खबर
Top News

मुझे पैसा लेने में डर लगता है: मैडम को दे दो; कैमरे में कैद आगर श्रम विभाग रिश्वतकांड में लोकायुक्त को होगी शिकायत

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 मई 2026, 7:53 pm
291 views
शेयर करें:

पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग का झूठा केस दर्ज कराने के मामले में उठा नया विवाद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आगर श्रम विभाग में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। श्रम अधिकारी महेंद्रसिंह ठाकुर और नेहा पंवार पर रिश्वत लेने के आरोपों के बीच सामने आए स्टिंग वीडियो ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेने रिकॉर्ड हुई है।

दूसरी तरफ पत्रकारों पर दर्ज ब्लैकमेलिंग केस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ही यह है कि आमजन को लगातार टकराने और केस दर्ज करने में आनकानी करने वाली पुलिस ने बिना जांच के ही महेंद्र सिंह और नेहा का पैसे लेते स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार भाइयों पर ही केस दर्ज कर एक को गिरफ्तार भी कर लिया गया।

पत्रकार परिवार की ओर से रिश्वतखोरी के फुटेज उपलब्ध कराते हुए लोकायुक्त में शिकायत कर श्रम अधिकारी और नेहा पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने नेहा पंवार की शिकायत पर दैनिक अखबार संचालक अनिल चौरसिया और उनके भाई अजीत चौरसिया के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और वसूली का केस दर्ज कर लिया।

अजीत चौरसिया को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया, जो कि पूरा होने पर उन्हें जेल भिजवा दिया गया।

अनिल चौरसिया अब भी लापता
अनिल चौरसिया अब भी लापता हैं। परिवार का दावा है कि क्राइम ब्रांच की दबिश के बाद से उनका कोई पता नहीं है। परिवार का आरोप है कि उन्होंने कृषि उपज मंडी में मजदूर लगाने के लिए लाइसेंस बनवाने के सिलसिले में श्रम विभाग से संपर्क किया था।

तभी कथित रिश्वत की बात हुई। आरोप है कि श्रम अधिकारी महेंद्रसिंह ठाकुर ने कहा कि लाइसेंस की जरूरत नहीं, सिर्फ पैसे दे दो और काम करते रहो।

पांच हजार में सौदा तय: स्टिंग वीडियो के मुताबिक पहले दस हजार की मांग हुई, बाद में पांच हजार में सौदा तय किया। जब चौरसिया बंधु पैसे देने पहुंचे तो कथित तौर पर ठाकुर ने कहा कि मुझे डर लगता है, मैडम को दे दो। इसके बाद नेहा पंवार को पैसे दिए गए। वीडियो में महिला पैसे लेकर ड्रॉअर में रखती दिखाई दे रही हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हो केस: चौरसिया परिवार का आरोप है कि स्टिंग की भनक लगते ही मामले को दबाने की कोशिश शुरू हो गई।

दावा किया गया कि एक थानेदार समझौते के लिए उनके घर पहुंचा और एक लाख रुपए तक का ऑफर दिया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

अब चौरसिया परिवार लोकायुक्त एसपी को स्टिंग वीडियो सौंपने की तैयारी में है। उनका कहना है कि श्रम अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया जाएगा।

इधर, पूरे मामले ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!