प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आपूर्ति करने वाले गिरोह का खुलासा: जानिये पुलिस को क्या सूचना मिली थी; ऐसे पहुंचाया जाता था नशा, अब इसकी तलाश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।
शहर में डिलीवरी बॉय की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले गिरोह का सिटी कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1600 अल्प्राजोलम टैबलेट, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 1.24 लाख रुपए का माल बरामद किया है। मामले का मुख्य सप्लायर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पकड़े गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 मई को सूचना मिली थी कि कब्रिस्तान के पास रेलवे ओवरब्रिज के नीचे दो युवक नशीली गोलियों की बिक्री के लिए पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान मोहम्मद रईस (32) निवासी हातमपुरा, खंडवा और शेख साहिल (25) निवासी छीपा कॉलोनी, खंडवा के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उनके पास से 100 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बुरहानपुर तक पहुंची जांच
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बुरहानपुर में दबिश देकर फारिस पिता छोटे खां और सुभाष पिता फकीरा महाजन को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1500 अतिरिक्त अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गईं। इस तरह पूरे मामले में कुल 1600 नशीली गोलियां जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 48 हजार रुपए बताई गई है।
डिलीवरी बॉय बनकर करता था सप्लाई
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी मोहम्मद रईस डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। इसी काम की आड़ में वह शहर के विभिन्न इलाकों में नशीली गोलियों की सप्लाई भी करता था। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और युवाओं तक प्रतिबंधित दवाएं पहुंचाने का काम कर रहा था।
मुख्य सप्लायर की तलाश जारी
जांच के दौरान सामने आया कि सौरभ महाजन निवासी बुरहानपुर आरोपियों को अल्प्राजोलम टैबलेट उपलब्ध कराता था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जब्त किया गया सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1600 अल्प्राजोलम टैबलेट, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीली दवाओं की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक की जा रही थी।
टीम को मिली सफलता
यह कार्रवाई टीआई प्रवीण आर्य के नेतृत्व में सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने की। अभियान में प्रधान आरक्षक इरशाद अली सहित पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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