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अवैध निर्माण नहीं हटाया तो धरने पर बैठ जाऊंगा: विधायक महेंद्र हार्डिया का अल्टीमेटम; तुलसी नगर और महालक्ष्मी नगर में माफिया का कब्जा

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 मार्च 2026, 4:48 pm
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अवैध निर्माण नहीं हटाया तो धरने पर बैठ जाऊंगा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की पॉश कॉलोनियों को अवैध निर्माण के दलदल में धकेलने वाले रसूखदारों और उन्हें मौन संरक्षण देने वाले प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ विधायक महेंद्र हार्डिया ने अब मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-5 के भाजपा विधायक ने नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों से अवैध हॉस्टल और होटलों का जाल साफ नहीं हुआ, तो वे अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे।

विधायक महेंद्र हार्डिया की नाराजगी की मुख्य जड़ तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर, साईं कृपा कॉलोनी, राधिका पैलेस, वीणा नगर और मानसरोवर जैसी कॉलोनियां हैं, जहां माफिया तंत्र ने रहवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। यहां नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी स्वीकृत नक्शे के गगनचुंबी अवैध हॉस्टल, होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट तान दिए हैं।

रहवासियों का आरोप है इन निर्माणों में नियमों को दरकिनार किया है। पूरे-पूरे प्लॉट पर निर्माण कर लिया गया है और सड़कों पर ऊंचे-ऊंचे रैंप बनाकर सरेआम अतिक्रमण किया गया है। इसका परिणाम यह है कि कॉलोनी की सड़कें अब संकरी गलियों में तब्दील हो गई हैं, जिससे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों का निकलना भी असंभव हो गया है।

इन संकरी सड़कों और बेतरतीब निर्माण ने आम नागरिक के आवागमन के मौलिक अधिकार को छीन लिया है। सूत्रों के अनुसार, तुलसी नगर में सीलिंग प्लॉट्स के वैधकरण की प्रक्रिया वर्षों से लंबित है, लेकिन इसी की आड़ में माफियाओं ने निगम अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माणों की बाढ़ ला दी है।

अधिकांश भवनों में पार्किंग के लिए एक इंच जगह नहीं छोड़ी गई है, जिसके कारण वाहनों का जमावड़ा सड़कों पर रहता है और पूरी यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। विधायक महेंद्र हार्डिया ने इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा के पटल पर भी रखा, लेकिन वहां अधिकारियों ने कथित तौर पर भ्रामक और गोलमोल जानकारी पेश कर सदन को गुमराह करने का प्रयास किया।

विधायक का आक्रोश इसी बात पर फूटा कि जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में स्पष्ट किया है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक संचालन की अनुमति नहीं है, तो फिर ये अवैध निर्माण अधिकारियों की नाक के नीचे कैसे फल-फूल रहे हैं?

विधायक महेंद्र हार्डिया ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पूर्व निगम आयुक्त और वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा को स्वयं मौके पर ले जाकर इन संकरी सड़कों और अवैध निर्माणों की भयावहता दिखाई थी। इसके बाद वर्तमान निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को भी रहवासी संघों के साथ मिलकर तमाम साक्ष्य सौंपे गए, पर प्रशासनिक इच्छाशक्ति के अभाव में कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रही।

आधे हिस्से में समुचित सड़कें नहीं हो पाईं विकसित
वार्ड-37 के पार्षद प्रतिनिधि महेश जोशी के अनुसार नगर निगम के वर्तमान कार्यकाल के अब महज डेढ़ वर्ष शेष हैं, लेकिन तुलसी नगर के आधे हिस्से में आज भी समुचित सड़कें विकसित नहीं हो पाई हैं, जबकि अवैध निर्माण दिन-रात जारी हैं। विधायक महेंद्र हार्डिया ने अब साफ कर दिया है कि वे अधिकारियों के खोखले आश्वासनों के भरोसे अब और चुप नहीं बैठेंगे।

उन्होंने प्रशासन को चेताया है कि यदि तत्काल प्रभाव से अवैध निर्माणों को सील करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो वे क्षेत्रीय जनता और रहवासी संघों के साथ सड़कों पर उतरकर बड़ा जन-आंदोलन करेंगे। विधायक की इस चेतावनी ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है कि अब जनता की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के लिए जनप्रतिनिधि किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

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