मदिरा प्रेमियों पर महंगाई की मार: ठेकेदारों की मौज; हर दुकान पर शराब के अलग रेट
KHULASA FIRST
संवाददाता

कोई ले रहा सही, तो काेई वसूल रहा मनमाने दाम,
विरोध करने पर सेल्समैन करते हैं बदसलूकी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए इंदौर जिले से शराब दुकानों की नीलामी में 2100 करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व तो प्राप्त कर लिया, लेकिन ये अब मदिरा प्रेमियों की जेब पर भारी पड़ रहा है।
महंगी दुकानें लेने के बाद ठेकेदार ग्राहकों को महंगी शराब बेचकर इसकी भरपाई कर रहे हैं। हालांकि ऐसा वे ही ठेकेदार कर रहे, जिन्होंने प्रतिस्पर्धा के चलते महंगे ठेके लिए हैं।
वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेचने वाले लाइसेंसियों पर कार्रवाई की जा रही है, जो जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है जिले में 56 समूहों की 173 से अधिक कंपोजिट मदिरा दुकानों का संचालन नई आबकारी नीति के तहत राजस्व में लगभग 20-24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ठेकेदारों को ई-नीलामी के जरिये दिया गया है। इनमें एमआर-9, स्कीम 54 और रेवती क्षेत्र में भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। सबसे महंगा एमआर-9 समूह रहा।
यह लगभग 50 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत से अधिक वृद्धि वाला है। खुलासा फर्स्ट को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि इंदौर में शराब ठेकेदार मनमाने दामों पर शराब बेच रहे हैं।
सबसे ज्यादा बिकने वाली बोल्ट बियर की बोतल, जो पिछले वर्ष 150 रुपए एमआरपी पर बेची जा रही थी, इस बार ठोकों में हुई वृद्धि के साथ कुछ दुकानों पर यही बियर 170 की तो कुछ पर 190 रुपए तक में बेची जा रही है।
इसी ब्रांड की बियर की कैन, जो पिछले साल 110 और 120 में बेची जा रही थी, इस मर्तबा 130, 140 तो कुछ दुकानों पर 150 रुपए तक बेची जा रही है।
खुलासा फर्स्ट के एक पाठक का अपने दोस्तों के साथ एमआर-10 पुराना टोल नाका के सामने स्थित शराब दुकान पर जाना हुआ। बोल्ट बियर की तीन कैन लेने पर उनसे 150 रुपए प्रति के हिसाब से 450 रुपए लिए गए।
जब उन्होंने कहा कि अन्य दुकानों पर इसका रेट 130 और 140 है, तो सेल्समैन ने बदलसूकी करते हुए कहा कि हम क्या करें, सेठजी ने महंगी देने को कहा है।
बताते हैं ये दुकान शराब ठेकेदार आनंदीलाल मालवीय की है। इसी की शहर में मंगल नगर, एमआर-10, अग्रसेन चौराहा, परदेशीपुरा स्थित शराब दुकानों पर भी मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं।
अंग्रेजी शराब की भी यही हालत है। शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भी शराब के रेट के मामलों में ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा है। कुछ ठेकेदार पिछले वर्ष की तुलना में निर्धारित 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ शराब बेच रहे हैं तो कुछ 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ।
जब भी शिकायत मिलेगी, कार्रवाई होगी
शराब के दामों को लेकर दो बिंदु हैं। एक तो इस मर्तबा शराब के रेट बढ़े हैं। इसके लिए हमने दुकानों पर रेट लिस्ट और क्यूआर कोड भी लगा दिए हैं।
दूसरा बिंदु हैं, जहां रेट की शिकायत मिली है, उन दुकानों के हमने 27 केस बनाए हैं। इनमें 8-10 केस एमआरपी से नीचे के हैं तो 16 से 17 केस एमआरपी से ऊपर के हैं। जब भी शिकायत मिलेगी, कार्रवाई करेंगे। - अभिषेक तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त, इंदौर
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