1250 की जगह अब देना होंगे 5000 रुपए: नेहरू पार्क स्विमिंग पूल आने वाली आम जनता पर महंगाई की मार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नेहरू पार्क स्विमिंग पूल को दोबारा शुरू करने की कवायद के बीच निगम ने महंगाई का बड़ा झटका दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया और अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने पूल की कार्य प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जून के पहले सप्ताह तक इसे हर हाल में जनता के लिए खोल दिया जाए।
निगम ने इस सत्र से तैराकी की फीस में अप्रत्याशित वृद्धि करते हुए इसे 1250 रुपए से बढ़ाकर सीधे 5000 रुपए कर दिया है। फीस में की गई यह चार गुना बढ़ोतरी मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ देगी।
पहाड़िया ने कहा कि यदि जून में पूल शुरू नहीं होता है तो निगम को लगभग 50 लाख रुपए के राजस्व का सीधा नुकसान होगा। इसी वित्तीय घाटे की भरपाई करने के लिए निगम प्रशासन ने जल्दबाजी में यह फैसला लिया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरफ फीस आसमान पर पहुंचाई जा रही है, तो दूसरी तरफ सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि फिलहाल नए फिल्टर प्लांट के निर्माण का इंतजार न किया जाए, बल्कि वर्षों पुराने फिल्टर प्लांट को ही जैसे-तैसे दुरुस्त कर पूल को चालू कर दिया जाए। नया फिल्टर प्लांट बाद में धीरे-धीरे बनता रहेगा।
चार गुना ज्यादा चुकाना होगा
प्रशासन का तर्क है कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को तैराकी का लाभ मिल सके, इसलिए फिनिशिंग के कामों को युद्ध स्तर पर पूरा कर तीन दिन के भीतर पूल की टेस्टिंग शुरू की जाए।
हालांकि, हकीकत यह है कि स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद पूल में आने वाले लोगों की संख्या घट जाती है, जिससे निगम की कमाई कम हो जाती है।
इसी व्यावसायिक लाभ और राजस्व वृद्धि के चक्कर में नगर निगम आधे-अधूरे इंतजामों और भारी-भरकम फीस के साथ जनता को इस पुराने पूल की ओर धकेल रहा है।
अब शहरवासियों को पुरानी तकनीक वाले पानी में उतरने के लिए अपनी जेब से चार गुना ज्यादा रकम चुकाना होगी।
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