खबर
Top News

बियाबानी टू छावनी मनमानी: बिना मुआवजे के इंदौर जैसी तोड़फोड़ देश में और कहीं देखी-सुनी

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 मई 2026, 6:17 pm
शेयर करें:
बियाबानी टू छावनी मनमानी

विकास के नाम पर पुरखों की जड़ों से उखड़ने को मजबूर अहिल्या नगरी के नागरिक

छावनी के पीड़ितों ने बैनर-पोस्टर टांगकर शहर को फिर चेताया- आज हमारी तो कल आपकी बारी है

महू नाका-बियाबानीटोरी कॉर्नर के वक्त अगर शहर जाग जाता तो आज नहीं बनते ये हालात

‘टीडीआर पॉलिसी’ के नाम पर बिना मुआवजा उजाड़ी जा रही गृहस्थी, खत्म किया जा रहा कारोबार

छावनी भी लोग ‘निहारने’ आ रहे, जैसे 100 बरस से ज्यादा पुराने बड़ा गणपति एरिया के विध्वंस को देखने आए थे

नियम-कायदों से बरसों से बसे आशियाने अतिक्रमण कहकर पुकारे और तोड़े जा रहे

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जागना था तो तब, जब बुलडोजर महू नाका से बियाबानी तक गरज रहे थे। उठ खड़ा होना था तब, जब गौराकुंड से सीतलामाता बाजार, नृसिंह बाजार, दरगाह चौराहा से जयरामपुर कॉलोनी तक भारी तोड़फोड़ हो रही थी।

गरजना था तो तब, जब कनाड़िया रोड के बाशिंदों की गृहस्थी सड़क पर लाकर उनकी दीपावली अंधेरे में कर दी गई थी। एकजुटता तब दिखाना थी, जब 100 बरस से भी पुरानी शहर की बसाहट गणेशगंज में लोग रो-बिलख रहे थे, लेकिन कहीं कोई सुनने वाला नहीं था।

जनता कॉलोनी से जिंसी गोल मंदिर तक जो घटा, उस वक्त भी कौन अड़ा? अब छावनी व जिंसी में भी वो ही सब हुआ, जो इन इलाकों में हुआ था। वही अतिक्रमण के नाम पर। वही विकास के नाम पर। वही चौड़ीकरण के नाम पर।

बढ़ते व बदलते शहर के लिए ये सब अगर जरूरी भी है तो क्या इस तरह से लोग जमीन से, जड़ों से उखाड़े-बेदखल किए जाते हैं, जैसे इंदौर में हुए, हो रहे हैं और आगे भी होंगे? क्या बिना मुआवजे के इंदौर जैसी तोड़फोड़ देश में और कहीं देखी-सुनी?

आखिर ये सब इंदौर में ही क्यों हो रहा है? इस स्मार्ट शहर में ही क्यों विकास के नाम पर पुरखों की जड़ों से उखड़ने को मजबूर हैं अहिल्या नगरी के नागरिक?

सवाल एक नहीं, अनेक हैं। हर सवाल इंदौर में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर शुरू हुई सरकारी कार्रवाई से जुड़ा है। ताजा मसला शहर की पुरानी बसाहट जिंसी व छावनी का है। पुराने मुद्दे भी पुराने शहर से ही जुड़े थे।

तब महू नाका, बालदा कॉलोनी, बियाबानी, मालगंज, इतवारिया बाजार, टोरी कॉर्नर, बड़ा गणपति, सीतलामाता बाजार, नृसिंह बाजार, छत्रीबाग, जयरामपुर कॉलोनी जैसे शहर के ‘हेरिटेज हिस्से’ निशाने पर लिए गए थे।

नए इंदौर के मामले में कनाड़िया रोड भी बेदर्दी से की गई तोड़फोड़ का उदाहरण है। ये सब जगह अलग-अलग हैं, पर रहवासियों का दर्द एक है- आखिर हमारा दोष क्या? न हमने एक फीट का अतिक्रमण किया, न कोई अवैध निर्माण किया।

पुरखों की जगह पर तब से रह रहे हैं, जब से इंदौर का अस्तित्व है। अब अगर शहरहित में जगह चाहिए तो कुछ तो हर्जाना दीजिए न?

