जल्दबाजी, लापरवाही, अहंकार और हठधर्मिता ने ली जानें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अखबारों के पिछले पन्नों पर एक छोटे-से कॉलम में छपा यह आंकड़ा शायद आपने भी पढ़ा होगा… मध्यप्रदेश में एक वर्ष में 16,831 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मर गए।
जरा ठहरकर सोचिए… यह सिर्फ एक भर आंकड़ा नहीं है। यह 16,831 अधूरी कहानियां हैं। 16,831 घरों के बुझ चुके चूल्हे हैं। 16,831 बच्चों के सिर से उठ चुका पिता का हाथ है ।
16,831 माताओं की सूनी आंखें हैं जो आज भी दरवाज़े की आहट पर चौंक जाती हैं। 16,831 पत्नियों की टूटी हुई चूड़ियां हैं, 16,831 परिवार हैं, जो सुबह तक सामान्य थे… और शाम होते-होते बर्बाद हो गए।
और सबसे भयावह बात क्या है जानते हैं? इनमें से केवल 15 मौतें खराब सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दर्ज हुईं, बाकी लगभग सारी मौतें… हमारी जल्दबाजी, लापरवाही, अहंकार और हठधर्मिता ने लीं।
हां… वही हठधर्मिता जो कहती है अरे कुछ नहीं होता…, सब चलता है…, पहले सबको सुधारो, फिर हमें बोलना…, हेलमेट से क्या फर्क पड़ता है… बस दो मिनट की तो बात है, लेकिन यही दो मिनट किसी बच्चे से उसका पिता छीन लेते हैं। यही कुछ नहीं होता… किसी मां की गोद हमेशा के लिए सूनी कर देता है। यही सब चलता है… किसी घर की सांसें रोक देता है।
हम लाल बत्ती तोड़ते हैं, जैसे कोई युद्ध जीत लिया हो। हम गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं जैसे बहुत चतुर हों। हम बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट सड़कों पर ऐसे निकलते हैं मानो मौत से दोस्ती कर ली हो। और समाज? हमारे करतबों पर वह भी ताली बजाता है।
नियम तोड़ने वाले को ‘स्मार्ट’ कहता है। कानून मानने वाले को ‘डरपोक’ समझता है, लेकिन सड़क पर जब किसी युवक का सिर फटकर डामर पर बिखरता है…, जब किसी मां का कलेजा अस्पताल के बाहर चीख-चीखकर फटता है…, जब कोई पांच साल का बच्चा पूछता है, मम्मी, पापा अब कभी नहीं आएंगे क्या…? तब न ‘स्मार्टनेस’ बचती है, न जल्दी, न स्टेटस,न ईगो…बचता है तो सिर्फ, एक ऐसा दर्द… जो जीवनभर खत्म नहीं होता।
देश में हर घंटे 20 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मर रहे हैं। मध्यप्रदेश में हर दिन 46 लोग। कल्पना कीजिए… हर दिन 46 घरों में मातम उतरता हैस 46 घरों में खाना नहीं बनता, 46 परिवारों की दुनिया उजड़ जाती है, लेकिन विडंबना देखिए फिर भी हम विचलित नहीं होते।
क्या सचमुच हम इतने संवेदनहीन हो चुके हैं? क्यों कोई धर्मगुरु मंच से यह नहीं कहता कि सुरक्षा नियम अपनाना भी धर्म है, क्योंकि जीवन बचाना सबसे बड़ा धर्म है?, क्यों कोई राजनेता अपने समर्थकों से यह नहीं कहता कि मेरे लिए नहीं, अपने बच्चों के लिए नियम मानो?
क्यों माता-पिता बच्चों के सामने खुद नियम तोड़ते हैं?, क्यों स्कूल बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ नहीं सिखाते?, क्यों हम घायल को सड़क पर तड़पता छोड़ वीडियो बनाते हैं? इन सवालों के जवाब हमें ढूंढने होंगे, क्योंकि सड़कों पर बहता हुआ खून अब चीख-चीखकर कह रहा है, ‘बस… अब बहुत हुआ…’।
अगली बार जब आप हेलमेट पहने बगैर गाड़ी स्टार्ट करने लगें, बगैर सीट बेल्ट लगाए स्टीयरिंग पकड़ने लगें, लाल बत्ती पार करने लगें, ओवरस्पीड करने लगें, नशा कर वाहन चलाएं, रांग साइड में शॉर्टकट मारने लगें... तो एक पल के लिए अपने घर को याद कर लीजिए।
अपनी मां का चेहरा, अपने बच्चों की मुस्कान, अपने पिता के कांपते हाथ…और खुद से पूछिए, क्या मेरी थोड़ी-सी जल्दबाजी मेरे पूरे परिवार की उम्रभर की सजा बन जाए… यह मंजूर है? अगर नहीं… तो आज, अभी, इसी क्षण एक संकल्प लीजिए- मैं नियम चालान से बचने के लिए नहीं, अपनी और अपनों की सांसें बचाने के लिए मानूंगा।
संबंधित समाचार

