खबर
Top News

इंदौर में लोकल गुंडों के सहारे ‘अंडरवर्ल्ड कनेक्शन’ का जाल: लॉरेंस गैंग के लिए रैकी; वॉइस नोट से करोड़ों की धमकी, खड़ा हुआ नेटवर्क

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 अप्रैल 2026, 6:11 pm
273 views
शेयर करें:
इंदौर में  लोकल गुंडों के सहारे ‘अंडरवर्ल्ड कनेक्शन’ का जाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में संगठित अपराध का एक खतरनाक चेहरा सामने आया है, जहां गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर प्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने की साजिश का खुलासा हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी राजपाल चंद्रावत के साथी सोनू उर्फ रितेश खंगार ने क्राइम ब्रांच की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कबूला कि इंदौर के बड़े बिल्डर विवेक दम्मानी की रैकी का कांट्रेक्ट उसे दिया गया था और उसी की जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों ने करोड़ों की रंगदारी मांगते हुए धमकियां दीं।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक गैंग का काम बेहद संगठित और तकनीकी रूप से एडवांस था। आरोपी पहले टारगेट की पूरी रैकी करते थे। उनकी दिनचर्या, परिवार, बिजनेस और सुरक्षा व्यवस्था तक की जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद वर्चुअल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर वॉइस नोट के जरिये धमकी दी जाती थी, जिससे आरोपी सीधे सामने भी न आएं और पहचान भी छिपी रहे।

लॉरेंस गैंग के नाम पर चल रहे इस नेटवर्क ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि दिमाग और तकनीक के दम पर भी डर का साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं। लेकिन पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई से इस नेटवर्क की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं।

लोकल गुंडों से जोड़ा कनेक्शन, बढ़ाया नेटवर्क- जांच में यह भी सामने आया कि सोनू खंगार ने इंदौर के लोकल बदमाशों से संपर्क स्थापित कर रखा था। इनके जरिये वह शहर में रैकी, निगरानी और सूचना जुटाने का काम करता था। यही वजह है कि गैंग को शहर के बड़े कारोबारियों की सटीक जानकारी मिल पा रही थी।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक-दो लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कई लोकल अपराधी शामिल थे, जो छोटे-छोटे कामों के जरिये गैंग की मदद कर रहे थे। पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में है।

अन्य कारोबारियों को भी बनाया निशाना- सिर्फ विवेक दम्मानी ही नहीं, बल्कि कोयला कारोबारी और अन्य बड़े बिजनेसमैन भी इस गैंग के निशाने पर थे। सोनू ने पूछताछ में यह भी कबूल किया है कि चेतन पंवार को दी गई 10 करोड़ रुपए की धमकी में भी उसने अहम भूमिका निभाई थी।

उसने ही उनकी रेकी कर पूरी जानकारी गैंग तक पहुंचाई। इससे पहले राजपाल चंद्रावत कपास कारोबारी को 10 करोड़ की रंगदारी के लिए धमकाने और उसके घर के बाहर फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसके गिरफ्तार होने के बाद ही पुलिस को इस बड़े नेटवर्क के बारे में सुराग मिले।

हैरी बॉक्सर के इशारे पर चला पूरा खेल
पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने में हैरी बॉक्सर नामक आरोपी अहम भूमिका निभा रहा था। सोनू खंगार ने बताया वह हैरी बॉक्सर के इशारे पर ही काम कर रहा था। राजपाल चंद्रावत के जरिये उसे यह जिम्मेदारी मिली थी कि बड़े कारोबारियों की रैकी कर उनकी गोपनीय जानकारी गैंग तक पहुंचाए।

इसी कड़ी में बिल्डर विवेक दम्मानी और उनके बेटे की गतिविधियों पर नजर रखी गई। उनकी पूरी प्रोफाइल तैयार कर गैंग को दी गई, जिसके बाद वॉइस नोट के जरिये करोड़ों रुपए की मांग की गई। रकम न देने पर बेटे को गोली मारने की धमकी तक दी गई थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

एसआईटी की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों ने तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर सोनू खंगार को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी के अनुसार, आरोपी राजपाल चंद्रावत का प्रोडक्शन रिमांड खत्म होने के बाद उसे खरगोन जेल भेज दिया गया है।

वहीं सोनू और उसके अन्य साथियों से पूछताछ जारी है, ताकि नेटवर्क के बाकी सदस्यों का पता लगाया जा सके। यह मामला सिर्फ एक गैंग या एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह संगठित अपराध अब डिजिटल और लोकल नेटवर्क के जरिये तेजी से फैल रहा है।

वर्चुअल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर धमकी देना और लोकल गुंडों के जरिये जमीन पर काम कराना, यह नया ट्रेंड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। क्राइम ब्रांच अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए काम कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!