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समान नागरिक संहिता पर पहली बैठक: पक्ष-विपक्ष दोनों की आवाजें उठीं; महापौर बोले-एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए

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KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 6:03 pm
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समान नागरिक संहिता पर पहली बैठक

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता अथवा कामन सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर गठित समिति की पहली बैठक शनिवार को इंदौर के जाल सभागृह में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न समाजों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने अपने सुझाव रखे। बैठक में यूसीसी को लेकर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले।

महापौर बोले- “चार शादी और 24 बच्चे पैदा करने का अधिकार नहीं”
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि संविधान में पहले से समान नागरिक संहिता का प्रावधान मौजूद है और एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को भी चार शादी करने और 24 बच्चे पैदा करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। महापौर ने आदिवासी वर्ग के विशेष प्रावधानों को छोड़कर बाकी सभी पर यूसीसी लागू करने की बात कही। साथ ही उन्होंने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सख्त नियम बनाने की भी मांग की।

मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने जताया विरोध
बैठक में मुस्लिम समाज की ओर से कुछ लोगों ने यूसीसी का विरोध भी किया। उनका कहना था कि यह मुसलमानों पर अत्याचार और प्रताड़ना का नया तरीका है। हालांकि समाज के अन्य सदस्यों ने कहा कि एक देश में एक कानून का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और सभी नागरिकों को देशहित में काम करना चाहिए।

“भारत में हाथ काटने का कानून नहीं हो सकता”
पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी यूसीसी की जरूरत बता चुका है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों में अलग-अलग कानून हैं, लेकिन भारत में चोरी करने पर हाथ काटने जैसे कानून लागू नहीं हो सकते।

कई नेताओं और विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
बैठक में विधायक मालिनी गौड़, पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नीमा, डॉ. अनिल भंडारी और पंडित अशोक भट्ट सहित कई लोगों ने यूसीसी का समर्थन करते हुए अपने सुझाव दिए।

एसडीएम बोलीं- “लव जिहाद से बचाव के नियम हों”
एसडीएम शैली ने कहा कि कई लड़कियां लव जिहाद का शिकार होती हैं, इसलिए उनके संरक्षण के लिए भी नियम बनाए जाने चाहिए।

समिति सभी पक्षों से ले रही सुझाव
समिति के सदस्य और रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि फिलहाल समिति सभी वर्गों के सुझाव ले रही है। इसके बाद अनुशंसाओं के साथ रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।

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