भाजपा में गहराया कालरा विवाद मालिनी से बात करेंगे खंडेलवाल: भीतरी गुटबाजी; मामा ने किया कार्रवाई का विरोध, निगम जनसुनवाई में पहुंचे पीड़ित
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
करीब सवा साल बाद भाजपा में पार्षद कमलेश कालरा विवाद फिर गर्मा गया है। अब उन पर खातीवाला टैंक महाकाल चौराहा की दुकानों को पैसा न देने पर तुड़वाने का आरोप लगा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक ये मामला पहुंचा है, जो विधायक मालिनी गौड़ से बात करेंगे।
इस विवाद में भाजपा की गुटीय राजनीति भी उभर आई है। मंत्री समर्थक एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा मामा ने कालरा द्वारा करवाई गई कार्रवाई का विरोध किया है। कल निगम की सुनवाई में भी पीड़ित पहुंचे और उन्होंने कालरा पर 70 हजार रुपए प्रतिमाह मांगने का आरोप लगाया।
जनवरी 2025 में भाजपा पार्षद जीतू यादव के साथ विवाद, मारपीट से सुर्खियों में आए क्षेत्र-4 के वार्ड-65 के विधायक मालिनी गौड़ समर्थक पार्षद कमलेश कालरा पर करीब 25 वर्ष पूर्व कांग्रेस नेता शैलेश गर्ग के पिता तेजराम गर्ग द्वारा सड़क पर बनवाई गई सात दुकानों को तुड़वाने का आरोप लगा है।
कहा जा रहा है कि कालरा ने प्रति दुकान 10 हजार रुपए महीना की मांग की थी व असमर्थता जताने पर दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया। कालरा के तीन आॉडियो भी वायरल हुए, जिनमें विजय नामक व्यक्ति दुकानों का आधा किराया लेने की बात कर रहा है, वहीं मुन्ना भी इन्हीं दुकानों को लेकर सेटिंग की बात कर रहा है। कालरा उनकी बातों से सहमत दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे भी दुकानों का पैसा चाहते थे।
भाजपा की भीतरी राजनीति फिर खुलकर आई सामने
शहर भाजपा में क्षेत्र-2 व 4 के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई भी खुलकर सामने आ गई। मंत्री समर्थक एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा मामा ने कहा है कि दुकानों में गरीब लोग थे, जिन पर ऐसा अत्याचार नहीं करना था। पार्षद कालरा ने जो किया वो उचित नहीं है।
उन्होंने बताया शनिवार को सारे पीड़ित उनके पास आए थे, जिन्हें निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के पास भेजकर आग्रह किया था कि कालरा द्वारा मांगे जा रहे पैसे न दे पाने के कारण उन दुकानदारों पर संकट न आए, ऐसी व्यवस्था करें।
पीड़ितों का आरोप- पैसा मांगा
उधर, सारे पीड़ित दुकानदार कल नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंचे और पार्षद कालरा पर पैसा मांगने व न देने पर दुकानें तुड़वाने का आरोप लगाया। विजय चौहान, अनीता बड़ोनिया, विक्रम महोशीया, फरीद शेख, ज्योति महोशीया, अमित राजदेव और वीरेंद्र ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि पार्षद कमलेश कालरा उनसे हर दुकान के बदले 10 हजार रुपए प्रति माह मांग रहे थे।
उन्होंने बताया कि निगम की रिमूवल टीम के कर्मचारियों ने भी उन्हें पार्षद से मिलकर मामला सुलझाने को कहा था। पैसा देने में असमर्थता जताने पर कालरा ने तोडफ़ोड़ की कार्रवाई करवाई। अधिकारियों ने मामले की जांच करने की बात कही है।
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