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सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता के नंगे चेहरे का खुलासा: पोस्टमॉर्टम के लिए 9 घंटे बाइक पर शव लेकर भटके परिजन; पुलिस बोली-तुम जानो, तुम्हारा काम

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 मई 2026, 10:50 am
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सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता के नंगे चेहरे का खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एक बार फिर सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता के नंगे चेहरे का खुलासा हुआ है। करंट लगने से जान गंवाने वाले 21 वर्षीय युवक के परिजनों को पोस्टमॉर्टम कराने के लिए बाइक पर शव लेकर नौ घंटे और करीब 25 किलोमीटर तक भटकते रहना पड़ा। इस पूरे दौरान बाणगंगा पुलिस ने न केवल जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा, बल्कि अस्पताल को यह तक कह दिया-अब तुम जानो, तुम्हारा काम जाने।

कैसे हुई मौत
अलवासा गांव निवासी अंकित फुलेरिया (पिता दिनेश फुलेरिया) 11 मई को एक निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग का काम कर रहा था, तभी उसे करंट लग गया। परिजन उसे तत्काल बाइक से अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मौत मानने को तैयार नहीं थे परिजन
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शव को मर्चुरी में रखने और पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही थी, किंतु सदमे में डूबे परिजनों ने मृत्यु स्वीकार करने से इनकार कर दिया और शव लेकर अस्पताल से निकल गए। इसी दौरान अस्पताल प्रशासन ने बाणगंगा थाने को सूचित किया। परंतु थाने के हेड कांस्टेबल संजय ने फोन पर साफ कह दिया- अब तो शव ले गए हैं, तुम जानो तुम्हारा काम जाने। अस्पताल का दावा है कि यह बातचीत रिकॉर्ड की गई है। थाना प्रभारी सियाराम सिंह गुर्जर को तीन बार फोन किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।

सांवेर में भी नहीं मिली राहत
परिजन शव लेकर सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे। वहां के चिकित्सकों ने भी युवक को मृत घोषित किया। हंगामे के बाद सांवेर पुलिस मौके पर आई, लेकिन पूछताछ में पता चला कि मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है। सांवेर पुलिस ने बाणगंगा थाने से संपर्क करने की कोशिश की, पर वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः रात करीब 9 बजे परिजन एक बार फिर अरबिंदो अस्पताल लौटे और शव मर्चुरी में रखवाया गया।

अगले दिन हंगामे के बाद हुआ पोस्टमॉर्टम
मंगलवार को पोस्टमॉर्टम में देरी होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। तब जाकर बाणगंगा थाने से एक पुलिसकर्मी पहुंचा, कागजी कार्रवाई पूरी हुई और पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।

पहला मामला नहीं
अरबिंदो अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी बाणगंगा पुलिस की कथित लापरवाही के चलते परिजन शव लेकर अस्पताल से जा चुके हैं। यानी यह एक प्रणालीगत समस्या है, जो बार-बार दोहराई जा रही है।

अधिकारी बोले- होगी जांच
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रामस्नेही मिश्रा ने कहा कि यदि शव को लेकर पुलिस स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो मामले की जांच कर दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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