वीडियो देखिये, ई 20 पर सियासी घमासान:पटवारी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- जनता को गुमराह कर रही कांग्रेस

देखिए वीडियो, नशे में 30 जिंदगियों से खिलवाड़:चेकिंग में पकड़ाया वोल्वो ड्राइवर; पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

नेपाल में फिर जलप्रलय का खतरा:18 किलोमीटर ऊपर बनी झील; चीन ने जारी की चेतावनी

‘वीरू’ की दोस्ती का निकला चौंकाने वाला सच:पहचान छिपाने; जबरदस्ती और वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप

पार्किंग का ताला काटकर लाखों की लाख की कार उड़ाई:एक आरोपी गिरफ्तार; दूसरा फरार

दुर्लभ केस में कमाल:दोनों किडनियों में था कैंसर; डॉक्टरों ने सिर्फ गांठें निकालीं और दोनों बचाईं

कार के डैशबोर्ड में छिपा था नशे का खेल:लिस्टेड गुंडा समेत तीन गिरफ्तार; पुलिस खंगाल रही नेटवर्क के तार

मोमोज के ठेले पर कहासुनी बनी खूनी वारदात:डिलीवरी बॉय की गोली मारकर हत्या; पुलिस जांच में जुटी

250 साल पुराना चमत्कार अब बड़े पर्दे पर:द कॉल ऑफ कचनेर की शहर में शूटिंग; नवंबर में रिलीज की तैयारी

राखियों से सजी कलाई:आशीर्वाद से बढ़ी ताकत; मंत्री ने 10 हजार बहनों संग मनाया रक्षाबंधन

बारिश आई तो बढ़ी मुसीबत:कीचड़ और जलभराव से परेशान रहवासी; कलेक्टर से लगाई गुहार

डिग्री मिलते ही शुरू हुई सपनों की उड़ान:700 विद्यार्थियों को डिग्री; मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल

नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई चिंता:73 पावर प्रोजेक्ट कर्मचारी; कैलाश मानसरोवर गए समूह भी फंसे

मिल्क केक के नाम पर क्या बेच रहे थे:खाद्य विभाग ने मारा छापा; अमानक मिठाई जब्त कर मौके पर कराई नष्ट

गाड़ी फंसाकर रील बनाई तो भड़के एमआईसी सदस्य:बोले- निर्माणाधीन रोड पर नौटंकी नहीं; विकास में करें सहयोग

वीडियो देखिए, कलम-कैमरा छोड़ा संभाली ट्रैफिक की कमान:चौराहे पर जाम खुलवाकर दिया जिम्मेदारी का संदेश

थैला लेकर गांजा बेचने निकला, पुलिस ने दबोचा:16 किलो से ज्यादा माल; पिस्टल और कारतूस बरामद, आरोपी गिरफ्तार

जुलूस में क्या उड़ाया:चित्रों पर छिड़ा विवाद; पुलिस ने शुरू की जांच, दोनों पक्षों ने रखी अपनी बात

20 मिनट की उड़ान... फिर मौत का मंजर:हवा में डगमगाया ट्रेनिंग प्लेन; खेत में गिरकर चकनाचूर, पायलट-ट्रेनी की मौत

चीफ गेस्ट पर छात्रों का विरोध:विवि ने दीक्षांत समारोह किया रद्द; अब समारोह के बिना दी जाएंगी डिग्रियां
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!