इस्लाम वाघेला बहू का हत्यारा ही नहीं: जमीन का बड़ा धोखेबाज भी; ऐसी भूमि पर प्रशांत सागर अपार्टमेंट तनवाया, जिसमें उसने फर्जी बंटवारा किया था
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मासूम बहू अंजुम बी की 13 मई 2025 की रात बेटे अजहर के साथ मिलकर हत्या कर आत्महत्या करार देने की कोशिश करने वाला खजराना क्षेत्र का भूमाफिया इस्लाम पटेल वाघेला जमीन का बड़ा धोखेबाज है।
उसने कनाड़िया रोड की जिस जमीन पर प्रशांत सागर अपार्टमेंट बनवा दिया, वह जमीन उसने फर्जी बंटवारे और नामांतरण से हथियाई थी। खुलासा हुआ तो इसका आगे का निर्माण बंद हो गया।
जिन लोगों ने इसमें इन्वेस्टमेंट कर दिया था, वे अब जीवनभर की कमाई इस्लाम जैसे भ्रष्ट और धोखेबाज भूमाफिया के हाथों लुटाकर अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं।
उल्लेखनीय है इस्लाम वाघेला पटेल ने अपने छोटे बेटे अजहर के साथ मिलकर बहू अंजुम बी की हत्या कर दी थी, जैसा कि उसके पिता देपालपुर से गौतमपुरा रोड स्थित ग्राम रुदाख्या निवासी मोहम्मद पटेल का आरोप है।
उन्होंने बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर इस्लाम, अजहर और अन्य परिजन के खिलाफ केस भी दर्ज करा रखा है, जिस पर 3 जून को सुनवाई होगी। इस केस में इस्लाम और उसके बेटे अजहर समेत पूरा परिवार आरोपी है और पटेल के अनुसार उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत और गवाह हैं। इस्लाम के परिवार को सजा होना तय है।
इसी से घबराकर उसने अपने बड़े बेटे इरफान के ससुर और पूर्व भाजपा पार्षद उस्मान पटेल के भाई इस्माईल के साथ मिलकर गत 18 मई की शाम उनके रुदाख्या स्थित घर पर हमला किया था। ये दोनों कार में बैठे रहे, जबकि उसके गुंडे और ड्राइवर उनके व पूरे परिवार को धमकाते रहे।
पिता मोहम्मद पटेल बताते हैं कि एक गुंडे ने उनकी कनपटी पर रिवॉल्वर रखकर कहा था कि अपना केस वापस ले ले, वर्ना पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। इसकी जांच अभी गौतमपुरा पुलिस कर रही है।
आसपास वालों के बयान हो गए हैं, जिन्होंने तस्दीक की है कि घटना वाली रात काले रंग की कार आई थी और उसमें बैठे दो लोग गुंडों को दिशा-निर्देश देकर पटेल के घर में हंगामा करवा रहे थे।
दरअसल, वाघेला परिवार खुलासा फर्स्ट में छपी सच्ची और प्रामाणिक खबरों के बाद बौखला गया था और उसे डर सता रहा है कि कहीं जेल न हो जाए। बहरहाल, बहू की हत्या में शामिल रहे इस्लाम पटेल वाघेला का एक और कारनामा सामने आया है।
उसने कनाड़िया रोड पर संचार नगर की 28.16 एकड़ जमीन के फर्जी बंटवारे की झूठी जानकारी देकर बिल्डर संजय आनंद से प्रशांत सागर अपार्टमेंट तनवा दिया। इस फर्जी बंटवारे का केस पीड़ित रशीद पटेल ने कोर्ट में लगा रखा है, जिसकी जानकारी उसने छिपा ली थी।
इस्लाम वाघेला ने साठगांठ कर न केवल जमीन की टीएनसी करवा ली, बल्कि निगम से अनुमति भी प्राप्त कर ली। जब ये जानकारी सामने आई तो संजय आनंद ने काम बंद कर दिया।
उनका कहना है कि जमीन को अविवादित बताया गया था, लेकिन बाद में जब पता चला तो हमने काम बंद कर दिया। गड़बड़ हुई है तो इसके लिए हमें जमीन देने वाला (इस्लाम वाघेला पटेल) जिम्मेदार है।
ऐसे तन रहा था प्रशांत सागर अपार्टमेंट
ये बिल्डिंग सर्वे नं. 1159/1, 1159/2, 1160/1, 1160/2, 1164/1 पर बन रही थी। इसका टीएनसीपी क्र. 7039/नग्रानि/एसएसटी/2009 दिनांक 3 दिसंबर 2010 और आईडीए की ओर से एनओसी क्र. 524/भूअर्जन दिनांक 21 जनवरी 2011 की है।
इस जमीन का डायवर्शन 22 जनवरी 2011 को कुल 83169 वर्गफीट का किया गया, जिसके लिए भूराजस्व निर्धारण शुल्क 76,810 रुपए चुकाए गए थे। इस्लाम पटेल के झूठ और धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद 15 अप्रैल 2011 को डायवर्शन निरस्त कर दिया गया।
इससे पूर्व टीएनसीपी भी आदेश क्र. 3269 के जरिये 16 मई 2010 को निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद नगर निगम द्वारा दी गई बिल्डिंग परमिशन भी 8 सितंबर 2011 को निरस्त कर दी गई।
इन कार्रवाईयों के बाद इस्लाम वाघेला ने अपने दांव चले, जैसे जमीन हथियाने में चले थे और वापस अनुमतियां हासिल कर लीं। अपर आयुक्त कार्यालय ने 29 फरवरी 2012 को डायवर्शन को यथास्थिति रखा, टीएनसीपी डायरेक्टर संजय मिश्रा ने इस आदेश का हवाला देकर 13 मार्च 2012 को 3 दिसंबर 2010 में दी गई अनुमति बहाल कर दी।
27 मार्च 2012 को बिल्डिंग परमिशन भी बहाल कर दी गई। इस तरह धोखेबाजी की पटकथा इस्लाम वाघेला पटेल ने लिखी और पूरी की, लेकिन प्रशांत सागर अपार्टमेंट में स्कूटर, कार, फ्रीज आदि उपहार के लालच में फ्लैट बुक कराने वाले तमाम लोगों का पैसा फंस गया।
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