पुलिस की नरमी से गैंगस्टर सतीश भाऊ गैंग बेलगाम: पत्नी के हाथ पर तो पति के सिर पर मारी तलवार
KHULASA FIRST
संवाददाता

बच्चों के झगड़े में गुर्गे ने दंपति पर किया हमला
गैंगस्टर को मिले सबक तो गुर्गों में हो डर
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बड़े गुंडे-बदमाशों पर पुलिस की नरमी ही उनके गुर्गों को दुस्साहसी बनाती है। अपराध पर पुलिस कार्रवाई तो करती है, लेकिन छोटे-मोटे गुंडे-बदमाशों पर। राजनीतिक रसूख की आड़ में फल-फूल रहे गुंडों तक पहुंचने से पहले ही पुलिस के हाथ कांपने लगते हैं। नतीजा ये होता है कि इन गुंडों के गुर्गे इनका नाम लेकर हथियारों के दम पर शहर में दहशत फैलाते नजर आते हैं।
ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों गैंगस्टर सतीश भाऊ का हुआ था, जिसमें पुलिस ने उस पर केस तो दर्ज किया, लेकिन कठोर कार्रवाई की गेंद दूसरे थाने के पाले में डाल दी। नतीजा ये हुआ कि मामला ठंडे बस्ते में चला गया और गुर्गों के हौसले बुलंद हो गए। उसके एक गुर्गे दो दिन पहले बच्चों की बात को लेकर हुए झगड़े में दंपति के घर में घुसकर महिला के हाथ पर व पति के सिर पर तलवार से हमला कर दिया।
मामला अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के लाल बहादुर शास्त्री नगर का है, जहां परसों बच्चों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां रहने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के गुंडे राकेश मंडोरिया के बच्चों का पड़ोसी अशोक पिता टीकमचंद कहार के बच्चे से झगड़ा हो गया। नतीजा ये हुआ कि रसूख की ठसक में अंधा ये अपराधी अपने घर से दो तलवारें लेकर निकला।
इसके साथी ने भी अपने हाथ में एक तलवार थाम ली। दोनों मोहल्ले में सरेराह तलवार लहराते और गाालियां देते हुए अशोक कहार के घर जा पहुंचे। ललकारते हुए अशोक को घर से बाहर आने को कहा। नहीं आने पर दोनों ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ का गुर्गा बताया और घर में घुस गए।
गालियां देते हुए कहार दंपति पर तलवार से हमला कर दिया। हमले में दंपति की मासूम बच्ची भी घायल हो गई। इस दौरान बदमाशों ने अशोक की पत्नी को तलवार मारी, लेकिन वह बाल-बाल बच गई। हालांकि उसकी कलाई पर तलवार लग गई। इसके बाद बदमाशों ने अशोक के सिर पर तलवार से वार किया, जिससे खून बह निकला।
घटना की सूचना मिलते ही अन्नपूर्णा थाने के जवान मौके पर पहुंचे और घायल अशोक को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। मेडिकल के बाद अशोक की शिकायत पर विजय पिता रमेश मंडोरिया पर तो केस दर्ज कर लिया, लेकिन पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने राकेश मंडोरिया को आरोपी नहीं बनाया, जबकि वह आए दिन विवाद करता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े के बाद आरोपी राकेश मंडोरिया ने हमला किया था। वह पहले भी लोगों में दहशत फैलाने के लिए क्षेत्र में तलवार लहराकर डराता रहा है। वहीं थाने में मासूम बेटी के साथ केस दर्ज कराने पहुंची अशोक की पत्नी ने कहा राकेश आए दिन लोगों को गैंगस्टर सतीश भाऊ का नाम लेकर जान से मारने की धमकी देता रहता है। उन्हें भी सतीश भाऊ का नाम लेकर डराया और हमला किया। गनीमत रही कि वह बच गई, नहीं तो तलवार से हाथ कट जाता।
उल्लेखनीय है 19 फरवरी को होने वाले अपने एक कार्यक्रम का पहला निमंत्रण देने कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ 11 फरवरी को पत्नी सहित खजराना गणेश मंदिर पहुंचा था। प्रतिबंधित के बावजूद दोनों गर्भगृह में जा पहुंचे और पूजा-अर्चना की। मामला गरमाया तो खजराना पुलिस ने सतीश भाऊ, पत्नी नीलम और दोनों को गर्भगृह में ले जाने वाले गुर्गे आकाश रावत पर केस दर्ज किया था।
गिरफ्तारी के बाद डोजियर भरवाकर उसे थाने से ही जमानत दे दी। वहीं कठोर कार्रवाई के बजाय गेंद लसूड़िया पुलिस के पाले में फेंक दी। लसूड़िया पुलिस ने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि पुलिस उसे तड़ीपार कर सकती या रासुका लगा सकती है।
कार्रवाई नहीं होने का नतीजा ही है कि उसके गुर्गे शहरभर में उसका नाम लेकर आतंक मचाते आ रहे हैं। पुलिस को गैंगस्टर पर कठोर कार्रवाई करना चाहिए, ताकि आमजन को उससे व उसके नाम पर गुंडागर्दी करने वाले गुर्गों को सबक मिल सके।
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