दीदी ‘कलेक्टर’ हैं तो चिंता किस बात की: मुख्यमंत्री से बोले किसान- गाइड लाइन बढ़ाए बिना मुआवजा ‘चार‘ नहीं ‘दो’ गुना ही रहेगा
KHULASA FIRST
संवाददाता

डॉ. संतोष पाटीदार 93400-81331 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जनकल्याण में एक के बाद एक बोल्ड डिसीजन लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जननेता की तरह स्थापित हो रहे हैं। बुधवार को उनके महेश्वर दौरे में भी यह स्पष्ट हुआ। यह भी स्पष्ट हुआ ब्यूरोक्रेसी का महत्व मुख्यमंत्री के लिए मेरिट आधारित है न कि जोड़-तोड़ से।
खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल मुख्यमंत्री की गुड बुक में हैं और प्रदेश के टॉप टेन आईएएस में जगह बना चुकी हैं। कल मुख्यमंत्री के साथ जनसंवाद के दौरान एक भावनात्मक क्षण आया जब किसानों ने कहा ‘जब तक दीदी (भव्या मित्तल) कलेक्टर हैं, चिंता नहीं।'
कृषि भूमि अधिग्रहण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में फैक्टर दो लागू करने के सरकार के निर्णय का स्वागत करने किसान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सदाशिव पाटीदार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को बताया गया कि चार गुना मुआवजा तभी सार्थक है, जब गाइड लाइन बढ़े।
धा मनोद-बड़वाह फोरलेन में जितनी भूमि सरकार ले रही है उसकी गाइड लाइन 20 साल से नहीं बढ़ी है उल्टे गाइड साल दर साल कम कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में बहुत ही कम गाइड लाइन है वहां फैक्टर दो के बाद भी चार गुना मुआवजा घाटे का सौदा है। भूमि के सर्वे नक्शे, सीमांकन, बटांकन, सड़क की ऊंचाई धरातल के बराबर और एप्रोच रोड आदि जैसे कई सारे मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री से बात हुई।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भव्या मित्तल और एसडीएम पूर्वां मंदलोई को निर्देशित किया प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर फैक्टर दो समझाया जाए। किसानों की सारी जिज्ञासा और समस्याओं को सुनकर कानून के फायदे बताए जाएं।
इसके बाद किसानों के प्रतिनिधि, प्रभावित सभी किसानों के बीच में चर्चा करके अपनी बात फिर से कलेक्टर के समक्ष रखें इस तरह से जो भी मांग और समस्याएं हैं उसका निराकरण करने की कोशिश की जाए।
सरकार के खिलाफ खेती-किसानी के गर्माहट भरे वातावरण में यह मुलाकात हुई। प्रशासन भी चाह रहा था किसान मुख्यमंत्री का स्वागत करें और चार गुना मुआवजे के लिए आभार व्यक्त करें। सदाशिव पाटीदार ने बताया आंदोलनकारी किसान मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे ताकि जो बड़ी और व्यावहारिक समस्याएं चार गुना मुआवजा कानून में है उन्हें दूर किया जा सके।
आंदोलन का भी प्रभाव है कि मुआवजा बाजार भाव से चार गुना देने की नीति लागू की गई। संघ लंबे समय से कृषि भूमि को बचाने और केंद्रीय भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पूरी तरह लागू करने की मांग कर लगातार आंदोलन कर रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें
गाइड लाइन में 200–300% तक वृद्धि के बाद ही मुआवजा निर्धारण
सड़क निर्माण में धरातल स्तर (लेवल) बनाए रखना।
सभी खेतों के लिए एप्रोच रोड और पुल-पुलिया की सुविधा।
सही सीमांकन और नक्शे के आधार पर अधिग्रहण।
भव्या मित्तल की तारीफ से खुश हुए सीएम
