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सरकार के आदेश हवा में: शराब दुकानों पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध अहाते

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 मई 2026, 2:08 pm
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सरकार के आदेश हवा में

जहां शराब पीना प्रतिबंधित, वहीं जम रही महफिलें, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दिए कार्रवाई के निर्देश

चोइथराम गोलीकांड के बाद फिर उठे सवाल, क्या अपराधों की जड़ बन चुके हैं अवैध अड्डे?

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश सरकार ने शराब दुकानों को केवल बिक्री केंद्र बनाकर सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन पर रोक लगाने का फैसला किया था, लेकिन इंदौर में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

शहर की अधिकांश शराब दुकानों के बाहर आज भी खुलेआम अवैध अहाते संचालित होने के आरोप हैं, जहां देर रात तक शराब परोसी जा रही है। इन अवैध बैठकों के कारण विवाद, मारपीट, चाकूबाजी और फायरिंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

हाल ही में चोइथराम चौराहे के पास हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर इन अवैध अहातों की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात शराब दुकान के बाहर हुए विवाद के बाद चली गोली ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शराब ठेकेदार और राऊ क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक समर्थकों के बीच अवैध अहाते और उससे जुड़े आर्थिक हितों को लेकर विवाद हुआ था।

विवाद इतना बढ़ा कि पत्थरबाजी और बोतलें फेंकने के बाद एक गार्ड ने फायरिंग कर दी। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सरकार ने अहाते बंद कर दिए हैं तो फिर शराब दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ और बैठकें कैसे संचालित हो रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शहर में ऐसी बहुत कम शराब दुकानें बची हैं, जहां शराब खरीदने के बाद बैठकर सेवन करने की व्यवस्था न हो। कई स्थानों पर पानी, नमकीन, कुर्सी, टेबल और अस्थायी शेड लगाकर बार जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्थानीय नागरिक लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि इन स्थानों पर आए दिन झगड़े और असामाजिक गतिविधियां होती हैं, लेकिन कार्रवाई नाममात्र की होती है।

सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानें ‘ऑफ श्रेणी’ घोषित- इसी बीच, प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति लागू करते हुए सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को ‘ऑफ श्रेणी’ घोषित कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शराब दुकानों पर केवल बिक्री होगी, दुकान परिसर या उसके आसपास शराब पीना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

अवैध अहाते, ओवर रेटिंग और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग और पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे सभी अवैध अड्डों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई नीति का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया तो अवैध अहाते अपराध और कानून-व्यवस्था के लिए लगातार खतरा बने रहेंगे।

चोइथराम फायरिंग कांड ने यह संकेत दे दिया है कि शराब दुकानों के बाहर पनप रही अवैध व्यवस्था अब केवल नियम उल्लंघन का मामला नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा और शांति से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है।

अब सबकी निगाहें प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे सरकारी आदेशों को जमीन पर कितना उतार पाते हैं।

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