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यह हादसा नहीं, हत्या है: क्रूज हादसे पर फूटा मृतकों के परिजनों का आक्रोश; सर्च ऑपरेशन अंतिम चरण में

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 मई 2026, 2:18 pm
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यह हादसा नहीं, हत्या है

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार सुबह रेस्क्यू टीमों ने दो और शव बरामद किए—कामराज और उनके 8 वर्षीय भतीजे मयूरन के। इसके साथ ही चार दिन से चल रहा सर्च ऑपरेशन लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।

आज सुबह मिले चाचा-भतीजे के शव
सुबह करीब 6 बजे मयूरन का शव मिला, जो तमिलनाडु के त्रिची से परिवार के साथ घूमने आया था। इसके कुछ घंटे बाद, सुबह 9:40 बजे कामराज का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों के शव मिलते ही परिजनों का दुख गुस्से में बदल गया।

“हादसा नहीं, मर्डर है… हमें मुआवजा नहीं, न्याय चाहिए”
कामराज के दोस्त और सहकर्मी ने प्रशासन और पर्यटन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है। हमें रेमेडी नहीं, जस्टिस चाहिए। पूरा टूरिज्म डिपार्टमेंट जिम्मेदार है। अब तक कितने अफसर गिरफ्तार हुए? बोट ऑपरेटर कहां है?

मुआवजा नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता
उन्होंने यह भी कहा कि कामराज करीब 1 लाख रुपए मासिक वेतन पाते थे, ऐसे में मुआवजा इस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है। जब तक जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, न्याय अधूरा रहेगा।अब तक कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, एहतियात के तौर पर सर्चिंग अभियान जारी रहेगा, ताकि कोई भी लापता व्यक्ति शेष न रह जाए।

कैसे हुआ हादसा?
30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज तेज हवाओं के बीच पलट गया। उस समय क्रूज में करीब 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों के ही जारी हुए थे। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ, जब हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी और लहरें अचानक उग्र हो गई थीं।

सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या क्रूज में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया? क्या सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई थी? खराब मौसम के बावजूद क्रूज को चलाने की अनुमति क्यों दी गई? और सबसे अहम यह कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? परिजनों की मांग साफ है कि सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जवाबदेही तय हो और दोषियों को सजा मिले।


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