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रसूख के आगे फेल: गरीबों पर जोर; ट्रैफिक हुआ जाम, तो द्वारकापुरी टीआई ने बाइक और ई-रिक्शा चालकों को मारे थप्पड़

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 फ़रवरी 2026, 2:00 pm
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हर्ष राठौर 96699-50133 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में ट्रैफिक जाम के दौरान कथित पुलिसिया सख्ती ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि जाम हटाने के नाम पर थाना प्रभारी ने मौके पर मौजूद बाइक और ई-रिक्शा चालकों को थप्पड़ जड़ दिए, जबकि जाम की असली वजह कार चालकों का रांग साइड आना था।

पीड़ितों का कहना है कि बड़े और रसूखदार वाहन चालकों को छोड़ गरीब तबके के लोगों पर हाथ उठाया गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसे स्थानीय निवासी विजय कुमार ने साझा किया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक द्वारकापुरी थाने से महज 10 मीटर दूर स्थित खाटू श्याम मंदिर पर हर ग्यारस को भंडारे का आयोजन होता है। इस दौरान मंदिर के सामने भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

गुरुवार रात करीब 8.30 बजे भी सड़क पर ऐसा ही जाम लगा था। पीड़ित विजय कुमार के मुताबिक वे कैट रोड की ओर जा रहे थे। जैसे ही थाने के पास पहुंचे, ट्रैफिक जाम मिला।

उनका कहना है कि वे अपनी सही दिशा में आगे बढ़ रहे थे, तभी द्वारकापुरी टीआई मनीष मिश्रा रांग साइड से आए और गाड़ी से उतरते ही थप्पड़ मार दिया। विजय का कहना है कि जब उन्होंने टीआई से पूछा कि उन्हें क्यों मारा जा रहा है, जाम तो कार वालों ने लगाया है, इस पर भड़के टीआई ने ट्रैफिक में खड़े अन्य बाइक सवारों और ई-रिक्शा चालकों को भी थप्पड़ मारते हुए हटाया, जो अपनी साइड में ही खड़े थे।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि कारें सड़क के बीचोबीच खड़ी थीं, जिससे जाम की स्थिति बनी, लेकिन थप्पड़ रूपी कार्रवाई सिर्फ दोपहिया और ई-रिक्शा चालकों पर की गई।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह निर्दोषों को थप्पड़ मारना क्या उचित तरीका है?

आयोजकों द्वारा नहीं की जाती व्यवस्था: पीड़ित विजय का कहना है कि मंदिर में हर ग्यारस को होने वाले भंडारे के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जाती। जब स्थिति बिगड़ती है तो पुलिस द्वारा आम लोगों पर इसी तरह सख्ती दिखाई जाती है।

कल घटना के वक्त भी कई लोगों ने एक स्वर में कहा कि ‘गरीबों को मार रहे हो, कार वालों को भी तो हटाओ’, लेकिन टीआई ने कथित तौर पर लोगों की बात अनसुनी कर दी।

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