खबर
Top News

अधिकारियों के करप्शन से हिला उद्योग जगत: हजारगो इंडस्ट्री का हेजार्डस अग्निकांड

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 अप्रैल 2026, 8:27 pm
शेयर करें:
अधिकारियों के करप्शन से हिला उद्योग जगत

नामांतरण फर्जीवाड़ा : 08 जनवरी 2020 को नाम परिवर्तन के बाद भी जुलाई 2020 तक पुराने नाम से संचालित रही, शिकायत को दफन करवाया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
पीथमपुर में उद्योगों के खतरनाक कचरे का निष्पादन करने के नाम पर खड़ी की गई हजारगो कंपनी की बुनियाद उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग में फैले हेजार्डस ( जानलेवा) कचरे  की तरह भ्रष्टाचार का उदाहरण है। इस सुनियोजित अग्निकांड के किरदार दो बड़े आईएएस अफसर हैं और इन सबके ऊपर इस पूरे जालसाजी के कर्मकांड के संरक्षक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक बड़े अधिकारी।

इनकी अनुमति और अनदेखी से ही भ्रष्टाचार का अग्निकांड हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों की जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उद्योग जगत आवाज उठा रहा है। उद्योगपति कहते हैं प्रकरण मात्र एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के भीतर निहित सुनियोजित लापरवाही एवं संभावित भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसने जन-जीवन, पर्यावरण और औद्योगिक सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला है।

इस भीषण अग्निकांड के बाद मांग उठी है कि कंपनी को भूमि एवं प्रोजेक्ट ट्रांसफर अनुमति (एमपीआईडीसी से) की पूरी फाइल नोटिंग की जांच  कराई जाए और सार्वजनिक किया जाए। अनुमति देते समय किन नियमों/गाइड लाइन का पालन किया गया? नियमों का पालन होता तो कथित इंडस्ट्री अस्तित्व में ही नहीं आ पाती, क्योंकि जिस काम के लिए अनुमति दी गई थी, वह इसके लिए असंभव था और आज भी है। सब कुछ जालसाजी कर चल रहा है।

 इस सबके लिए तीन बड़े अधिकारी, जिनमें दो आईएएस शामिल है, की भूमिका सवालों में है और सबसे बड़े खिलाड़ी प्रदूषण विभाग के एक बड़े अफसर बताए जाते हैं, जो भोपाल में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्ताधर्ता हैं। वह इस इंडस्ट्री में स्लीपिंग पार्टनर के रूप में भी चर्चित हैं। उनके बारे में कहा जाता है असली मालिक हैं। जिन प्रमोद खंडेलवाल को संचालक बताया जाता है, वे तो चेहरा मात्र हैं। इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा लेकिन औद्योगिक संगठन कह रहे हैं यह सोलह आने सच है।

रोहन सक्सेना की मेहरबानी
रोहन  सक्सेना  द्वारा अनुमोदन का आधार क्या था? उनकी जानकारी में लाने और लिखित शिकायत के बाद भी उन्होंने हजार को इंडस्ट्री पर कुछ ज्यादा ही मेहरबानी कर दी। उद्योग क्षेत्र की भूमि, जिस पर यह इंडस्ट्री है, उसे हजारगो के नाम करना और जो पहले इंडस्ट्री थी, उस पर भी इस कंपनी के साथ घालमेल कर जलसाजी को नजरअंदाज कर राजस्व का नुकसान कराया। उद्योग विभाग के एक बड़े और विवादास्पद अधिकारी, जो आइएएस हैं, ने भी सब कुछ जानते हुए खारिज प्रोजेक्ट को पुनः मंजूरी दे दी। यह कैसे संभव हुआ इसकी जांच जरूरी है। मार्च 2020 में खारिज प्रस्ताव को पुनः मंजूरी देते समय क्या नए तथ्य प्रस्तुत किए गए? इसकी जांच होगी तो बहुत से रहस्यों का खुलासा होगा।

स्पष्ट प्रशासनिक मिलीभगत के सबूत
तीन स्तर (एमपीआईडीसी + प्रशासन + एमपीपीसीबी) द्वारा नियमों की अनदेखी

केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षित भ्रष्टाचार का मामला प्रतीत होता है।

असंभव परियोजना को अनुमति

2.25 एकड़ में पांच लाख एमटी क्षमता (तकनीकी रूप से अव्यावहारिक) प्लांट की अनुमति बिना वा सत्यापन दी गई, जो मेलीफाइड इंटेंट दर्शाता है।

खारिज प्रस्ताव का पुनर्जीवन

पहले नियम विरुद्ध बताकर प्रस्ताव खारिज बाद में बिना ठोस आधार मंजूरी प्रक्रियात्मक धोखाधड़ी है।

अग्निकांड: पूर्व चेतावनियों की अनदेखी

खतरनाक वेस्ट का अवैध भंडारण

निरीक्षण के बावजूद कार्रवाई नहीं करना आपराधिक लापरवाही है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग
उद्योगपतियों ने तीन अधिकारियों रोहन सक्सेना, जॉन किंग्सली और एएन मिश्रा पर इस अग्निकांड के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। साथ ही उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच (लोकायुक्त/सीबीआई स्तर), सभी वित्तीय लेनदेन की जांच भविष्य में ऐसे मामलों के लिए जवाबदेही तय करने की नीति निर्धारित करने की मांग की है।

पर्यावरण स्वीकृति कैसे मिली?
खतरनाक अपशिष्ट जलाने वाली इस फैक्ट्री को लाइसेंस और उसके लिए सबसे जरूरी शर्त पर्यावरण स्वीकृति कैसे मिल गई इसकी जांच बहुत जरूरी है। पर्यावरणीय स्वीकृति की कार्रवाई मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) करता है और इस बोर्ड के प्रमुख और पुराने खिलाड़ी अच्युतानंद मिश्र हैं, जिनका हर सरकार में दखल होता है और उनकी जरूरत भी बनी रहती ह,ै क्योंकि भ्रष्टाचार की गंगा का एक बड़ा हिस्सा प्रदूषण नियंत्रण विभाग से होकर सरकारी तंत्र तक जाता है। पर्यावरण  मंजूरी इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि 2.25 एकड़ भूमि पर 5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की अनुमति आंख मूंद कर दे दी गई। यह ठीक उसी तरह थी जैसे दिन को रात कहा जाए और सरकारी तंत्र उसे मान ले, इस तरह की अनुमति का आधार क्या था? इसकी जांच होना चाहिए।

पर्यावरण प्रभाव आकलन सार्वजनिक हो
संबंधित अधिकारी  मिश्र  द्वारा दी गई स्वीकृति की पूरी फाइल सार्वजनिक की जानी चाहिए। पिछले तीन वर्षों में क्या किसी निरीक्षण में खतरनाक कचरे या सुरक्षा उल्लंघन का उल्लेख संबंधित विभागों की फाइलों में दर्ज है या नहीं यह भी जांच का विषय है क्योंकि आग तो बीते तीन वर्षों से लग रही है इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग हिसाब में हाथ सेकते रहे यानी खूब भ्रष्टाचार करते रहे, यही कहा जाएगा।

संबंधित समाचार

गैस से भरा टैंकर पेड़ से टकराया
Top News

गैस से भरा टैंकर पेड़ से टकराया:नशे में धुत चालक हिरासत में; गलत साइड में चला रहा था वाहन

about 7 hours ago
एक्सप्रेस वे पर कार रेलिंग से टकराई कार
Top News

एक्सप्रेस वे पर कार रेलिंग से टकराई कार:24 साल की युवती की मौत; पिता-भाई गंभीर घायल

about 7 hours ago
बाढ़ में बहा बैंक का लॉकर
Top News

बाढ़ में बहा बैंक का लॉकर:टूटते ही गायब हुए ₹57 लाख; 29 आरोपी हिरासत में; शव से बालियां चुराने वाले 2 भी गिरफ्तार

about 8 hours ago
प्रमुख रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त
Top News

