खबर
Top News

बिल्डर से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी का हुआ खुलासा: लोकल गुर्गों के सहारे लॉरेंस गैंग का नेटवर्क

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 अप्रैल 2026, 4:36 pm
120 views
शेयर करें:
बिल्डर से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी का हुआ खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की जड़ें गहराने के सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए आरोपी राजपाल चंद्रावत से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गैंग अब लोकल गुर्गों के जरिए जानकारी जुटाकर इंदौर के बड़े बिल्डरों को टारगेट कर रहा है।

जांच में सामने आया कि गैंग का गुर्गा हैरी बॉक्सर अपने ही शूटरों पर भरोसा नहीं करता था। वारदात से पहले रेकी करने वालों के पीछे भी अलग बदमाश लगाए जाते थे, ताकि कोई चूक न हो। इस सख्त निगरानी के चलते कई अपराधी डरकर सरेंडर तक कर चुके हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग ने गांधी नगर के बड़ बिल्डर मनीष से करीब पांच करोड़ रुपए की रंगदारी वसूली, जिसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए दुबई भेजा गया, जहां से रकम हैरी तक पहुंची। खौफ के कारण बिल्डर अब तक सामने नहीं आया।

अगला निशाना भी तय, फायरिंग की तैयारी पूरी- राजपाल ने खुलासा किया कि गैंग का अगला टारगेट रेसकोर्स रोड का एक और बड़ा बिल्डर था। इसके लिए जीत नगर के बदमाश को रेकी का जिम्मा दिया गया था व इशारा मिलते ही फायरिंग की तैयारी थी। गैंग के सदस्य आपसी संपर्क के लिए फेसटाइम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड एप्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी गतिविधियां ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।

फायरिंग और फिरौती केस में खुलासा- राजपाल ने बायो-कॉटन कारोबारी के घर हुई फायरिंग में भूमिका स्वीकार की है। 50 लाख के विवाद की जानकारी उसने गैंग को दी, जिसके बाद पीड़ित को 10 करोड़ की फिरौती कॉल आई।

राजपाल व उसके साथी का नाम पहले भी बड़े आतंकी और संगठित अपराध मामलों में सामने आ चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी उनसे पूछताछ कर चुकी है।

रतलाम का राजपाल पहले एक स्थानीय नेता का ड्राइवर था। आर्थिक तंगी के चलते 2021 में अपराध की दुनिया में उतरा और लॉरेंस गैंग से जुड़ गया। इंदौर के पॉश इलाकों में बिल्डरों को धमकी और रंगदारी की घटनाओं से दहशत का माहौल है। पुलिस अब लोकल नेटवर्क को तोड़ने और गैंग के सक्रिय सदस्यों की पहचान में जुटी है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!