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ट्विशा शर्मा केस में हाईकोर्ट की सख्ती: रिटायर्ड जज सास पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार; अग्रिम जमानत की रद्द

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 मई 2026, 11:51 am
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ट्विशा शर्मा केस में हाईकोर्ट की सख्ती

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को ट्रायल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने कहा कि मामले में गंभीर आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की अनदेखी की गई थी।

जांच में नहीं कर रहीं सहयोग
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरिबाला सिंह जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रही थीं। बयान दर्ज कराने और जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। अदालत ने यह भी कहा कि नोटिस स्वीकार करने से इनकार किया गया, जिसके बाद व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजने पड़े।

दो महीने के भीतर गर्भपात कराया गया
अदालत ने ट्विशा की गर्भावस्था और गर्भपात के पहलू पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ट्विशा गर्भवती हुई थीं और दो महीने के भीतर गर्भपात कराया गया। शिकायतकर्ता पक्ष ने इसके लिए आरोपियों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि बचाव पक्ष का दावा था कि ट्विशा स्वयं गर्भ समाप्त करना चाहती थीं।

गंभीर पहलुओं पर विचार नहीं किया गया
हाईकोर्ट ने दहेज मामले में भी ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी से असहमति जताई। अदालत ने कहा कि केवल बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होने से यह साबित नहीं होता कि दहेज की मांग नहीं की गई थी। कोर्ट ने यह भी माना कि मामले में कई गंभीर पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।

शरीर पर छह अन्य चोटों के निशान भी मिले
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ट्विशा की मौत फांसी से हुई थी, लेकिन शरीर पर छह अन्य चोटों के निशान भी मिले थे। इनमें हाथ, अंगुली और सिर पर चोटें शामिल थीं। अदालत ने कहा कि ये चोटें शव उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं आई थीं, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ जाती है।

जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने दलील दी कि गिरिबाला सिंह ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और जांच से बचने की कोशिश की। वहीं ट्विशा के परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि केवल उम्र के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।

जांच जारी
दूसरी ओर बचाव पक्ष की वकील नित्या रामकृष्णन ने कहा कि ट्विशा की चैट में गिरिबाला सिंह के खिलाफ सीधे दहेज प्रताड़ना के आरोप नहीं हैं। इधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 29 मई तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में अनियमितताओं और साक्ष्यों से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी बताई है।

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