प्रमुख रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त:इंटरसिटी बसें शहर से बाहर; 25 से ज्यादा फ्लाईओवर और 1500 सिटी बसों का लक्ष्य

about 8 hours ago
जमीन घोटाले में फरार पूर्व सीएसपी समेत तीन पर इनाम घोेषित
Top News

जमीन घोटाले में फरार पूर्व सीएसपी समेत तीन पर इनाम घोेषित:अग्रिम जमानत खारिज; पुलिस और एसआईटी ने तेज की तलाश

about 8 hours ago
नेपाल में प्रलय से मप्र में मची अपनों की तलाश
Top News

नेपाल में प्रलय से मप्र में मची अपनों की तलाश:एक ही परिवार के 29 सदस्य शामिल; कई जिलों के लोगों से भी संपर्क टूटा

about 9 hours ago
बोरी में छुरियां, कमर में रिवॉल्वर
Top News

बोरी में छुरियां, कमर में रिवॉल्वर:क्राइम ब्रांच ने दो हथियारबाजों को दबोचा; जिंदा कारतूस भी बरामद

about 9 hours ago
केंद्रीय मंत्री शाह से मिले मुख्यमंत्री
Top News

केंद्रीय मंत्री शाह से मिले मुख्यमंत्री:प्रदेश के विकास का रखा पूरा ब्योरा; जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्रगति पर की चर्चा

about 9 hours ago
रात ढाई बजे चोरों का धावा
Top News

रात ढाई बजे चोरों का धावा:एक साथ आठ दुकानों के ताले तोड़े; सीसीटीवी में संदिग्ध कैद

about 10 hours ago
मर्डर स्पॉट पर पुलिस का इंसाफ
Top News

मर्डर स्पॉट पर पुलिस का इंसाफ:सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपियों पर बरसाए पाइप; रास्तेभर दर्द से चिल्लाते रहे

about 10 hours ago
कार रोकी तो मिला नोटों का बोरा
Top News

कार रोकी तो मिला नोटों का बोरा:गिनती के लिए थाने में बुलाना पड़ी मशीन; पुलिस जांच में जुटी

about 10 hours ago
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल
Top News

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल:अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलिजेंस; चंचल शेखर को खेल विभाग की कमान

about 10 hours ago
वीडियो देखिए, बीमारी से बेहाल परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
Top News

वीडियो देखिए, बीमारी से बेहाल परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री:मदद का ऐलान; स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का दिया भरोसा

about 11 hours ago
जनशिकायतों पर ढिलाई पड़ी भारी
Top News

जनशिकायतों पर ढिलाई पड़ी भारी:महापौर ने अफसरों को फटकारा; कहा- हर शिकायत को गंभीरता से सुनें और समय पर करें समाधान

about 11 hours ago
मंदिर परिसर में मचा हड़कंप
Top News

मंदिर परिसर में मचा हड़कंप:बंद कमरे को लेकर लोगों ने बुलाई पुलिस; पुजारी और युवक हिरासत में

about 11 hours ago
घेराबंदी कर पकड़ा चोरी का वाहन
Top News

घेराबंदी कर पकड़ा चोरी का वाहन:हजारों के खिलौने-कपड़े बरामद; आरोपी गिरफ्तार

about 12 hours ago
आमने-सामने टकराए ट्रक-पिकअप
Top News

आमने-सामने टकराए ट्रक-पिकअप:चंद मिनट में धधके दोनों वाहन; जिंदा जल गया ड्राइवर

about 12 hours ago
पुरानी रंजिश में फायरिंग
Top News

पुरानी रंजिश में फायरिंग:आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल, खाली कारतूस और मोटरसाइकिल जब्त

about 12 hours ago
युवाओं पर कांग्रेस का फोकस
Top News

युवाओं पर कांग्रेस का फोकस:‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी हो सकते हैं शामिल

about 13 hours ago
पहले दोस्ती, फिर युद्ध की कहानी
Top News

पहले दोस्ती, फिर युद्ध की कहानी:विदेशी डॉक्टर ने रिटायर्ड प्रिंसिपल से ऐंठे लाखों; पुुलिस जांच में जुटी

about 13 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!