। इसके बाद विवेक दम्मानी पर हमले की तैयारी में जुटा था, लेकिन पुलिस ने साजिश विफल कर दी। राहुल की तलाश में क्राइम ब्रांच, एसआईटी, एसटीएफ और खरगोन पुलिस थी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए वह ओडिशा और उत्तराखंड में ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार हरिद्वार में लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
आदतन अपराधी है राहुल, कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार राहुल के खिलाफ पूर्व से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने 10 और एसटीएफ ने 15 हजार रुपए इनाम घोषित किया था। अब एसटीएफ अशोकनगर के एक अनाज कारोबारी को धमकाने और रंजन मित्तल प्रकरण में भी पूछताछ करेगी।
अब तक राजपाल चंद्रावत, नाना उर्फ रोहित बर्रा, सोनू उर्फ रितेश खंगार, सचिन उर्फ वेदप्रकाश शर्मा और कुलदीप सिंह सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस को उम्मीद है राहुल से पूछताछ में लारेंस-हैरी गैंग के स्थानीय नेटवर्क, फंडिंग, शूटर सप्लाई चेन और कारोबारियों को निशाना बनाने की रणनीति को लेकर कई और अहम खुलासे होंगे।
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