लाखों की किस्तें भर रही महिला ट्रांसपोर्टर परेशान: गारंटी के नाम पर महिंद्रा सांघी शोरूम का बड़ा खेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

14 चक्का ट्रक खड़ा, मालिक को रोज लग रही पांच हजार की चपत
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा के अधिकृत डीलर सांघी एमटीबी ट्रकिंग प्राइवेट लिमिटेड एबी रोड, निपानिया और तलवली चांदा की लापरवाही का खुलासा हुआ है। विजयनगर निवासी कुलविंदर कौर ने बताया कि उन्होंने 21 अक्टूबर 2022 को एमपी09 एचजे 7785 कमर्शियल वाहन खरीदा था, जो कंपनी की लचर सर्विस के चलते मानसिक और आर्थिक बोझ बन गया है।
पीड़िता के अनुसार, गाड़ी के इंजन में तकनीकी खराबी के बाद कंपनी के मैकेनिक आठ अप्रैल 2026 को उनके कार्यालय से इंजन खोलकर ले गए थे। आज 20 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सर्विस मैनेजर सुनील साहू द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
गाड़ी खरीदने के वक्त कंपनी ने छह साल या छह लाख किलोमीटर की गारंटी का दावा किया था, लेकिन अब अधिकारी केवल टालमटोल कर गुमराह कर रहे हैं। कौर ने बताया कि इससे पहले भी वाहन का चेसिस टूटने पर कंपनी ने दो महीने से ज्यादा का समय बर्बाद किया था, जिसका हर्जाना आज तक नहीं मिला। वर्तमान में गाड़ी खड़ी होने के कारण प्रतिदिन लगभग पांच हजार रुपए का नुकसान हो रहा है।
इस संबंध में महिंद्रा कंपनी की पॉलिसी स्पष्ट है, छोटे (जॉब) कार्यों के लिए वाहन मालिक को हर्जाना मिलता है, लेकिन मेजर जॉब में नहीं। हम 10 अप्रैल को इंजन लेकर आए थे, जिसे डिस्मेंटल कर महिंद्रा कंपनी को तकनीकी रिपोर्ट भेज दी गई है। जांच में सामने आया है कि गाड़ी कम ऑयल और बिना कूलेंट के चलाई गई थी, ऐसी स्थिति में गारंटी का लाभ नहीं मिलता, यह बात ग्राहक को बता दी गई है।
पूर्व में गाड़ी अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के महिंद्रा शोरूम पर भी गई थी, वहां रेडिएटर लीकेज होने की बात सामने आई थी और सर्विस टीम ने गाड़ी खड़ी कर रिपेयर करवाने की सलाह दी थी, लेकिन वहां काम नहीं कराया गया। गाड़ी चलाकर लाने से वह हीट हो गई और इंजन में काम आ गया। अब पुणे से अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हम स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे। - सुनील साहू, सर्विस मैनेजर, महिंद्रा
हमारी डीबीआईआर ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास करीब 15 गाड़ियां हैं। इसमें से महिंद्रा वाहन (एमपी09एचजे 7785) की 1,11,370 रुपये की किस्त हम यस बैंक के माध्यम से नियमित भर रहे हैं। महिंद्रा कंपनी द्वारा ग्राहकों को मिलने वाली सेवाएं बेहद निराशाजनक हैं। कमर्शियल वाहन को पहले दो महीने तक खड़ा रखना और अब इंजन खोलकर ले जाना, फिर नई बातें बनाकर ग्राहक को गारंटी के लाभ से दूर करने की साजिश रचना, हमें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला है।
यदि कंपनी का यही अड़ियल रवैया रहा, तो हमें इनके विरुद्ध विधिक एवं कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।’- कुलविंदर कौर, संचालक, डीबीआईआर ट्रांसपोर्ट कंपनी, इंदौर
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