हादसे के विरोध में जैन समाज का प्रदर्शन: मौन रैली निकालकर कहां पहुंचे; धरना दिया, किस बात पर अड़े
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जैन समाज ने रीवा में दो जैन साध्वियों की सड़क हादसे में मौत के विरोध में मौन रैली निकाली। बड़ी संख्या में समाजजन राजबाड़ा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को सीधे ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़ गए।
सुबह से ही समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचने लगे थे। समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि कलेक्टर स्वयं उपस्थित होकर ज्ञापन लें। प्रशासन की ओर से कुछ पदाधिकारियों को ऊपर बुलाकर ज्ञापन देने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन समाजजन इससे सहमत नहीं हुए। समाज के लोगों का कहना था कि यह मामला उनकी आस्था और साधु-संतों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए ज्ञापन सीधे कलेक्टर को ही सौंपा जाएगा।
परिसर में धरने पर बैठे समाजजन
मांग पूरी नहीं होने पर बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्टर कार्यालय परिसर में ही जमीन पर बैठ गए और शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी लंबे समय तक कलेक्टर के आने का इंतजार करते रहे।
रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इन पर ‘हम न्याय चाहते हैं’, ‘संतों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल लागू करो’ और ‘अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले असुरक्षित क्यों’ जैसे संदेश लिखे थे।
साधु-संतों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल की मांग
समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि देशभर में विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल बनाया जाए। साथ ही सड़क मार्ग से विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई।
रीवा हादसे के बाद बढ़ा आक्रोश
दरअसल, 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के सामने सड़क किनारे पैदल विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में पूज्य श्रुतमति माताजी और उपशममति माताजी का समाधिमरण हो गया था, जबकि एक अन्य आर्यिका माताजी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है और कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!