बेखौफ डीजल माफिया: गिरोह प्रतिदिन लगभग 12 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की चोरी कर अवैध रूप से बेचता है
KHULASA FIRST
संवाददाता
स्कूल के पीछे रोजाना हजारों लीटर ईंधन चोरी, कार्रवाई पर उठे सवाल
अन्य केमिकल की मिलावट कर उसी समय टैंक का लेवल बराबर कर देते हैं माफिया
यहां एक साथ कई टैंकर होते हैं खाली
पाइप लगाकर इस तरह की जाती है ईंधन चोरी
टैंकरों से पेट्रोल-डीजल चुराते माफिया के गुर्गे
टैंकर से ही हो रही मिलावट! खुले मैदान में पेट्रोल चोरी के खेल का खुलासा, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर सवाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वाहनों का एवरेज कम आने पर अक्सर लोगों का शक सीधे पेट्रोल पंप संचालकों पर जाता है और कई मामलों में यह संदेह सही भी साबित हुआ है, लेकिन हाल ही में सामने आए वीडियो ने ईंधन मिलावट के पूरे खेल का खुलासा कर दिया है। इन दृश्यों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस अवैध कारोबार में टैंकर संचालकों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है।
वीडियो में लसूड़िया क्षेत्र के एक खुले मैदान में टैंकरों से चोरी-छिपे पेट्रोल निकालकर चार पहिया और दो पहिया वाहनों में भरते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि डिपो से निकलने के बाद टैंकरों को सुनसान स्थानों पर खड़ा कर पहले ईंधन की चोरी की जाती है और फिर उसमें केमिकल मिलाकर दोबारा सप्लाई किया जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल ग्राहकों को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वाहनों के इंजन को भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय... नगर निगम के वार्ड क्रमांक 35 अंतर्गत बजरंग नगर, तोड़ा तालावली क्षेत्र में संगठित तरीके से डीजल और पेट्रोल चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। लसूड़िया थाना क्षेत्र में आने वाले इस इलाके में एक आपराधिक गिरोह द्वारा प्रतिदिन बड़े पैमाने पर ईंधन की चोरी, अवैध निकासी, भंडारण और बिक्री किए जाने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
प्रतिदिन लगभग 12 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की चोरी
विश्वसनीय जानकारी के अनुसार मांगलिया डिपो से निकलने वाले विभिन्न तेल कंपनियों जैसे एचपीसीएल, आईओसीएल और बीपीसीएल के टैंकरों से अवैध रूप से ईंधन निकाला जाता है। चोरी किया गया पेट्रोल और डीजल बजरंग नगर तोड़ा स्थित शासकीय विद्यालय के पीछे घनी आबादी वाले क्षेत्र में खुलेआम संग्रहित किया जा रहा है।
आसपास विद्यालय, बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिकों के रहने के कारण यहां आगजनी या विस्फोट जैसी गंभीर दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। बताया जा रहा है कि गिरोह प्रतिदिन लगभग 12 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की चोरी कर उसे माल वाहक वाहनों, ढाबों और भारी वाहनों को कम कीमत पर अवैध रूप से बेचता है।
इस संगठित अपराध में करीब 40 लोगों की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है। ईंधन की चोरी और परिवहन के लिए बिना नंबर प्लेट वाले अशोक लीलैंड पिकअप वाहन, मोटर पंप और पाइपों का उपयोग किया जाता है, जिससे पूरे नेटवर्क को गुप्त रूप से संचालित किया जा सके।
विभिन्न माध्यमों से कई शिकायतें दर्ज कराईं
प्राथमिक जानकारी के अनुसार इस गिरोह में दीनू उर्फ दिनेश डोंगरे और कमलेश राठौर दोनों निवासी सिंगापुर टाउनशिप, गोल चौराहा क्षेत्र की संलिप्तता सामने आ रही है। आरोप यह भी है कि अवैध गतिविधियों में नाबालिग लड़कों को आर्थिक लालच देकर शामिल किया जा रहा है, जो बाल संरक्षण कानून और भारतीय दंड संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों और प्रवासियों द्वारा पहले भी विद्यालय प्राचार्य, लसूड़िया थाना, डायल-112 सहित विभिन्न माध्यमों से शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें धमकियां देकर डराया जा रहा है, जिसके कारण कई लोग खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि डीजल चोरी करने वाले गिरोह की पकड़ स्थानीय स्तर पर मजबूत है।
खाद्य आपूर्ति और अन्य जिम्मेदार विभाग ने कहा
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल खाद्य आपूर्ति विभाग और नापतौल विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहा है। शुद्धता और गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले ये दोनों विभाग अब तक मौन नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम चल रहे इस खेल के बावजूद कार्रवाई का अभाव कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रहा है।
यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल पेट्रोल पंप स्तर की गड़बड़ी नहीं, बल्कि डिपो से लेकर सप्लाई चेन तक फैले संगठित माफिया नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जो मिलावटी ईंधन के जरिए सीधे आम उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा रहा है।
आपके पास जो प्रमाण हो वहे हमें दे दीजिए, हम टीम भेजकर उस पर कार्रवाई करवा देंगे। -मोहनलाल मारू, जिला आपूर्ति नियंत्रक, इंदौर
( वहीं खुलासा फर्स्ट द्वारा मोहनलाल से जब उस इलाके के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (फूड इंस्पेक्टर) व सहायक आपूर्ति अधिकारी (एरिया फूड ऑफिसर) कौन हैं, पूछा तो उनका कहना था कि यह उन्हें याद नहीं। वार्ड के अनुसार सब होते हैं।)
आपके द्वारा मामला संज्ञान में दिया गया हैं। इस मामले में हमें किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। वहीं इस तरह के सिंडीकेट या काला बाजारी को रोकने के लिए हमें पुलिस व तहसीलदार से भी मदद लेकर आगे की कार्रवाई करना होगी। मामले को संज्ञान में देने के लिए धन्यवाद। -अविनाश जैन, एरिया फूड ऑफिसर
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