जब किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री कलेक्टर को निर्देशित कर रहे थे तब किसानों ने कहा भव्या मित्तल तो उनकी दीदी हैं। जब तक दीदी कलेक्टर है तब तक हमें कोई चिंता नहीं..। इस पर मुख्यमंत्री भी चौंक गए और मुस्कुराते हुए आश्चर्य मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की....। सदाशिव पाटीदार ने बताया प्रोजेक्ट प्रभावित किसान साथियों की बैठक कलेक्टर के साथ जल्द होगी। मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए किसान संघ महेश्वर तहसील की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
आंदोलन का प्रभाव
भारतीय किसान संघ लंबे समय से भू-अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 को पूरी तरह लागू करने की मांग कर रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं किसानों के दबाव और आंदोलनों के चलते ही ‘चार गुना मुआवजा’ नीति लागू हुई, लेकिन अब असली चुनौती उसके क्रियान्वयन की है।
आगामी दिनों में कलेक्टर स्तर पर होने वाली बैठक इस पूरे विवाद के समाधान की दिशा तय करेगी और यही तय करेगा कि चार गुना मुआवजा किसानों के लिए राहत बनेगा या असंतोष का कारण।
जमीनी हकीकत
मंडलेश्वर में गाइड लाइन 64 लाख रुपए हेक्टेयर है और बाजार मूल्य करीब एक करोड रूपए बीघा यानी 4 करोड़ रुपए हेक्टेयर। मंडलेश्वर के ही गांव लाड़वी, जो मंडलेश्वर के निवेश क्षेत्र से एकदम सटा हुआ नॉन प्लानिंग एरिया होते हुए भी मंडलेश्वर और महेश्वर का प्लानिंग एरिया बन रहा है। यहां गाइड लाइन बीते दो दशक से लगातार कम हो रही है। देश भर में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं है। क्षेत्र में गाइड लाइन लगभग ₹50 लाख प्रति हेक्टेयर जबकि बाजार भाव प्रति बीघा 50 लाख से लेकर ₹1 करोड़ प्रति बीघा है।
गाइड लाइन और कीमत में भारी अंतर
प्रोजेक्ट एरिया में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र की गाइड लाइन करीब दो दशक से नहीं बढ़ी है उल्टे कम होती गई। ऐसा कहीं नहीं होता। लाड़वी ग्राम मंडलेश्वर नगर का निवेश क्षेत्र है। प्लानिंग एरिया से जुड़ा नहीं है। यहां गाइड लाइन ₹5 लाख बीघा है।
2008 के आसपास 55 लख रुपए हेक्टेयर सिंचित भूमि का सरकारी मूल्य 2015 में 44 लाख कर दिया गया तो 2021 में 35 लख रुपए। अभी 50 लाख रुपए है जबकि मंडलेश्वर और इस गांव की सिचित हो या असिंचित भूमि , बाजार भाव एक करोड रूपए से अधिक है।
प्रोजेक्ट प्रभावित किसान शिवपाल सिंह बताते हैं कुम्भया में तो मात्र ₹12 लाख हेक्टेयर और कतार गांव में 40 लख रुपए हेक्टेयर गाइड लाइन है। सुलगांव जैसे बांध प्रभावित गांवों में तो 30 साल से गाइड लाइन बेहद शर्मनाक मात्र चार लाख रुपए है जिसे अधिकारी अभी भी नहीं बढ़ाना चाहते।
सदाशिव पाटीदार ने बताया भूमि अधिग्रहण के बदले प्रस्तावित चार गुना मुआवजा इसलिए अपर्याप्त है क्योंकि क्षेत्र में वर्षों से गाइड लाइन नहीं बढ़ी है या जहां गाइड लाइन ठीक थी वहां पर उसे और भी कम कर दिया गया।
किसानों को यह मंजूर नहीं है इसलिए आंदोलन कर रहे हैं और यही मांग प्रमुख है कि पहले गाइड लाइन में 200 से 300% तक की वृद्धि की जाए उसके बाद फैक्टर 2 लागू हो यानी मुआवजा निर्धारण हो।
सड़क की ऊंचाई बिल्कुल धरातल स्तर पर ही रखना होगी तब ही किसान सड़क निर्माण करने देंगे। पुल-पुलियाओं के साथ एप्रोच रोड भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित किया सभी के साथ न्याय हो।
उन्हें व एसडीएम पूर्वा मंडलोई को निर्देश दिए किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक करें। फैक्टर-2 (ग्रामीण क्षेत्र में दोगुना मुआवजा) का कानूनी पक्ष स्पष्ट करें सभी आपत्तियों और सुझावों को सुनकर समाधान करें।
संबंधित समाचार

