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चर्बी से बन रही थी आइसक्रीम: नेटवर्क का हुआ खुलासा; मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जज को दिया था घूस का ऑफर

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 अप्रैल 2026, 11:49 am
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चर्बी से बन रही थी आइसक्रीम

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।
शहर के इमलीपुरा में संचालित अवैध घी फैक्ट्री मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संचालक अनवर कुरैशी को पशु परीक्षण कानून के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने की तैयारी की जा रही है।

होटल, आइसक्रीम और कपड़ा मिल तक पहुंची सप्लाई
मोघट रोड थाना पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मवेशियों की चर्बी से तैयार इस घी जैसे पदार्थ की सप्लाई होटल-ढाबों, आइसक्रीम निर्माण और कपड़ा उद्योगों तक की जा रही थी। खासतौर पर बुरहानपुर के एक टेक्सटाइल यूनिट में इसका उपयोग धागे और कपड़े की फिनिशिंग के लिए किया जा रहा था।

138 मवेशियों के काटे जाने का अनुमान
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन तिवारी के अनुसार मौके से 1380 किलो चर्बी मिली है। एक मवेशी से करीब 10 किलो चर्बी निकलने के आधार पर लगभग 138 जानवरों को काटे जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, चमड़ा गलाने के लिए सरकारी राशन का नमक भी बड़ी मात्रा में बरामद हुआ है, जिसकी जांच जारी है।

वकील भाइयों पर रिश्वत की कोशिश का आरोप
कार्रवाई के दौरान आरोपी के तीन वकील भाइयों पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर सिटी मजिस्ट्रेट को प्रलोभन देने का आरोप लगा है। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने कार्रवाई रोकने के लिए “फीस” देने की बात कही, जिसे सख्ती से खारिज कर दिया गया।

नगर निगम पर भी उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध गतिविधि की जानकारी स्थानीय स्तर पर पहले से थी। शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिक कार्रवाई कर फिनायल का छिड़काव कर दिया जाता था, जिससे दुर्गंध दबाई जा सके।

पहले भी पकड़ी जा चुकी फैक्ट्री
साल 2017 में भी इसी स्थान से बड़ी मात्रा में मवेशियों की खालें बरामद हुई थीं। उस समय कार्रवाई के बाद काम कुछ समय बंद रहा, लेकिन बाद में फिर शुरू हो गया।

3350 लीटर चर्बी युक्त घी जब्त, जांच जारी
हालिया छापेमारी में 69 टीन और 9 ड्रमों में भरा करीब 3,350 लीटर चर्बी युक्त घी, 4 ट्रक खाल और 3 ट्रक अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं। सभी सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार है।

प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन खंगाल रहा है। जीएसटी विभाग और पशुपालन विभाग भी जांच में जुटे हैं, ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सके।

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