दिल की धड़कन थमने लगे तो सहारा बने पुलिस: कोकीलाबेन अस्पताल के विशेषज्ञों ने सिखाई जीवनरक्षक तकनीक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आपात स्थिति में किसी की जान बचाने के लिए अब संयोगितागंज अनुभाग के पुलिसकर्मी और अधिक तैयार रहेंगे। नगरीय जोन-03 के अंतर्गत थाना संयोगितागंज परिसर में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि अचानक हृदयगति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) या दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस पहुंचने से पहले यदि सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने पुलिसकर्मियों, डायल-112 पायलटों तथा नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को मॉक डेमो के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया समझाई।
कार्यशाला में बताया गया कि सीपीआर तुरंत शुरू करने से जीवित रहने की संभावना 2 से 3 गुना तक बढ़ जाती है। छाती पर प्रति मिनट 100 से 120 बार सही दबाव (कंप्रेशन) देना आवश्यक है। प्रशिक्षकों ने हाथों की सही स्थिति, दबाव की गहराई और निरंतरता बनाए रखने के तरीके भी सिखाए।
एसीपी तुषार सिंह के मुताबिक यह प्रशिक्षण न केवल पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाता है, बल्कि आमजन की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस दौरान थाना प्रभारी के.पी. सिंह यादव सहित थाना संयोगितागंज, पलासिया और छोटी ग्वालटोली के पुलिसकर्मी, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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