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एलिवेटेड कॉरिडोर अब छोटे शहरों में भी: मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोनिवि ने शुरू की प्रक्रिया

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 मई 2026, 7:14 pm
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एलिवेटेड कॉरिडोर अब छोटे शहरों में भी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एलआईजी चौराहा से नौलखा चौराहा तक बन रहा एलिवेटेड कॉरिडोर अब छोटे शहरों के लिए भी उदाहरण बन गया है। सफाई मॉडल के बाद इंदौर जैसा विकास छोटे शहरों में भी किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने काम शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है एबी रोड पर बीआरटीएस हटाने के बाद अब एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव इंदौर उत्थान समिति ने तैयार किया था, जिस पर शासन ने मुहर लगा दी थी।

इसे अब जमीन पर सफलतापूर्वक उतारा जा रहा है। ऐसे ही प्रस्ताव अब छोटे शहरों के लिए भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वहां भी ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिले।

डी-कंजेशन परियोजना के तहत ऐसे कॉरिडोर का निर्माण कर शहरों की सड़कों और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के साथ यात्रा समय भी घटाया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस आशय के प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

इसके लिए इंदौर के इस कॉरिडोर का विस्तृत अध्ययन भी किया जा रहा है। इंदौर उत्थान अभियान के अजितसिंह नारंग का कहना है कि नागपुर, पुणे, बैंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में एलिवेटेड कॉरिडोर का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया था। इसका प्रेजेंटेशन जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों के सामने किया गया।

मुख्यमंत्री को भी भेजा गया। इसे शासन ने मंजूरी दी और अब एलआईजी से नौलखा चौराहा तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का सरकार ने नीतिगत निर्णय लिया है।

चार दशकों तक सुचारु ट्रैफिक में होगा सहायक
कॉरिडोर बनने के बाद 166 प्रतिशत अधिक स्थान ट्रैफिक के लिए उपलब्ध होगा। नीचे छह लेन और ऊपर चार लेन की सुविधा मिलने से चार दशक तक ट्रैफिक का दबाव कम रहेगा।

दुर्घटना कम होने के साथ ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण व समय की बचत भी होगी।

कॉरिडोर से शहरों के भीतर और बाहर जाने वाले ट्रैफिक को अलग-अलग किया जा सकेगा। बिना सिग्नल बाधा के तेज और सुगम आवागमन होगा।

जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। कम दूरी वाले वाहन नीचे और लंबी दूरी वाले वाहन ऊपर से गुजर सकेंगे।

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