ये ही साझा दर्द है उन सभी का, जो अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ दिए गए, उजाड़े जा रहे और उजाड़े जाने वाले हैं। प्रभावित तबके का एक ही सवाल है कि आखिर चवन्नी मुआवजा भी नहीं देने का ये कौन-सा सरकारी नियम है, जो आम आदमी को सड़क पर लाकर खड़ा कर दे।

सरकार की जमीन अधिग्रहण नीतियां तो दो से चार गुना ज्यादा मुआवजा देने की घोषणा करती हैं, लेकिन ये ही नियम शहर के अंदर क्यों नहीं लागू? किसानों से जमीन लेने पर सरकार हर तरह की एहतियात बरत रही है।

शहरी तबके के लिए क्यों नहीं? क्या इसलिए कि शहर के लोग किसानों जैसे एकजुट नहीं। न वे आंदोलित हैं।

आखिर बीच शहर में रहने वालों का क्या दोष? मुआवजे के नाम पर महज ‘टीडीआर पॉलिसी’ का सब्जबाग। ये सब्जबाग भी ऐसा, जो आज से करीब 10 बरस पहले जिन प्रभावित इलाकों को दिखाया गया था, वे अब तक अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।

ऐसे ही सब्जबाग के जरिये एक बार फिर शहर के अलग-अलग हिस्सों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। छावनी में भी 60-80 फीट के नाम पर जो ताजा तोड़फोड़ हुई, वह एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां के प्रभावित प्रभावी रूप से इस अन्याय के विरुद्ध मुखर भी हैं।

वे अपना रोष व पीड़ा पोस्टर-बैनर के जरिये जाहिर भी कर रहे हैं, लेकिन ये भी तय है कि ये विरोध की आवाजें भी अंत में ‘नक्कारखाने में तूती’ ही साबित होंगी। 10 बरस पहले जो हिस्से तोड़फोड़ का शिकार हुए, आज तक उन मकानों की मरम्मत भी नहीं कर पा रहे पीड़ित।

कारण, निगम की नक्शा पॉलिसी। सरकार अपने हिस्से का एक धेला भी प्रभावित पक्ष के लिए बख्श नहीं रही, लेकिन लोगों की करोड़ों की मिल्कियत विकास के नाम पर छीन रही है। आखिर ऐसा देश के किस हिस्से में होता है।

बगल के ही उज्जैन में तोड़फोड़ पर मुआवजा दिया जा रहा है, तो फिर इंदौर में बिना मुआवजा 10 से 20 फीट तक के मकान, दुकान क्यों तोड़े जा रहे हैं? विडंबना तो ये है कि लोग इन आपदाग्रस्त इलाकों को ऐसे देखने जा रहे हैं, जैसे कोई अजूबा हो गया। शायद इसलिए ही छावनी में पोस्टर लगाए गए हैं कि आज हमारी तो कल आपकी बारी है।

उज्जैन जैसा मुआवजा इंदौर में क्यों नहीं?...ना कि उज्जैन में मुआवजा सिंहस्थ के नियम-कायदों के तहत दिया जा रहा है, तो इंदौर के लिए कोई नए नियम-कायदे नहीं बनाए जा सकते थे या अब भी नहीं बनाए जा सकते?

शहर विस्तार पा रहा है, कस्बे से मेट्रो सिटी बन रहा है, सिटी से स्मार्ट सिटी बन रहा है तो फिर इंदौर के प्रभावित परिवारों के प्रति सरकार का रवैया इतना निर्मम क्यों? टीडीआर के नाम पर आखिर कब तक पीड़ितों को बहलाया जाएगा?

जिनसे इस पॉलिसी का वादा किया था, क्या उनका वादा अब तक पूरा हो पाया है? क्या लोग इस पॉलिसी का लाभ ले पाए? क्या कोई खरीददार पॉलिसी लेने आगे आया अब तक?

इन सब सवालों के जवाब के पहले एक बार फिर तोड़फोड़ मनमानी नहीं तो क्या, जो बियाबानी से होते हुए छावनी तक आ गई?

संबंधित समाचार

रात 3 बजे फायरिंग से दहशत
Top News

रात 3 बजे फायरिंग से दहशत:दो बदमाशों ने बरसाईं गोलियां; एफआईआर में देरी पर थाना प्रभारी लाइन अटैच

5 minutes ago
नेपाल की बाढ़ का बिहार में असर
Top News

नेपाल की बाढ़ का बिहार में असर:गंडक उफान पर; एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, निचले इलाकों से रेस्क्यू तेज

15 minutes ago
पहले एक्टिवा में मारी टक्कर, फिर टोका तो युवक को पीट डाला
Top News

पहले एक्टिवा में मारी टक्कर, फिर टोका तो युवक को पीट डाला:पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की एनसीआर

