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कर्ज के सहारे सरकार: फिर इतने हजार करोड़ रुपए उधार लेने की तैयारी; इतना ऋण पहले ही ले चुकी

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 अप्रैल 2026, 12:03 pm
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कर्ज के सहारे सरकार

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। मंगलवार को सरकार कुल 2800 करोड़ रुपए का ऋण उठाएगी, जिसे दो हिस्सों में लिया जाएगा।

दो हिस्सों में लिया जाएगा कर्ज
इनमें 1600 करोड़ रुपए का कर्ज 8 साल की अवधि के लिए और 1200 करोड़ रुपए का कर्ज 22 साल के लिए लिया जाएगा। दोनों ही ऋणों पर ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाएगा।

आंकड़ा सार्वजनिक नहीं
सरकार ने अभी तक 31 मार्च 2026 तक के कुल कर्ज का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। फिलहाल जो कर्ज लिया जा रहा है, वह 31 मार्च 2025 तक के करीब 4.14 लाख करोड़ रुपए के बकाया कर्ज के आधार पर लिया जा रहा है।

इतना कर्ज पहले ही ले चुकी
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के महज 15 दिनों के भीतर ही सरकार 1800 करोड़ रुपए का कर्ज पहले ही ले चुकी है। यह राशि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से दो हिस्सों 1200 करोड़ और 600 करोड़ रुपए में ली गई थी, जिसका भुगतान 15 अप्रैल को किया गया।

14 साल की अवधि के लिए लिया
अगर पिछले कुछ समय पर नजर डालें तो वित्त वर्ष समाप्त होने से ठीक पहले, मार्च 2026 में ही सरकार ने एक महीने के भीतर करीब 18,700 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।

वहीं 28 मार्च को रामनवमी के अवसर पर 2500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज 14 साल की अवधि के लिए लिया गया था।

आंकड़ों में अंतर देखने को मिला
वित्त विभाग के आंकड़ों में भी कुछ अंतर देखने को मिला है। एक नोटिफिकेशन के अनुसार 31 मार्च 2025 तक राज्य पर 4,14,611 करोड़ रुपए का कर्ज था, जबकि पहले जारी आंकड़ों में यह राशि 4,21,740 करोड़ रुपए बताई गई थी।

कई चरणों में बड़े पैमाने पर उधारी ली
मार्च महीने में सरकार ने कई चरणों में बड़े पैमाने पर उधारी ली। 17 मार्च को 4100 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। वहीं 10 मार्च को 1900 करोड़ रुपए 10 साल के लिए, 1700 करोड़ रुपए 14 साल के लिए और 2200 करोड़ रुपए 21 साल के लिए उधार लिए गए।

एक दिन में लिया गया सबसे बड़ा ऋण
इसके अलावा 3 मार्च को होली के दौरान सरकार ने एक ही दिन में 6300 करोड़ रुपए का कर्ज उठाया, जो पिछले वित्त वर्ष का एक दिन में लिया गया सबसे बड़ा ऋण था।

इस राशि को चार अलग-अलग हिस्सों में लिया गया 1800 करोड़, 1600 करोड़ (13 साल), 1300 करोड़ (15 साल) और 1600 करोड़ रुपए (23 साल) के लिए।

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