15 वर्ष तक तो उसे बेटी समझा: फिर हुआ चौंकाने वाला खुलासा; वो तो बेटा निकला, यह खामियाजा उठाना पड़ा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश के एक आदिवासी परिवार में जन्मी बच्ची को परिवार ने 15 साल तक बेटी की तरह पाला। पढ़ाई और खेलकूद में आगे रहने वाली वह बच्ची 2023 के एशियन गेम्स तक पहुंच गई। लेकिन वहां किए गए ब्लड टेस्ट ने उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
महिलाओं की तुलना में अधिक टेस्टोस्टेरोन
टेस्ट में पाया गया कि उसके शरीर में महिलाओं की तुलना में अधिक टेस्टोस्टेरोन था। आगे की जांच में क्रोमोसोम XY पाए गए और शरीर में अंडकोष मौजूद थे। यह जानकारी परिवार और बच्ची दोनों के लिए सदमे की बात थी।
नहीं मिला समाधान
परिवार ने कई जगह इलाज की कोशिशें कीं, लेकिन समाधान नहीं मिला। इसके बाद वे एम्स भोपाल पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत जांच और काउंसलिंग के बाद जटिल सर्जरी की। शरीर में मौजूद अंडकोष और अविकसित पुरुष अंग को हटाया गया। अब वह पूरी तरह महिला के रूप में सामान्य जीवन जी रही है।
जन्म के समय भी बेटी बताई गई थी
परिवार के अनुसार रश्मि (बदला हुआ नाम) का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था और डॉक्टरों ने भी उसे बेटी बताया था। परिवार ने उसकी परवरिश भी लड़कियों की तरह की।एशियन गेम्स में खेलते समय उसे रोक दिया गया।
विशेष ट्रांसजेंडर क्लीनिक
परिवार ने कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं मिला। फिर एम्स भोपाल के विशेष ट्रांसजेंडर क्लीनिक के बारे में जानकारी मिली। विस्तृत जांच में पता चला कि बाहरी बनावट पूरी तरह महिला जैसी है, लेकिन क्रोमोसोम XY हैं। पेट के निचले हिस्से में दो छोटे अंडकोष मौजूद थे, जो टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन कर रहे थे।
परिवार की सहमति से महिला जीवन का निर्णय
डॉक्टरों ने बच्ची और परिवार को काउंसलिंग दी। उन्हें बताया गया कि वह पुरुष या महिला, दोनों में से किसी रूप में जीवन चुन सकती है। परिवार ने महिला के रूप में जीवन जारी रखने का निर्णय लिया।
जटिल सर्जरी चार विभागों की टीम ने की
सर्जरी के लिए स्त्री रोग, मनोचिकित्सा, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी और यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों की टीम बनाई गई। पहले चरण में शरीर में विकसित छोटे पुरुष अंग को माइक्रो प्लास्टिक तकनीक से हटाया गया, संवेदनशीलता बरकरार रखी गई। दूसरे चरण में पेट में मौजूद अविकसित अंडकोष को हटाया गया। डॉक्टरों ने परिवार को स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में मां बनने की संभावना नहीं है।
एम्स भोपाल में हर महीने 10-12 सर्जरी
एम्स के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव सिंह के अनुसार, हर महीने 10-12 मरीजों की सर्जरी होती है। इनमें करीब 60% केस मेल से फीमेल और 40% फीमेल से मेल परिवर्तन के होते हैं। सिर्फ सर्जरी ही नहीं, बल्कि विस्तृत काउंसलिंग और हार्मोन थेरेपी भी की जाती है। सही समय पर जांच, उपचार और सामाजिक समर्थन मिलने पर मरीज सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं।
संबंधित समाचार

अब ई-अटेंडेंस से जुड़ेगी सैलरी:गैरहाजिरी पर कटेगा वेतन; प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही भी तय

सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले 8 भवन हुए सील:फायर सेफ्टी नियमों पर निगम सख्त

हिंदू युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा:हिंदूवादियों ने की शिकायत; पुलिस ने थाने में बैठाया

कोर्ट में प्रेमी का हाथ थामा:थाने पहुंचते-पहुंचते पति के साथ चली गई; पुलिस भी रह गई हैरान

परीक्षा से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन:सोशल मीडिया की होगी विशेष मॉनिटरिंग

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में निकली साइकिल रैली:पौधारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया; युवाओं ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में घोटाला:गोबर के ढेर से निकले लाखों; करोड़ों की जमीन देख अधिकारी हैरान

नर्मदा नदी में नहाने के दौरान हादसा:2 दोस्तों की डूबने से मौत; एक को बचाने में दूसरा भी डूबा, 3 घंटे बाद मिले शव

व्यावसायिक राजधानी ने भरा रिकॉर्ड टैक्स:लक्ष्य से कहीं ज्यादा रुपए जमा; करदाताओं की संख्या में भी बढ़ोतरी

जुए के बड़े अड्डे का खुलासा:रात 3 बजे क्लब पर पुलिस का धावा; 32 जुआरी धराए

वेयर हाउस गेहूं घोटाला:एक अधिकारी को हटाया; दूसरा निलंबित, बोरियों में मिली मिट्टी

बजरंग दल नेता की हत्या के बाद बवाल:आरोपियों के घरों में की आगजनी; पुलिस पर पथराव, भारी फोर्स तैनात

बिना ओटीपी नहीं बनेगा यह सर्टिफिकेट:लागू हुई नई व्यवस्था; वाहन मालिक की वास्तविक पहचान होगी सुनिश्चित

STF की बड़ी कार्रवाई:5 और आरोपी गिरफ्तार; कुरकुरे के पैकेटों के नीचे छिपाकर भेजते थे नशीला कफ सिरप

तुलसी नगर के विकास को लेकर महापौर से मिले रहवासी, बोले:कार्यों में देरी हुई तो करेंगे जन आंदोलन; पेयजल, ड्रेनेज और सड़क निर्माण सहित कई मांगों पर मिला आश्वासन

आसान नहीं खेती-किसानी की डगर:ब्रिक्स देशों का लोकलुभावन घोषणा-पत्र; अमल बेहद चुनौतीपूर्ण

इस कार्यालय में हुआ घोटाला:मचा हड़कंप, बिना अनुमति बिल पास होने के आरोप; नोटिस जारी कर जवाब मांगा

सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले स्टेशन पर बवाल:ट्रेनों में की तोड़फोड़; छात्रों का आरोप-व्यवस्थाएं सही नहीं थी, 6 गिरफ्तार

MP में बदला मौसम का मिजाज:आंधी-बारिश का दौर जारी; इस तारीख तक पहुंच सकता है मानसून

रफ्तार का कहर:दो सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 गंभीर घायल; आक्रोशित परिजनों ने लगाया जाम
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!