कंगारू क्रिकेट का 'ब्लैकआउट': शर्मनाक विदाई पर पूर्व दिग्गजों ने उठाए चयन पर सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, हेमंत उपाध्याय।
क्रिकेट की दुनिया में एक पुरानी कहावत है—"कभी भी घायल शेर को कम मत आंकना।" लेकिन मौजूदा टी-20 क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट में यह कहावत अब इतिहास के पन्नों में दफन हो गई है। जिम्बाब्वे की उत्साही टीम के आगे सिर झुकाने के बाद लाचार कंगारू यानी ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी निराशा और शर्म के माहौल में ही घर लौटने को मजबूर होंगे । कभी दुनिया की टीमों के सामने खतरा और संकट का कारण बनी इस टीम का अजेय गुरूर जिस कदर टुकड़े-टुकड़े हुआ है उसे देखकर क्रिकेट दुनिया के दिग्गज भी दंग हैं।
जिम्बाब्वे के बाद श्रीलंका ने ठोंकी ताबूत में कील
श्रीलंका की टर्न लेती पिचों और जिम्बाब्वे के फौलादी जज्बे के सामने ऑस्ट्रेलिया टीम के घुटने टेकने के बाद यह सौ टके का सवाल था कि अब इस टीम का आगे क्या होगा, लेकिन श्रीलंका से शर्मनाक पराजय के बाद ही 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया टीम इस बार टी-20 विश्व कप के लीग राउंड से ही बाहर हो गई है। 2021में एरोन फिंच की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने दुबई में न्यूजीलैंड को शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया था।
बारिश से मैच ही नहीं धुला, उम्मीदों पर भी पानी फिरा
मंगलवार को जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में मैच बारिश ही नहीं धुला, जहां ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पानी फिर गया, वहीं ऊंचे मनोबल के साथ जिम्बाब्वे टीम टूर्नामेंट की सुपर-8 टीमों में शामिल हो गई। जिस मैच ने कंगारुओं को बाहर किया उसमें तो टॉस भी नहीं हो सका।
जिम्बाब्वे ने 2028 के विश्व कप का टिकट भी पक्का किया
और हां जिम्बाब्वे टीम ने केवल विश्व कप के सुपर-8 में ही स्थान नहीं बनाया उसने 2028 में खेले जाने वाले टी-20 विश्व कप के लिए भी पात्रता हासिल कर ली है। जिम्बाब्वे टीम को अब क्वालिफायर नहीं खेलना होगा, क्योंकि नियमों के अनुसार शीर्ष-8 टीमें और मेजबान देश (संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मेजबान) विश्व कप में सीधे प्रवेश पाते हैं, जबकि शेष टीमों को टूर्नामेंट में प्रवेश के लिए क्वालिफायर खेलना होता है।
किसी दुःस्वप्न की तरह रहा यह सफर
ऑस्ट्रेलिया के लिए मौजूदा विश्व कप का सफर किसी दुःस्वप्न जैसा ही रहा है। शुरुआती मैच में आयरलैंड के खिलाफ 67 रनों की एकतरफा जीत के बाद टीम की छवि और प्रदर्शन दोनों ध्वस्त हो गए। जहां जिम्बाब्वे ने उसे 23 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया वहीं टूर्नामेंट के सह-मेजबान श्रीलंका के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में वह आठ विकेट के बड़े अंतर से पराजित हो गई और कल जिम्बाब्वे और आयरलैंड का मैच बारिश के कारण रद्द होते ही ऑस्ट्रेलिया आधिकारिक तौर पर इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
अब ओमान के खिलाफ महत्वहीन मुकाबला
अब ओमान के खिलाफ उनकी संभावित जीत भी उसे अधिकतम 4 अंकों तक ही पहुँचा पाएगी, श्रीलंका (6 अंक) और जिम्बाब्वे (5 अंक) ने पहले ही क्वालीफाई कर लिया है। मिचेल मार्श की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन अपेक्षाओं की कसौटी पर नहीं पहुंच सका। दूसरी बार इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए यह शर्म का पल आया है। इससे पहले वर्ष 2009 में रिकी पोंटिंग के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया टीम को लीग राउंड से बाहर होना पड़ा था। खिताब के दावेदारों में शुमार टीम बिखरी-बिखरी नजर आई, भले ही वह अब अंतिम मैच में अपने जख्मों पर कुछ मरहम लगा ले, लेकिन ये जख्म जल्दी ठीक नहीं होने वाले हैं।
