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अहिल्यानगरी के आसमान में ‘उम्मीदों’ ने डाला डेरा: तपन के बाद गगन में छाए बादल; अभिनंदन मेघराज

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 मई 2026, 2:35 pm
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अहिल्यानगरी के आसमान में ‘उम्मीदों’ ने डाला डेरा

तपती-झुलसाती गर्मी से मिली राहत, इंदौर के आसमान में छाया घटाटोप

अलसुबह बूंदों ने भी बरसा दिया लाड़-दुलार, रोहिणी एक बार फिर ‘गली’

तेज हवा ने मौसम में घोली ठंडक, अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आई नमी

मौसम ने दियाप्री-मानसून गतिविधियों का संदेश, रात तक इंदौर में और बरस सकता है पानी

मौसम विभाग ने जारी किया दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा व मध्यभारत के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर
अलसाई आंखों के साथ शनिवार को जब अहिल्यानगरी के बाशिंदों ने पलकें खोलीं तो मन-मयूर आह्लादित हो गया। अलसाई आंखें पलक झपकाना भूल गईं और एकटक गगन को निहारने लगीं कि जो दिख रहा है, वह वाकई सच है या सपना?

कहां तो तपती-झुलसाती गरमी का राज और कहां शीतल मंद बयार। कहां तो आसमान में सुबह से ही आंखें तरेरते भगवान भुवन भास्कर और कहां हर तरफ छाया घटाटोप।

कहां तो दूर-दूर तक साफ-सुथरा आसमान और कहां आसमान में उछलकूद करते बादलों के झुंड के झुंड। कहां तो एक पत्ता नहीं हिल रहा था, बदन सुबह से पसीना-पसीना हो रहा था और कहां हवा की रफ्तार के साथ नाचते-झूमते वृक्ष, लता-पताका, पेड़-पौधे-पत्तियां।

हवा भी जैसे अपने दामन में लाखों एयरकंडीशनर की ठंडक लेकर आई हो। हर झोंका, महीनों की तपन को फुर्र से दूर कर रहा था। सब तरफ एकदम से बदला-बदला नजारा था।

कहां तो पानी-छींटे के मौसम के अटकने के अंदेशे और कहां मुहाने पर आकर दस्तक देते स्याह-घूसर बादल। वाकई ये सब देख हर मन गद्‌गद् हो गया।

हो भी क्यों नहीं, अहिल्यानगरी के आसमान में लाख-ओ-लाख दिलों की ‘उम्मीदों’ ने डेरा जो डाल दिया है..!

ऐसी उम्मीदें, जो देर-सवेर पूरी होना ही हैं, क्योंकि आज ही अलसुबह ये उम्मीदें बूंदों के रूप में धरा को भिगो भी गईं।

इंदौर में मौसम का मिजाज शनिवार को अकस्मात बदल गया। रात को जब शहर नींद के आगोश में दुबका, तब न्यूनतम तापमान 27-28 डिग्री के आसपास था। दूसरे दिन की भोर भी रोज की तरह ही होने का अंदेशा व पूर्वानुमान भी मौसम से जुड़े एप बता रहे थे।

बेतहाशा तपने-तपाने को मशहूर नौतपा के गतिमान रहने से किसी को रत्तीभर भी राहत की उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी गर्मी से निजात मिलेगी।

सूर्यनारायण देव रोहिणी नक्षत्र में पूरे आब-ओ-ताब के साथ दैदीप्यमान हैं ही। ऐसे में कौन सोचेगा कि भगवान दिनकर सुबह होते-होते बादलों की घेराबंदी का शिकार हो जाएंगे।

आग उगलते सूर्यदेव के यूं बादलों का लिहाफ ओढ़ लेने का अंदेशा तो किसी को था ही नहीं। मौसम महकमा भी आए दिन ये ही कह रहा था कि आसपास के दिनों में ऐसा कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है, जो प्री-मानसून गतिविधियों का इशारा कर रहा हो।

लिहाजा इस बार ये तय माना जा रहा था कि नौतपा के 9 दिन खूब अच्छे-से तपेंगे। लोकभाषा में कहें तो रोहिणी इस बार नहीं गलेगी, लेकिन आज ही मौसम विभाग की वेबसाइट बता रही है कि दोपहर 3 बजे बाद कभी भी बादल बरस सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो ये लगातार पांचवां साल होगा, जब नौतपा में बादल पसीजेंगे।

शनिवार को न सिर्फ मौसम का मिजाज बदला, बल्कि रोहिणी भी गल गईं। जी हां, आसमान में काले बादलों का न सिर्फ डेरा डला हुआ था, बल्कि ‘भुनसारे’ ही पानी भी बरस गया। 4.30 से 5 बजे के बीच बूंदों ने अहिल्यानगरी की धरा का प्रथम अभिषेक कर दिया।

माहौल में घुली मिट्टी की सोंधी महक साफ-साफ बता रही थी कि यहीं कहीं पानी गिरा है। जिन्हें जल्दी जागने का ईश्वरीय वरदान मिला है, उनकी पुष्टि से जनसामान्य ने सुनिश्चित किया कि वाकई, पानी गिरा और रोहिणी भी भीग गई है।

मौसम विभाग ने शनिवार रात तक ही बारिश का अंदेशा भी जाहिर कर इंदौरियों की बादलों के डेरे के बाद बारिश के रूप में उम्मीदों को नए पंख दे दिए हैं।

मौसम की इस करवट ने तपते शहर को एकदम राहत दी है। अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से तेजी से नमी शहर की फिजाओं में समा रही है। कम तापमान के बाद भी पसीने-पसीने होते बदन इसी बात का संकेत हैं कि अब मालवा अंचल में गर्मी नहीं, उमस ने डेरा डाला हुआ है। आज चली ठंडी हवा ने उमस से भी राहत दी।

अब ये राहत स्थायी है या फिर एक बार शहर पसीना-पसीना होगा, ये तो रब ही जाने, क्योंकि मौसम विभाग का अनुमान तो शनिवार को कुदरत के बदले मिजाज ने असत्य साबित कर दिया।

ऐसे में ईश्वर ही जाने कि इंदौर के भाग्य में मानसून पूर्व की झमाझम है या नहीं? याद है न, बीते साल मई में करीब 8 इंच पानी जो बरस गया था। अब मई तो आई-गई। आज और कल शेष हैं।

कुछ चमत्कार हो जाए इंच, दो-चार इंच का...!

मौसम विभाग ने जारी किया मध्यभारत में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर जारी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसी बीच राहत की खबर सामने आई है।

भारत के मौसम सैटेलाइट (INSAT-3DS) ने करीब 2500 किलोमीटर के दायरे में फैले बादलों के विशाल समूह को कैद किया है। ये बादल पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बादलों का सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण बना है।

सैटेलाइट तस्वीरों में सफेद-चमकीले हिस्से ऊंचे और ठंडे बादलों को दिखाते हैं, जो भारी बारिश का संकेत देते हैं। इसके साथ तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भी बारिश के आसार हैं।

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