बगीचे की जमीन पर बेखौफ होकर भूमाफिया बेच रहा प्लॉट: निगम अफसरों की मिलीभगत से जमीन के जादूगरों ने सरकारी जमीन का किया सौदा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से विदुर नगर के नाम से भूमाफिया बगीचे की जमीन पर प्लॉट बेच रहा है। इस तरह धड़ल्ले से सरकारी जमीन का सौदा हो रहा है और जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। इस मामले की कई बार शिकायतें होने के बाद भी अब तक निगम ने जांच कर कार्रवाई नहीं की है। इससे भूमाफिया के हौसले बढ़े हुए हैं।
नगर निगम में अफसरशाही हावी है। इसके चलते शहर में सरकारी जमीन, ग्रीन बेल्ट की जमीन या सरकारी बगीचे के जमीन बेचने का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। यही नहीं, जमीन के जादूगर भी अफसरों से मिलीभगत कर मनमानी कर कमाई करने में लगे हुए हैं। इससे सिरपुर क्षेत्र में अवैध निर्माण जारी है।
ऐसे ही एक मामले में निगम जोन 21 के विदुर नगर गृह निर्माण संस्था का कर्ताधर्ता राजकुमार खतूरिया और आशीष पोरवाल आपसी मिलीभगत से झूलेलाल संस्था की जमीन पर कब्जा कर उसके सौदे कर रहे हैं।
वहीं जमीन पर बनाया गया बगीचा भी भूमाफियाओं के लिए किरकिरी बन गया है। इसके चलते जमीन के जादूगर बगीचे की जमीन पर प्लॉट के सौदे कर रहे हैं।
इस तरह विदुर नगर और झूलेलाल संस्था की कमान संभाल रहे भूमाफिया राजकुमार खतूरिया ने खुलेआम जमीन के सौदे शुरू कर दिए हैं। इससे सिरपुर क्षेत्र में बगीचे की सरकारी जमीन पर मकान बनाए जाने लगे हैं।
इस मामले की शिकायत होने के बाद भी निगम अफसरों ने इन निर्माणों की सुध नहीं ली है। इससे भूमाफिया के हौसले बढ़ गए हैं।
बैंक वालों से कर ली मिलीभगत
भूमाफिया राजकुमार खतूरिया संस्था के नाम पर सरकारी जमीन के सौदे कर रहा है। इसके चलते प्लॉट के सौदे दस से चालीस लाख रुपए तक में हो रहे हैं। भूमाफिया ने अपने खेल में क्षेत्र के छुटभैये नेताओं व दलालों को भी मिला लिया है। इसके चलते वह सौदा कर वहां मकान निर्माण भी करा रहा है।
भूमाफिया के मिलीभगत के इस खेल में बैंक वालों को भी मिला लिया है। इसके चलते बैंक सरकारी व निजी जमीन की जानकारी लिए बिना ही धड़ल्ले से फाइनेंस भी कर रही है। इससे सिरपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन के सौदे कर सरकारी जमीन पर नई कालोनी की बसाहट की जा रही है।
जमीन है नहीं, फिर भी सौदे
बताया जाता है कि विदुर नगर संस्था के पास जमीन नहीं है। वहीं झूलेलाल संस्था के पास जो जमीन थी उसे भी बेच दिया गया है। इसके बाद भी भूमाफिया धड़ल्ले से जमीन के सौदे कर रहा है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि जब उसके पास जमीन नहीं है तो वह प्लॉट के सौदे कैसे कर रहा है।
इसे लेकर चर्चा है कि भूमाफिया ने सरकारी बगीचे की जमीन पर प्लाट के सौदे शुरू कर दिए हैं। यही नहीं, संस्था की जमीन से सटी सरकारी जमीन के भी सौदे कर दिए हैं। इस तरह वह संस्था के नाम पर सरकारी जमीन के सौदे कर कमाई करने में जुटा हुआ है।
दिखावे की जांच
बताया जाता है कि भूमाफिया जिस जमीन का सौदा करता है उसे लेकर की जाने वाली शिकायतों की निगम अफसरों द्वारा अनदेखी की जा रही है। इसी वजह से उस क्षेत्र की जमीन के सौदे करने से पहले निगम अफसरों से मिलीभगत कर ली गई है। इसके चलते शिकायत होने के बाद भी निगम अफसर महज दिखावे की जांच का ढिंढोरा तो पीटते हैं, लेकिन भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है।
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