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मुख्यमंत्री के मंच के पास धमाका: रंगपंचमी की गेर में फटा पटाखा; इतने लोग घायल; जानिये किस पर हुई एफआईआर

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मार्च 2026, 12:28 pm
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मुख्यमंत्री के मंच के पास धमाका

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
रंगपंचमी के अवसर पर रविवार को आयोजित गेर के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। सिंधी कॉलोनी चौराहा के पास आयोजित श्रीकृष्ण-सुदामा रंगोत्सव गेर में जिस मंच पर मुख्यमंत्री मौजूद थे, उससे करीब 15 फीट दूर अचानक तेज धमाका हो गया।

कलर स्मोक स्काई शॉट पटाखा फोड़ा
बताया जा रहा है कि भीड़ के बीच सड़क के डिवाइडर के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने कलर स्मोक स्काई शॉट पटाखा फोड़ दिया। धमाका होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घबराकर गिर पड़े और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए।

कुल 8 लोग घायल हो गए
इस घटना में एक मीडियाकर्मी और बीजेपी मंडल अध्यक्ष समेत कुल 8 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

कलेक्टर और एसपी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी।

डिवाइडर के पास हुआ धमाका
घायल मीडियाकर्मी प्रशांत यादव ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे सिंधी कॉलोनी चौराहे के पास गेर शुरू होने वाली थी। रंग-गुलाल खेलने के लिए हजारों लोग वहां जमा थे। करीब 10 मिनट बाद मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे और उनका स्वागत चल रहा था। तभी डिवाइडर के पास जोरदार धमाका हो गया।

आंखों के सामने छा गया अंधेरा
धमाका इतना तेज था कि कुछ पल के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा गया और चारों तरफ धुआं फैल गया। लोगों की चीख-पुकार के बीच जब धुआं छंटा तो कई लोग अपने कपड़ों में लगी आग बुझाने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कुछ घायल हालत में भीड़ से दूर भागते दिखे।

दो गंभीर घायलों को इंदौर भेजा
धमाके के सबसे करीब राजेंद्र भाटिया और वीरेंद्र आंजना मौजूद थे। उनके हाथ, पेट और चेहरे तक झुलस गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद दोपहर करीब 1:45 बजे इंदौर रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि धमाके के समय मुख्यमंत्री मंच से उतरने ही वाले थे। इसी कारण लोगों का ध्यान उनकी ओर था और बड़ा हादसा टल गया।

अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज
एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक रंगोत्सव के दौरान गुब्बारे लगाने और जेसीबी से मुख्यमंत्री को माला पहनाने का कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर इन्हें पहले ही हटा दिया गया था। इसके बावजूद किसी ने डिवाइडर के पास आतिशबाजी कर दी।

आयोजन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी
इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी, जिसने एक निजी कंपनी को ठेका दिया था, लेकिन फिलहाल एफआईआर में कंपनी के किसी कर्मचारी का नाम शामिल नहीं किया गया है।

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