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शराब दुकानों पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध अहाते: विवाद और अपराधों का बन रहे गढ़; गोलीकांड के पीछे भी विवाद होने की चर्चा

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मई 2026, 4:05 pm
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शराब दुकानों पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध अहाते

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्षों पहले शराब दुकानों से अहातों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इंदौर में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। शहर की अधिकांश शराब दुकानों पर खुलेआम अवैध अहाते संचालित होने के आरोप लग रहे हैं।

इन अवैध व्यवस्थाओं के चलते आए दिन विवाद, मारपीट और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में चोइथराम चौराहे स्थित शराब दुकान के पास हुई फायरिंग की घटना के पीछे भी अवैध अहाते को लेकर विवाद की चर्चा जोरों पर है।

जानकारों का कहना है कि शहर में शायद ही कोई ऐसी शराब दुकान बची हो, जहां शराब खरीदने के बाद लोगों के बैठकर सेवन करने की व्यवस्था न हो। जबकि वर्तमान आबकारी नियमों के अनुसार अधिकांश शराब दुकानें केवल बिक्री केंद्र के रूप में संचालित की जानी हैं और वहां शराब पिलाने की अनुमति नहीं है।

शराब ठेकेदार और भाजपा विधायक मधु वर्मा के समर्थकों में विवाद के बाद फायरिंग
सूत्रों के अनुसार चोइथराम चौराहे के पास स्थित शराब दुकान के समीप संचालित अहाते को लेकर विवाद हुआ था। चर्चा है कि अहाते के संचालन और उससे जुड़े आर्थिक हितों को लेकर शराब ठेकेदार और स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों के बीच तनाव पैदा हुआ, जिसके बाद गोली चलने जैसी घटना सामने आई। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात अवैध अहाते को लेकर शराब ठेकेदार और राऊ भाजपा विधायक मधु वर्मा के समर्थकों के बीच हुए विवाद में ठेकेदार के गार्ड द्वारा की गई फायरिंग से हड़कंप मच गया।

दोनों पक्ष मौके से भाग गए
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों पक्ष वहां से भाग गए। मामले में फिलहाल शराब ठेकेदार के गार्ड पर केस दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष ठेकेदार से भी पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू की बात कही है। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अवैध गुमटी हटाने पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत शराब दुकान के बाहर लगी पानी और नमकीन की अवैध गुमटी हटाने को लेकर हुई। भाजपा विधायक के समर्थक भानू प्रताप सिंह सिसोदिया उर्फ छोटा भानू ने शराब ठेकेदार सिद्धार्थ जायसवाल से दुकान ली थी, जिसे उसका साथी बदमाश किशोर मराठा संचालित करता था। कुछ दिन पहले दुकान के बाहर कचरा फैलने पर नगर निगम ने ठेकेदार पर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

इसके बाद ठेकेदार द्वारा दुकान हटाने का दबाव बनाया जा रहा था। बुधवार रात करीब 12 बजे भानू और उसके गुर्गों को सूचना मिली कि दुकान हटाई जा रही है। इसके बाद वह करीब 50 समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचा और विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि उसके साथियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान बचाव में आए शराब ठेकेदार के कर्मचारियों ने बियर की बोतलें बरसाना शुरू कर दी। तभी एक गार्ड ने हवा में फायर कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि पुलिस अभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल पक्षों की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराए जाने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। वहीं यह भी चर्चा है कि मामले को दबाने के लिए विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाया जा रहा है।

सरकार ने बंद किए थे लाइसेंसी अहाते
कुछ वर्ष पहले राज्य सरकार ने शराब दुकानों के साथ संचालित लाइसेंसी अहातों को बंद करने का निर्णय लिया था। उस समय इसे सामाजिक सुधार और शराबबंदी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।

सरकार का तर्क था कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन से होने वाली अव्यवस्थाओं को रोकने और सामाजिक माहौल सुधारने के लिए यह निर्णय आवश्यक है। हालांकि इसके बाद कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब पिलाने की व्यवस्थाएं शुरू होने लगीं, जिन पर अब सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
शहर में खुलेआम संचालित हो रहे इन कथित अवैध अहातों को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कई बार शिकायतें भी उठाई हैं। बावजूद इसके अधिकांश स्थानों पर कार्रवाई नहीं होने से पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बैठकर शराब का सेवन करते हैं, वहां प्रशासन की नजर नहीं पड़ना आश्चर्यजनक है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण इन गतिविधियों को संरक्षण मिल रहा है।

बढ़ रहा है अपराध का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब दुकानों के आसपास अवैध रूप से संचालित बैठकों और अहातों के कारण विवाद, झगड़े, मारपीट और गंभीर अपराधों की आशंका लगातार बनी रहती है। कई बार मामूली कहासुनी भी बड़े घटनाक्रम का रूप ले लेती है।

शहर में हाल के वर्षों में शराब दुकानों के आसपास मारपीट, चाकूबाजी और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में यदि अवैध व्यवस्थाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

नई आबकारी नीति के बाद बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद
हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को ‘ऑफ श्रेणी’ घोषित करते हुए दुकान परिसर और आसपास शराब सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन अवैध अहातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा।



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