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किसानों से भी इस्लाम वाघेला ने किया धोखा: अब साध ली चुप्पी; जो दस्तावेज दिखा रहा है, वो फर्जी तौर पर तैयार कराए

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 मई 2026, 4:20 pm
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किसानों से भी इस्लाम वाघेला ने किया धोखा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बहुचर्चित ‘प्रशांत सागर’ बिल्डिंग के निर्माण में फर्जी साझेदारी दस्तावेजों के आधार पर डेवलपर संजय आनंद के साथ रेशोडील करने वाले कुख्यात भूमाफिया इस्लाम पटेल वाघेला ने किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की और अब इस मामले में करोड़ों रुपया अपनी तिजोरी में भरकर चुप्पी साध कर बैठ गया है।

जो दस्तावेज वो दिखा रहा है वो फर्जी तौर पर तैयार कराए गए हैं। पीड़ित आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं और उन्हें इस्लाम पटेल वाघेला की ओर से धमकियां भी मिल रही हैं।

संचार नगर से लगी ग्राम खजराना की 28.16 एकड़ जमीन पर इस्लाम ने फर्जी साझेदारी दस्तावेजों पर कब्जा जमा लिया था, जिसकी एफआईआर भी पीड़ित रशीद पटेल ने दर्ज करा रखी है।

इस मामले को खुलासा फर्स्ट ने फिर उठाया तो पीड़ित इस्लाम पर कई आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस्लाम वाघेला ने डेवलपर संजय आनंद के साथ 17 फरवरी 2011 को सागर बी, मुलका बी, हमीदा बी, युसूफ पटेल (इस्लाम का भतीजा), आमीन पटेल, इरफान (बेटा) पटेल, अनिल पिता करसनभाई पटेल को आगे करके डेवलपर प्रशांत सागर बिल्डर्स डेवलपर्स प्रालि (पता-जी-1 महासागर कारपोरेट सेंटर, मनोरमागंज) से अनुबंध कराया था।

ये अनुबंध ग्राम खजराना की सर्वे नं 1159/1, 1159/2, 1160/1, 1164/1 पर कुल जमीन 83, 169 वर्गफीट जमीन के लिए हुआ। कब्जाई जमीन पर इस्लाम ने जिन्हें आगे किया, उन्हें अपार्टमेंट बनने पर होने वाले लाभ का 42.50 प्रतिशत हिस्सा रखा, जबकि 52.50 प्रतिशत हिस्सा डेवलपर का था। दोनों के बीच 50-50 रुपए के स्टाम्प पर अनुबंध हुआ।

इस्लाम पटेल वाघेला ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न केवल निगम से बिल्डिंग परमिशन ले ली, बल्कि टीएनसी आदि भी करवा ली। अनुबंध में शर्त थी कि बिल्डिंग परमिशन के बाद 24 माह में बिल्डिंग खड़ी करनी होगी।

परमिशन 8 सितंबर 2011 को मिली थी, लेकिन करीब एक साल बाद तक इसके तीन ब्लॉक ही बने, जबकि छह ब्लॉक बन जाने थे। इस बीच इस्लाम वाघेला की जमीनी जादूगरी की पोल खुल गई और इस जमीन के विवादित होने का पता चला। केस कोर्ट में चलने की बात का खुलासा हुआ तो डेवलपर ने काम रोक दिया।

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