क्या यह एक युग का अंत है
क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि फटाफट क्रिकेट के इस संस्करण में कंगारू क्रिकेट का 'ब्लैकआउट' केवल एक पराजय नहीं, बल्कि एक युग के अंत जैसा माना जाना चाहिये। अब 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ होने वाला मैच केवल एक 'औपचारिकता' बनकर रह गया है, जिसमें बड़ी या छोटी कोई भी जीत भी ऑस्ट्रेलिया को अगले दौर का टिकट नहीं दिला सकती।
सफलता के सौ बाप होते हैं, विफलता हमेशा अनाथ
जाहिर है सफलता के सौ बाप होते हैं, लेकिन विफलता हमेशा अनाथ होती है। ऑस्ट्रेलिया के इस शर्मनाक सफर पर यह कहावत सटीक बैठती है, क्योंकि अब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सितारे टीम पर निशाना साध रहे हैं। जब 2021 में इसी टीम ने खिताब जीता था, तब चयनकर्ताओं की दूरदर्शिता के कसीदे पढ़े गए थे, लेकिन अब चयनकर्ता 'विलेन' बन चुके हैं। पूर्व क्रिकेटर मार्क वॉ और इयान हीली जैसे पूर्व दिग्गजों ने तीखा प्रहार सीधे टीम चयन और खिलाड़ियों की मानसिकता पर किया है।
बकौल मार्क वॉ -"यह पूरा अभियान शुरू से ही गलत दिशा में था। स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी को बाहर रखना मेरी समझ से परे है। जब आपके पास स्पिन की मददगार पिचें हों, तो आप अपने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को बेंच पर कैसे बैठा सकते हैं? यह टीम के लिए अपमानजनक स्थिति है।"
और इयान हीली का कहना है- "इस टीम में क्लास की कमी दिखी। गेंदबाजी आक्रमण बेहद साधारण था और चयनकर्ताओं ने जो टीम चुनी, उसने हमें निराश किया। हमने अपनी साख दांव पर लगा दी है।"
एक से ज्यादा कारण हैं इस पराजय के
कई कारण बताए जाएंगे इस विफलता के जिनमें खिलाड़ियों का चयन, अनुभवी गेंदबाजों की अनुपस्थिति में कमजोर आक्रमण, स्टीव स्मिथ को न लेना, स्पिन गेंदबाजी के सामने लाचार हो जाना और नामी सितारों का शीर्ष और मध्य क्रम में निराश करना आदि-आदि शामिल हैं।
कप्तान मिचेल मार्श का यह कहना है
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श का कहना है कि यह हमारे क्रिकेट इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक है। हमने अहम मौकों पर गलतियाँ कीं और जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली हार ने हमें बैकफुट पर धकेल दिया। चोटें बहाना नहीं हो सकतीं, सच यह है कि हम एक टीम के रूप में अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेल पाए। हमें अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करना होगा।
पहला मैच जो मौजूदा विश्व कप में रद्द हुआ
मौजूदा टी-20 विश्व कप में पहला मैच रद्द हुआ है। इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक 8 मैच रद्द हुए हैं। 2016 में जहां 2 मैच रद्द हुए थे वहीं, 2007, 2010, 2012, 2022 और 2024 में भी एक-एक मैच रद्द करना पड़ा था।
क्रिकेट की यह महाशक्ति अब घर वापसी की तैयारी में है, जबकि जिम्बाब्वे जैसी टीमें अपने जज्बे से दुनिया को चौंका रही हैं। फिर कह रहे हैं नजर रखिये इस बार चौंकाने वाले नतीजे आगे भी देखने को मिल सकते हैं।
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