23 minutes ago
बाढ़ से हाहाकार
Top News

बाढ़ से हाहाकार:कैलाश यात्रा के श्रद्धालुओं पर संकट; फ्लैश फ्लड के बाद संपर्क नहीं, तलाश जारी

40 minutes ago
यूएस वीजा आवेदकों को झटका
Top News

यूएस वीजा आवेदकों को झटका:इंटरव्यू अपॉइंटमेंट पर लगी रोक; नई तारीख का करना होगा इंतजार

about 1 hour ago
97 दिन तक डिजिटल अरेस्ट
Top News

97 दिन तक डिजिटल अरेस्ट:ईडी और सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपती से लाखों ठगे, बेटी ने किया खुलासा

about 1 hour ago
करोड़ों की गड़बड़ी पर डिप्टी सीएम के बंगले के बाहर ‘नोटों की बारिश’
Top News

करोड़ों की गड़बड़ी पर डिप्टी सीएम के बंगले के बाहर ‘नोटों की बारिश’:युवा कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन; कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में

about 1 hour ago
त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग अलर्ट
Top News

त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग अलर्ट:दो क्विंटल से ज्यादा अमानक मिठाई जब्त; मावे का इस राज्य से कनेक्शन

about 2 hours ago
एक ही परिवार की तीन बच्चियों की मौत
Top News

एक ही परिवार की तीन बच्चियों की मौत:मचा कोहराम; उल्टी-दस्त के बाद गई जान, फूड पॉइजनिंग की आशंका

about 2 hours ago
मैदान में दम, अब इनाम की बारिश
Top News

मैदान में दम, अब इनाम की बारिश:एमपीसीए ने खोला खजाना; प्रदेश के क्रिकेटरों को मिले करोड़ों

about 2 hours ago
एक ही नंबर की दो बस
Top News

एक ही नंबर की दो बस:एक जली तो दूसरी पकड़ी गई; दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक, पुलिस जांच में जुटी

about 3 hours ago
कबाड़ के एंगल में छिपा रखी थी अवैध शराब
Top News

कबाड़ के एंगल में छिपा रखी थी अवैध शराब:पुलिस ने बाइक रोकी तो हुआ तस्करी का खुलासा

about 3 hours ago
देशविरोधी नारे लगाने का दावा निकला गलत
Top News

देशविरोधी नारे लगाने का दावा निकला गलत:पुलिस जांच में कॉलेज में नहीं मिली राष्ट्रविरोधी गतिविधि

about 3 hours ago
एमडी बनाने वाला केमिकल जब्त
Top News

एमडी बनाने वाला केमिकल जब्त:ट्रांसपोर्ट कार्यालय से मिले दो ड्रम; अज्ञात आरोपी पर केस, पुलिस-एनसीबी अलर्ट

about 4 hours ago
करोड़ों का छह लेन फ्लाईओवर अटका
Top News

करोड़ों का छह लेन फ्लाईओवर अटका:पहले हटेंगी पानी-सीवरेज लाइनें; फिर होगा निर्माण कार्य शुरू

about 4 hours ago
जमीन किसी और की, लोन किसी और ने लिया
Top News

जमीन किसी और की, लोन किसी और ने लिया:फर्जी दस्तावेज से लाखों का खेल;दंपती समेत छह आरोपियों पर केस

about 4 hours ago
जहां कभी दस्युओं का खौफ था, अब उद्योगों की गूंज
Top News

जहां कभी दस्युओं का खौफ था, अब उद्योगों की गूंज:यहां शुरू हुई एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री; मुख्यमंत्री ने चौथी यूनिट का किया शुभारंभ

about 5 hours ago
बाइक चोरी के बाद चोरों की ‘चिट्ठी’
Top News

बाइक चोरी के बाद चोरों की ‘चिट्ठी’:लिखा- पुलिस को बताया तो गाड़ी नहीं मिलेगी; सीसीटीवी में कैद संदिग्ध

about 5 hours ago
रक्षाबंधन पर मंत्री का सुरों वाला अंदाज
Top News

रक्षाबंधन पर मंत्री का सुरों वाला अंदाज:बुजुर्गों संग गाया; नाचे और बांटी खुशियां

about 5 hours ago
युवक से लाखों की ऑनलाइन ठगी
Top News

युवक से लाखों की ऑनलाइन ठगी:होटल रेटिंग से मुनाफे का दिया झांसा; पहले छोटे रिटर्न देकर जीता भरोसा

about 5 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!