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जल संकट को लेकर हुई हाई लेवल बैठक: सांसद और महापौर ने एसीएस से मांगा 50 करोड़ का राहत पैकेज

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 मई 2026, 7:13 pm
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जल संकट को लेकर हुई हाई लेवल बैठक

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में गहराते जलसंकट ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज कर दी है। शहर में पानी की कमी को लेकर जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों का घेराव किया जा रहा है।

रेसीडेंसी कोठी में आयोजित हुई हाईलेवल बैठक
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल से अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन गुरुवार को इंदौर पहुंचे और हालात की समीक्षा की। रेसीडेंसी कोठी में आयोजित हाईलेवल बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, मधु वर्मा और गोलू शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

चार हजार से अधिक बोरिंग सूख चुके
बैठक में बताया गया कि शहर की आबादी लगातार बढ़ने के बावजूद नर्मदा जल प्रदाय व्यवस्था वर्ष 2013 जैसी ही बनी हुई है। शहर में चार हजार से अधिक बोरिंग सूख चुकी हैं, जबकि वर्तमान में 600 से ज्यादा टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही।

50 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग रखी
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नए हाइड्रेंट बनाने, पाइपलाइन सुधारने और अतिरिक्त टैंकरों के संचालन के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत है। सांसद और महापौर ने शासन से करीब 50 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि सरकार यह राशि उपलब्ध करा दे तो जल संकट से काफी राहत मिल सकती है।

400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शासन से मिलना बाकी
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि नगर निगम इंदौर को चुंगी क्षति के 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शासन से मिलना बाकी है। नेताओं का कहना था कि यदि यह बकाया राशि जारी कर दी जाए तो निगम अपने स्तर पर कई जरूरी कार्य कर सकता है।

जलसंकट से निपटने के लिए यह सुझाव भी सामने आया कि नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएं, जिन्हें पुराने जलापूर्ति सिस्टम की बेहतर जानकारी है। साथ ही तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों की कमी को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया
एसीएस अनुपम राजन ने सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद उन्हें भोपाल स्तर पर रखने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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