प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अभिनव पहल: पहली बार टीएल बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित; प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाने की कवायद
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर जिला प्रशासन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक अभिनव पहल की है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रति सोमवार आयोजित होने वाली समय-सीमा पत्रों के निराकरण संबंधी टीएल बैठक को अब वर्चुअली माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आज सोमवार को पहली बार टीएल बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई।
ठक में कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित विभागों के अधिकारियों को छोड़कर अन्य सभी विभागों के अधिकारी वर्चुअली रूप से शामिल हुए। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाडे़, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य भी शामिल रहे।
कलेक्टर ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाना है, साथ ही अनावश्यक आवागमन को कम कर समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रशासन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि लोगों की अनावश्यक आवाजाही कम हो, लेकिन प्रशासनिक कार्यों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव भी न पड़े। उन्होंने कहा कि आगे भी केवल अति आवश्यक विषयों पर ही अधिकारियों को भौतिक रूप से बुलाया जाएगा।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मिलावटखोरी विरोधी अभियान, फायर सेफ्टी एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। जिन विभागों में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे मामलों के समय-सीमा में निराकरण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि विलंब के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ सीमांकन प्रकरणों में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर पेनल्टी लगाई गई है तथा उसकी राशि प्रभावित आवेदकों को प्रदान की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन के तहत लंबित पांच प्रकरणों के निराकरण की भी रैण्डम समीक्षा की। इसके अतिरिक्त हिट एंड रन प्रकरणों में लंबित रिपोर्टों को लेकर भी अधिकारियों को एक सप्ताह में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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