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अरबिंदो अस्पताल में वृद्धा मरीज से अमानवीयता: आयुष्मान कार्ड के बाद भी मांगे 45 हजार; नहीं देने पर इलाज से कर दिया इनकार

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 फ़रवरी 2026, 5:27 pm
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पैर में आईवीआर फिल्टर डालने के लिए हरदा के अस्पताल से किया था 70 वर्षीय वृद्धा को रैफर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हरदा से आई 70 वर्षीय वृद्धा के इलाज में इंदौर के कुख्यात अरबिंदो अस्पताल में अमानवीयता बरते जाने का खुलासा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की निष्ठुरता का आलम यह कि आयुष्मान कार्ड को नकारकर मरीज के परिजन पर 45 हजार हजार रुपए जमा कराने के बाद ही इलाज करने का दबाव बनाया गया।

परेशान परिजन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए 45 हजार रुपए जमा कराए, तब जाकर ऑपरेशन हुआ, लेकिन उक्त रुपए की रसीद नहीं दी गई। वहीं पीड़ित परिजन द्वारा मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर किए जाने पर अस्पताल प्रबंधन ने दबाव बनाकर उक्त शिकायत वापस लेने पर मजबूर किया।

पीड़िता प्रमिला तिवारी की नातिन अदिति दुबे (एडवोकेट) ने कल जोन-2 के एसपी को शिकायत करते हुए बताया कि वे मूलत: हरदा की हैं। नानी के पैर में तकलीफ थी और उन्हें आईवीआर फिल्टर डालने के लिए वहां के अस्पताल से इंदौर के अरबिंदो अस्पताल रैफर किया गया। 3 फरवरी को वे नानी को लेकर इंदौर आईं और अरबिंदो में भर्ती कराया।

अस्पताल प्रबंधन द्वारा आयुष्मान कार्ड लेने के बाद यह कहकर कि इसका अप्रूवल हो या न हो, हमसे 45 हजार रुपए जमा लिए गए, जिसकी रसीद नहीं दी। केवल मौखिक तौर पर कहा गया कि जब मरीज डिस्चार्ज होगा, तब आपके खाते में पैसा वापस आ जाएगा।

25 हजार अप्रूवल बताकर लिए 45 हजार
अगले दिन अस्पताल के डॉ. प्रारब्ध सक्सेना और वंदना ने उनसे 45 हजार रुपए और मांगते हुए कहा कि जमा कराने के बाद ही ऑपरेशन करेंगे। पूछताछ करने पर डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारियों ने अलग-अलग जवाब दिए और फिर कहा गया कि आपका आयुष्मान कार्ड अप्रूवल नहीं हुआ है।

कर्मचारी होशंग मसीह ने डॉ. सक्सेना से मिलने के लिए कहा। जब उनसे मिले तो कहा गया कि मात्र 25 हजार रुपए अप्रूवल हुआ है। अगर फ्री इलाज चाहिए तो किसी सरकारी अस्पताल में चले जाओ। अन्यथा सुबह तक 45 हजार रुपए जमा कराएं, तभी ऑपरेशन किया जाएगा। सुबह हमने पेमेंट जमा किया।

एसपी दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
अदिति ने बताया अस्पताल प्रबंधन ने अनावश्यक दबाव बनाकर पैसा वसूला और उसकी रसीद भी नहीं दी। आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग किया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए। एसपी ने भरोसा दिया कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत वापस लो और वीडियो डिलीट करो
अदिति के अनुसार हमने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो अस्पतालकर्मी नाराज हो गए और कहा कि आप अपने पेशेंट को यहां से उठाकर ले जाओ। इलाज नहीं करेंगे। इलाज कराना है तो अपनी शिकायत वापस लो और जो वीडियो बनाए हैं वे भी डिलीट करो।

नानी की हालत को देखते हुए हमने शिकायत वापस ले ली, जिसके बाद वंदना ने मुझसे मोबाइल छीनकर कुछ वीडियो डिलीट कर दिए। इसके बाद भी उनसे हमें कई बार क्षमा मांगनी पड़ी और बहुत निवेदन करना पड़ा, तब जाकर नानी का ऑपरेशन किया गया। इस दौरान पूरे समय वह दर्द से कराहती रहीं, लेकिन डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ को कोई रहम नहीं आया।

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