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गंगोत्री धाम, मां गंगा के दर्शन को देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु: लग रही लंबी कतारें; श्रद्धालुओं को घंटों करना पड़ रहा इंतजार

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 मई 2026, 5:34 pm
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गंगोत्री धाम, मां गंगा के दर्शन को देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु

विशाल वर्मा चारधाम यात्रा से खुलासा फर्स्ट।
लंबी कतारों से बचने और कम समय में दर्शन करने के लिए मंदिर समिति श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा प्रदान कर रही है। इस सुविधा के तहत श्रद्धालुओं से 750 रूपये का शुल्क लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन कराए जा रहे हैं। वीआईपी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अलग से कतार लग रही है जिससे श्रद्धालुओं को मात्र 20 से 30 मिनट में ही दर्शन प्राप्त हो रहे हैं।

प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम
गंगोत्री धाम की यात्रा में श्रद्धालुओं को तीर्थाटन के साथ प्रकृति के खूबसूरत पर्यटन स्थलों का दीदार करने को भी मिलता है। गंगोत्री यात्रा मार्ग पर प्रकृति एवं संस्कृति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है कि तन-मन तरोताजा और आत्मा तृप्त हो जाए।

गंगोत्री दर्शन को आने श्रद्धालु हर्षिल, क्यारकोटी ट्रेक, नेलांग घाटी व नचिकेता ताल का भी भ्रमण करने पहुंच रहे हैं। धाम के कपाट खुलने के साथ ही इन पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ जाती है।

चारधाम यात्रा में केदारनाथ के साथ साथ गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए लंबी लंबी कतारों से होकर गुजरना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की करीब 2 किमी लंबी कतार लग रही है।

श्रद्धालुओं को मां गंगोत्री के दर्शन प्राप्त करने के लिए 3 से 5 घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं इससे पहले गंगोत्री घाट पर स्नान के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माँ गंगा के दर्शन और पवित्र जल के लिए पहुँच रहे हैं। गंगोत्री धाम की संपूर्ण तीर्थयात्रा भक्तों के लिए केवल एक धार्मिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि हिमालय की गोद में बिताया गया एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है।

ट्रैफिक जाम...
गंगोत्री धाम यात्रा मार्ग पर भारी भीड़ के कारण कई संवेदनशील जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। कई बार लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। संकरे मार्ग होने के कारण कई जगह 1 से 2 किमी का जाम लग रहा है जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है। उत्तरकाशी पुलिस द्वारा भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई संकरे रास्तों पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है।

उत्तराखंड का ‘गोवा बीच’ बना नया आकर्षण, देकने उमड़ रहे तीर्थ यात्री
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच एक नया पर्यटन स्थल तेजी से चर्चा में आ गया है, जिसे लोग ‘गोवा बीच’ के नाम से जान रहे हैं। यह स्थान श्रीनगर गढ़वाल के पास अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है और इन दिनों श्रद्धालुओं व पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।

धारी देवी कलियासौड़ से लगभग एक किलोमीटर आगे स्थित यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और अलकनंदा नदी के मनमोहक दृश्य के कारण लोगों को आकर्षित कर रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री यहां रुककर फोटो, सेल्फी और रील बनाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

हालांकि, यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। श्रीनगर गढ़वाल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं और यात्रियों को नदी के तेज बहाव और गहरे हिस्सों से दूर रहने की चेतावनी दे रही हैं।

प्रशासन का कहना है कि कई यात्री प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंचकर सेल्फी और वीडियो बना रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण लगातार अपील की जा रही है कि लोग सुरक्षा नियमों का पालन करें और जोखिम वाले स्थानों पर न जाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नदी किनारे किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक हो सकती है और सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारी पूरी
चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में स्थित विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट 22 मई को तथा हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

कपाट खुलने से पहले सेना और संबंधित संस्थाओं ने यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया है। हेमकुंड तक पहुंचने वाले मार्ग पर जमी बर्फ को काटकर रास्ता तैयार किया गया है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास से भी बर्फ हटाई गई है।

सरोवर के एक हिस्से से बर्फ साफ कर श्रद्धालुओं के स्नान और आचमन की व्यवस्था भी की गई है। इस बार श्रद्धालुओं को अटलाकोटी से करीब दो किलोमीटर का सफर बर्फ के बीच होकर तय करना पड़ेगा।

कपाट खुलने के अवसर को यादगार बनाने के लिए गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। गुरुद्वारा और मंदिर परिसर को फूलों से सजाया जा रहा है।

समुद्र तल से लगभग 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब में लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।

ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में एक तथा घांघरिया और गोविंदघाट में दो-दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है। यात्रा पड़ावों और गुरुद्वारों में बनाए गए चिकित्सालयों में ऑक्सीजन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा सत्र के लिए हेमकुंड साहिब में मुख्य ग्रंथी के रूप में सुच्चा सिंह और हमीर सिंह तथा सहायक ग्रंथी के रूप में सुखदीप सिंह की नियुक्ति की गई है। कपाट खुलने को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।

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