खराब मौसम से हेली सेवा कल थी बंद, अब हुईं शुरू: -8 डिग्री C में केदारनाथ दर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी/चमोली।
बर्फबारी और कोहरे के बीच दर्शन- सोमवार सुबह से केदारनाथ धाम और केदारघाटी में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर जारी है। सुबह 4 बजे से ही मौसम खराब है, जिससे ठंड अचानक बढ़ गई। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारों में लगकर बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।
सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को हल्की बारिश के बीच रवाना किया गया, लेकिन मौसम के चलते भीड़ पिछले दिनों की तुलना में कमनजर आई। सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस बल पूरे पैदल मार्ग पर तैनात हैं।
अब तक 6.6 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन
चारधाम यात्रा में अब तक 6 लाख 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ: 3.10 लाख से ज्यादा, बद्रीनाथ धाम: 1.60 लाख से अधिक, यमुनोत्री धाम: 1 लाख से अधिक और गंगोत्री धाम: 99 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं, कुल रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 27.5 लाख पार कर चुका है, जिसमें सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन केदारनाथ के लिए हैं।
बद्रीनाथ में भी सर्दी का असर
बद्रीनाथ धाम में भी मौसम खराब बना हुआ है और तापमान -3°C से नीचे पहुंच गया है। यहां 17 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। खराब मौसम के बावजूद यात्रा जारी है, और प्रशासन द्वारा बुजुर्ग एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
गंगोत्री-यमुनोत्री में कम हुई भीड़
बारिश और ठंड के कारण गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। यहां तापमान क्रमशः -4°C और -3°C दर्ज किया गया। पुलिस और प्रशासन मार्गों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारी
हेमकुंड साहिब की यात्रा 23 मई से शुरू होनी है। इससे पहले सेना और सेवादारों ने बर्फ हटाने का काम तेज कर दिया है। अटलाकोटी जैसे कठिन हिमखंडों को काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रा सुगम बन सके।
भारी भीड़ का अनुमान
5 मई को करीब 1.31 लाख श्रद्धालुओं के चारधाम पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट पर है और यात्रियों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है। कुल मिलाकर, खराब मौसम के बावजूद आस्था का प्रवाह जारी है, लेकिन प्रशासन लगातार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क बना हुआ है।
चारधाम यात्रा में मौसम बदला कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
चारधाम यात्रा में मौसम ने तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। केदारनाथ धाम में हल्की बर्फबारी के चलते तापमान गिरकर -8°C से नीचे पहुंच गया था। कड़ाके की ठंड, बारिश और घने कोहरे के बीच श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे, खराब मौसम के कारण केदारनाथ जाने वाली हेली सेवाएं रोक दी गई थीं, जो अब शुरू हो गई हैं।
उत्तराखंड में मौसम का कहर: बारिश-आंधी से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसका असर पूरे प्रदेश में साफ नजर आ रहा है। तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक के कारण कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया था। सुबह से लगातार बारिश और बादलों की गर्जना के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया।
रुद्रप्रयाग और चमोली में देर रात से ही लगातार बारिश जारी है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है।
चमोली के निजमूला घाटी क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा नुकसान हुआ है। इस घटना में 500 से ज्यादा बकरियों की मौत की खबर है, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
वहीं ऊधम सिंह नगर और खटीमा में तेज हवाओं और बारिश ने आम और लीची की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
राजधानी देहरादून में देर रात आए आंधी-तूफान और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी और शहर की रफ्तार भी थम सी गई।
खराब मौसम के बावजूद बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है। ठंड और बारिश के बीच भी भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियां जारी हैं और बद्रीनाथ सहित सभी प्रमुख धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले हुए हैं।
मई की शुरुआत में ही उत्तराखंड का मौसम अचानक करवट ले चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सामान्य जनजीवन के साथ चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है। राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह बारिश और ठंडी हवाओं के साथ दिन की शुरुआत हुई। यहां अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम 5.3°C दर्ज किया गया, जो मई के लिहाज से काफी कम है। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन ठंड का असर भी महसूस हो रहा है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट- मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर और चंपावत में तेज बारिश, बिजली गिरने, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं मंगलवार के लिए रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार को आए तेज तूफान और बारिश ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया। पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई और जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। देहरादून के त्यूनी क्षेत्र में 15 से ज्यादा मकानों की छतें उड़ने की खबर है। कई जगह सुबह के समय ही अंधेरा छा गया, जिससे हालात गंभीर बने रहे।
गंगा जलस्तर बढ़ने की आशंका- लगातार बारिश के चलते टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। इसका असर ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जहां गंगा का जलस्तर बढ़ने का खतरा है।
एहतियात के तौर पर SDRF को अलर्ट पर रखा गया है और घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है। खराब मौसम का सीधा असर चारधाम यात्रा पर पड़ा है। केदारनाथ धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और जोखिम से बचें।
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