देश के इतने शहरों के होटल- रेस्टोरेंट और ढाबों पर आयकर विभाग की पैनी नजर: सर्वे में इतने करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा; जानिये क्या चेतावनी दी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देश भर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर आयकर विभाग की पैनी नजर है। विभाग ने सभी कारोबारियों को 31 मार्च 2026 तक सही रिटर्न दाखिल करने की चेतावनी दी है। हालिया सर्वे में लगभग 408 करोड़ रुपए की छुपी हुई आय का खुलासा हुआ है।
इंदौर और भोपाल के रेस्टोरेंट भी शामिल
आयकर विभाग ने 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट्स का सर्वे किया। इसमें इंदौर का नानकसर ढाबा कृपा और भोपाल का मिलन रेस्टॉरेंट भी शामिल हैं।
AI तकनीक से 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स की जांच
आयकर विभाग ने AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए 1,77,000 रेस्टोरेंट्स के लेन-देन की जांच की। इसमें बड़े पैमाने पर कम आय दिखाने और बिक्री छिपाने के मामले सामने आए। कई रेस्टोरेंट्स वास्तविक बिक्री को रिकॉर्ड से हटाकर या बिल बदलकर टैक्स चोरी कर रहे थे।
8 मार्च 2026 को देशव्यापी सर्वे
8 मार्च को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्टोरेंट्स पर सर्वे किया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 408 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने का खुलासा हुआ। अब आयकर विभाग करदाताओं को सुधार और मार्गदर्शन देने के लिए अभियान चला रहा है।
63 हजार रेस्टोरेंट्स को नोटिस
पहले चरण में 63,000 रेस्टोरेंट्स को ईमेल और संदेश भेजकर रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा। आयकर अधिनियम की धारा 139(8ए) के तहत सभी कारोबारियों को संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा गया है।
टैक्स चोरी के लिए ‘पेटपूजा’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
आयकर विभाग ने पाया कि कुछ रेस्टोरेंट्स ‘पेटपूजा’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके आय छिपा रहे थे। ग्राहक को सही बिल मिलता था, लेकिन दूसरा सॉफ्टवेयर बड़े बिल हटाकर या बदलकर रिटर्न में कम आय दिखाता था। इसके जरिए टैक्स चोरी की जाती थी।
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