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इस्लाम ने फर्जी साझेदारी दस्तावेजों से हड़पी ‘प्रशांत सागर’ की जमीन: वाघेला की धनपिपासा के शिकारों को न्याय की दरकार

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 मई 2026, 6:20 pm
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इस्लाम ने फर्जी साझेदारी दस्तावेजों से हड़पी ‘प्रशांत सागर’ की जमीन

संजय आनंद के साथ रेशोडील में अपार्टमेंट का कराया था निर्माण

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
धनपिपासु इस्लाम पटेल वाघेला के शिकार आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। मामला कनाड़िया रोड पर संचार नगर से लगी ग्राम खजराना की 28.16 एकड़ जमीन पर बनी प्रशांत सागर बिल्डिंग का है, जिसमें 22 लाख रुपए में फ्लैट खरीदे थे और अपनी जीवनभर की पूंजी लुटा बैठे थे।

वाघेला ने इस जमीन को साझेदारी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़प लिया और संजय आनंद के साथ रेशोडील में प्रशांत सागर अपार्टमेंट का निर्माण करवाया था, जिसकी बाद में सभी अनुमतियां निरस्त हो गई थीं।

22 से 28 लाख रुपए तक के फ्लैट बेचे
ग्राम खजराना की सर्वे नंबर 1159/1, 1160/1, 1160/2, 1164/1, 1164/2, 1114, 1115, 1116, 1127 और 1146 पर इस्लाम पटेल ने अपने रिश्तेदार रशीद पटेल की 28.16 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया और उस पर रेशोडील में डेवलपर संजय आनंद ने प्रशांत सागर अपार्टमेंट खड़ा कर दिया। यहां 22 से लेकर 28 लाख तक के फ्लैट बेचे गए जो लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई देकर लिए।

लालच देकर बेचे थे फ्लैट
ग्राम खजराना की 28.16 एकड़ जमीन पर बने प्रशांत सागर में फ्लैट बेचने के लिए जमीनखोर इस्लाम पटेल वाघेला ने घटिया तरीका आजमाया था। उसने फ्लैट खरीदने पर लोगों को स्कूटर, टीवी, फ्रीज का लालच दिया था।

कई लोग इस लालच में फंसे और इस्लाम पटेल के हाथों ठगा गए। इस्लाम ने लोगों की इस मानसिकता का खूब फायदा उठाया और अपनी तिजोरी भर ली। बाद में भेद खुला और इस प्रोजक्ट पर रोक लग गई। इसके बाद अब फ्लैट खरीदार अपनी किस्मत पर आंसू बहाने पर मजबूर हैं। बताते हैं कि वे कोर्ट की शरण में भी गए थे जहां मामला अभी विचाराधीन है।

कोर्ट में केस चलने की जानकारी डेवलपर से छिपाई
इस्लाम ने झूठी और फर्जी जानकारियां देकर न सिर्फ टीएनसी हासिल कर ली, बल्कि निगम की निर्माण अनुमति और अन्य एनओसी हासिल कर ली थी। उसने विभिन्न विभागों में जमीन के विवादित होकर कोर्ट में केस चलने की जानकारी को छिपा लिया था।

ये जानकारी इस्लाम ने डेवलपर संजय आनंद से भी छिपाई। आधे से ज्यादा निर्माण होने के बाद पता चला कि ये जमीन विवादास्पद है तो फिर ताबड़तोड़ सभी विभागों ने दी गई अनुमतियां निरस्त कर दी।

मामले में संजय आनंद ने भी कहा कि उन्होंने अब आगे निर्माण बंद कर दिया है, क्योंकि उन्हें भी जमीन के विवादास्पद होने की जानकारी नहीं दी गई थी। अब इसमें जिन लोगों ने जीवनभर की कमाई लगाकर यहां फ्लैट खरीदे, उनका फ्लैट भी अटक गया।

इस्लाम वाघेला पटेल की धनपिपासा का शिकार हुए पीड़ित रहवासियों ने सभी संबद्ध अधिकारियों को शिकायतें कर इस्लाम पटेल वाघेला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वे कोर्ट भी गए लेकिन वहां मामला अभी विचाराधीन है।

पीड़ितों के आंसू नहीं थम रहे
न्याय की आस में अपनी जीवनभर की कमाई इस्लाम पटेल जैसे धनपिपासु के हाथों लुटा बैठे लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने कर्ज लेकर फ्लैट खरीद लिया था जिसकी किश्तें वे आज भी चुका रहे हैं।

पजेशन देने में जल्दी मत करो
बताते हैं कि अपार्टमेंट में तमाम फ्लैट तो निर्माण के दौरान ही बुक हो गए थे। खरीददारों को भरोसा दिया गया था कि समयसीमा में निर्माण पूरा कर पजेशन दे दिया जाएगा, लेकिन बाद में इस्लाम वाघेला ने कहा कि पजेशन देने में जल्दी मत करो और लोगों से तय राशि से और ज्यादा वसूली करो।

इस्लाम कहता था कि जो लोग लाखों रुपया फंसा चुके हैं वो कुछ और पैसा देने में हिचकेंगे नहीं। इस प्रकार, तैयार फ्लैट के पजेशन भी उसने रुकवा दिए ताकि लोगों से और वसूली की जा सके। इस्लाम ने ये वसूली की और अपनी जेब भर ली।

इसी दौरान उसे आभास हो गया था कि ये प्रोजेक्ट अधर में लटक सकता है तो इस्लाम जितना पैसा खींच सकता था, उतना खींच लिया और अपनी जेब भरकर चुप होकर बैठ गया। उसने फ्लैट खरीदार और डेवलपर को भी फंसा दिया।

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