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जैन मंदिर चोरी का ऐसे हुआ खुलासा: सीसीटीवी फुटेज ने धोखा दिया तो फिंगरप्रिंट ने काम किया; आरोपियों को पकड़ने कहां गई पुलिस

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 मई 2026, 3:25 pm
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जैन मंदिर चोरी का ऐसे हुआ खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सुपर कॉरीडोर स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में हुई चोरी की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जहां सीसीटीवी फुटेज ने धोखा दिया, वहां फिंगरप्रिंट ने काम किया। FSL जांच में मिले फिंगरप्रिंट के आधार पर पुलिस आरोपी लखन तक पहुंची और अब चोरी का माल लेकर भागे अन्य आरोपियों को दबोचने पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना हो गई है।

कैसे टूटा सुराग
सोमवार को मंदिर में चोरी की वारदात के बाद जोन-1 पुलिस ने विशेष टीम गठित की। FSL टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट जुटाए। सीसीटीवी फुटेज में किसी आरोपी की स्पष्ट पहचान नहीं हो पाई, लेकिन फिंगरप्रिंट का मिलान तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में पहले से दर्ज आरोपी लखन के रिकॉर्ड से हो गया। लखन और उसके साथी बलराम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

महाराष्ट्र से बुलाए थे साथी
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह चोरी सुनियोजित तरीके से की गई थी। लखन और रामबाबू ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथियों दीपक चौहान, गोलू और अन्य को खासतौर पर महाराष्ट्र से बुलाया था। काम होते ही ये साथी मूर्तियां और कीमती सामान लेकर वापस महाराष्ट्र फरार हो गए। पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली है और माल बरामदगी के लिए टीम महाराष्ट्र रवाना हो चुकी है।

पुराना आपराधिक इतिहास, 25 लाख की चोरी में भी शक
लखन मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है। तेजाजी नगर थाने में उसके खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है और अन्य राज्यों में भी आपराधिक रिकॉर्ड बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि यही गैंग 25 लाख रुपए की एक अन्य चोरी में भी शामिल हो सकता है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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