जेल के अंदर नशा पहुंचाने के खेल का खुलासा:प्रहरी ने अंडरगारमेंट-जूतों में छिपाई चरस; बीड़ी, तंबाकू, चेकिंग में पकड़ाया, ड्यूटी से हटाया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अर्बन इनोवेशन गैलरी का किया अवलोकन:VR तकनीक का डेमो देखा; अर्बन कॉन्क्लेव में शहरी विकास और निवेश पर होगा मंथन

बेटी की शादी से 2 महीने पहले पिता की ऐसे हुई मौत:नाइट शिफ्ट की ड्यूटी के लिए महू से इंदौर आए थे

दो कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स की कार्रवाई:बिलिंग और माल की डिलीवरी के रिकॉर्ड की जांच; इन शहरों में भी टीमें सक्रिय

मेडिकल टीचर्स का पेन डाउन प्रदर्शन:नियमित सेवाएं बंद रखने की तैयारी; कर रहे हैं ये मांग

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर:शहर में एक दिवसीय युवा संगम कार्यक्रम; इस दिन रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेला

इंदौर जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध:कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी किए आदेश; जिले में औसत से काफी कम वर्षा

एडमिशन के नाम पर 90 से ज्यादा विद्यार्थियों से ठगी:पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन; पैसे और शैक्षणिक दस्तावेज लौटाने की मांग

YouTube को टक्कर देने की तैयारी:Instagram पर भी अपलोड होंगे इतने मिनट तक के वीडियो; टेस्टिंग शुरू

जनसुनवाई में प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल:कलेक्टर शिवम वर्मा ने सुनी आमजन की समस्याएं; किया त्वरित निराकरण

वीडियो देखिये, दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को संबल:पुलिस कमिश्नर ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत दो नव आरक्षकों को दिए नियुक्ति प्रमाण पत्र; जनसेवा करने के लिए किया प्रेरित

स्कूल की गाड़ी पेड़ से टकराई:7 बच्चे घायल; स्थानीय लोगों की मदद से पहुंचाया अस्पताल

देवास और सागर शराब कांड की गाज कलेक्टर पर भी गिरी:अब नेहा मीणा को देवास की कमान; दिलीप यादव सागर के नए कलेक्टर

पार्षद पर मुकदमे से कांग्रेस की आवाज नहीं दबेगी चौकसे:दर्ज प्रकरण को लेकर पुलिस कमिश्नर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

शराब कांड के बाद देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को हटाया:अब आदित्य मिश्रा होंगे नए पुलिस कप्तान; सागर के एसपी भी बदले गए

इंडिगो फ्लाइट की हार्ड लैंडिंग:विमान की तकनीकी जांच के चलते रुकी उड़ान; केंद्रीय मंत्री भी इसी से थे जाने वाले

मां नवयुवक गरबा मंडल की प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

कूनो की मादा चीते के 19 महीने के शावक को मारी गोली:इलाज के दौरान मौत की खबर; शरीर से निकले छर्रे, वन विभाग के आधिकारिक बयान का इंतजार

बिना रजिस्ट्री कैसे खुल गया फर्जी खाता:नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

सेज यूनिवर्सिटी ब्रिज पर भीषण हादसा महिला और पुरुष की मौके पर हुई मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!