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हिंदुस्तान की शान घुटनों पर पाकिस्तान: अजेय भारत, दृढ़ नेतृत्व, गौरवान्वित भारतीय

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 मई 2026, 12:52 pm
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हिंदुस्तान की शान घुटनों पर पाकिस्तान

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, भारत की सेना के साहस व शौर्य को प्रणाम

पहलगाम हमले के बदले में नए भारत ने महज 88 घंटे में घुटनों पर ला दिया था पाकिस्तान

जवानों की हुंकार से थर्रा दिया था आतंकिस्तान, थर-थर कांप गई थी मुनीर की सेना

देश की बहन-बेटियों-बहुओं की मांग से सिंदूर उजाड़ने वाला पाकिस्तान भूल नहीं सकता ऑपरेशन सिंदूर

तीन दिन में ही हमारी सेना ने पाक के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार, एयरबेस, आतंक के अड्डों को कर दिया था नेस्तनाबूद

ऑपरेशन सिंदूर में ऐसी मार मारी भारत ने कि आज तक थर-थर कांप रहा पाकिस्तान, बड़बोलेपन से चला रहा काम

देश में कोई भी आतंकी हरकत करने की हिमाकत की तो फिर पड़ेगी मार, खत्म नहीं हुआ अभी ऑपरेशन सिंदूर

रक्षामंत्री बोले- भारत हर स्थिति के लिए हर तरह से 24 घंटे तैयार, देशभर में आज याद किया जा रहा ऑपरेशन सिंदूर

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सालभर हो गया, आतंक का रहनुमा पाकिस्तान भारत के समक्ष घुटनों पर बैठा हुआ है। हिंदुस्तान की तरफ से आतंकिस्तान को आज ही के दिन ऐसी मार पड़ी थी कि आज तक वह दर्द का अहसास कर रहा है।

बड़बोलेपन से वह अपने जख्म जरूर सहला रहा है, लेकिन भारत की सेना ने जो घाव दिए, वह अब तक पाक सेना में रिस रहे हैं। आतंकवादी तो आज भी ऑपरेशन सिंदूर को भुला नहीं पाए हैं।

भले ही पाकिस्तान ईरान-अमेरिका युद्ध में सुलह की जाजम बिछाकर स्वयं को शांतिदूत मुकर्रर करने की असफल कोशिश कर चुका, लेकिन ये सर्वविदित है कि न सिर्फ भारत के खिलाफ, बल्कि पूरी दुनिया में फैले आतंक का असल अड्डा पाकिस्तान है।

इसलिए ही भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘पॉज’ मोड पर रखा है, खत्म नहीं किया। उसी का नतीजा है कि सालभर होने को आया, पाकिस्तान भारत की सेना के अदम्य साहस व शौर्य के समक्ष नतमस्तक की मुद्रा में घुटनों के बल बैठा हुआ है। ये ही हिंदुस्तान की आन-बान-शान है।

दे श की बहन-बेटियों और बहुओं की मांग से सिंदूर उजाड़ने की कायराना हरकत के बाद पाकिस्तान को लग रहा था कि वह हर बार की तरह बच जाएगा, लेकिन वह भूल गया कि भारत अब बदल गया है।

पहलगाम हमले का हिंदुस्तान ने ऐसा बदला लिया कि पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की घिग्गी बंध गई। भारत ने पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर मारा और वह कुछ कर नहीं पाया।

पलक झपकते ही उसके आतंक के अड्डे ध्वस्त कर पहले ही हमले में 100 से ज्यादा आतंकवादी हूरों के पास भेज दिए गए।

इसके बाद तो अगले तीन दिन भारत का सिंदूर ऐसा दमका कि पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम, राडार, 11 से ज्यादा एयरबेस व आतंकवादी पैदा करने वाले मदरसों को मिट्टी में मिला दिया।

न सिर्फ कब्जा किए हुए कश्मीर, बल्कि पाक सैन्य मुख्यालय व रावलपिंडी तक भारत की मिसाइलों ने कहर बरपा दिया। भारत को मिटाने के मंसूबे रखने वाले पाकिस्तान का राजनीतिक ही नहीं, सैन्य नेतृत्व ने फोन कर भारत से रहम की भीख मांगी और युद्ध विराम के लिए गिड़गिड़ाते हुए गुहार लगाई। परिणाम सामने है। पाकिस्तान आज भी घुटनों के बल बैठा हुआ है।

आज से ठीक एक साल पहले जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी, तो यह केवल एक सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की सुरक्षा नीति में आए एक बड़े बदलाव का विश्वव्यापी मुजाहिरा भी था कि अब पुराना भारत नहीं रहा।

ऑपरेशन सिंदूर के 7 मई 2026 को एक वर्ष पूरे हो गए हैं। 7 मई 2025 को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए एक सटीक संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान में आतंकी बुनियादी ढांचे को बड़ा झटका दिया था।

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसारन घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 26 नागरिकों की हत्या के बाद भारत की ओर से यह कार्रवाई की गई थी। 7 मई 2025 को थलसेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त अभियान में 9 प्रमुख आतंकी लांचपैड नष्ट किए गए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

यह भारत का एक ‘सीमित और सटीक’ हमला था, जिसका उद्देश्य सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, न कि आम नागरिकों को। भारतीय वायुसेना ने 10 मई 2025 को पाकिस्तान के 11 सैन्य अड्डों पर भी हमला किया, जिसमें राफिकी, मुरीद, नूर खान, रहीम यार खान, सुक्कुर, चुनियन, कसूर और सियालकोट शामिल थे।

इस कार्रवाई से पाकिस्तान को युद्ध विराम के लिए मजबूर होना पड़ा था और भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रक्षात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।

भारत हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार- राजनाथ सिंह
ऑपरेशन सिंदूर को 1 वर्ष पूरा हो चुका है। सेनाओं का शौर्य याद आता है। आतंकियों और उनके सरपरस्तों को जो मुंहतोड़ जवाब हमारे सैनिकों ने दिया, उससे पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।

ये तो फिर भी अच्छा हुआ कि हमने धैर्य दिखाते हुए केवल आतंकवादियों को ही नेस्तनाबूत किया, नहीं तो हमारी सेनाएं क्या कुछ करने में सक्षम हैं, इसका अंदाजा तो पूरी दुनिया को है।

यह बात रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कही। उन्होंने कहा हमें सिर्फ एक्टिव ही नहीं रहना है, बल्कि प्रोएक्टिव भी रहना है।

]हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार भी रहना है। और भारत हर तरह की परिस्थितियों के लिए 24 घंटे 365 दिन तैयार है।

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