प्रतिष्ठित कॉलेज के चुनाव: नामांकन जांच पूरी; आज आपत्तियों पर सुनवाई, राजघराना श्रेणी में दो फॉर्म निरस्त, न्यू डोनर में मुकाबला तय
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रतिष्ठित डेली कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चुनाव को लेकर प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शनिवार को नामांकन पत्रों की विस्तृत जांच के बाद फाउंडर डोनर (राजघराना) श्रेणी में चार में से दो उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए, जबकि न्यू डोनर श्रेणी में एक प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया। अब 3 मई को निरस्त नामांकन और आपत्तियों पर सुनवाई के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
चुनाव अधिकारी ने की जांच, जारी हुआ आदेश
चुनाव अधिकारी, सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता ने शनिवार को सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। जांच के बाद जिन नामांकन पत्रों को निरस्त किया गया, उनके कारणों सहित विस्तृत आदेश भी जारी किया गया।
राजघराना (फाउंडर डोनर) श्रेणी में क्या हुआ
इस श्रेणी में कुल चार उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के बाद विक्रमसिंह पंवार (देवास महाराजा) नामांकन स्वीकार, प्रियव्रत सिंह खींची नामांकन स्वीकार, ठाकुर नरेंद्र सिंह बिडवाल नामांकन निरस्त और अनिरुद्ध प्रताप सिंह का नामांकन निरस्त।
निरस्तीकरण के कारण
ठाकुर नरेंद्र सिंह बिडवाल के नामांकन पत्र में कई तरह की विसंगतियां पाई गईं। उनके आधार कार्ड में दर्ज नाम और नामांकन पत्र में अंतर मिला, जिसे गंभीर त्रुटि माना गया। वहीं, अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने अपना नामांकन स्वयं जमा नहीं किया था और उनके प्राधिकार पत्र भी अधूरे पाए गए। दोनों निरस्त उम्मीदवारों को 3 मई को सुनवाई में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बाद ही तय होगा कि इस श्रेणी में अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहेंगे।
न्यू डोनर श्रेणी में मुकाबला तय
न्यू डोनर श्रेणी में कुल सात नामांकन दाखिल हुए थे। जांच में सभी नामांकन सही पाए गए, लेकिन गुरमीत सिंह भाटिया ने अपना नाम वापस ले लिया। अब इस श्रेणी में छह उम्मीदवार शेष हैं। इनमें राजेश अग्रवाल, हरपाल सिंह भाटिया, जयेश पटेल, संदीप पारिख, नीरज देसाई और मनवीर सिंह बियास हैं। इनमें से एक उम्मीदवार का निर्वाचन होना है, इसलिए फिलहाल यही श्रेणी चुनाव के लिए मुख्य मुकाबले के रूप में उभर रही है।
तकनीकी खामियां भी आईं सामने
नामांकन जांच के दौरान कुछ फॉर्म में टाइपिंग मिस्टेक, ओवरराइटिंग जैसी सामान्य तकनीकी त्रुटियां भी सामने आईं। मनवीर सिंह बियास के मामले में रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं मिलने से उनकी उपस्थिति पर संदेह हुआ, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि कर दी गई।
आज होगी अहम सुनवाई
निरस्त नामांकन पत्रों और दर्ज आपत्तियों पर सुनवाई 3 मई को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। सुनवाई के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। फिलहाल स्थिति यह संकेत दे रही है कि न्यू डोनर श्रेणी में चुनाव लगभग तय है, जबकि राजघराना श्रेणी का अंतिम फैसला सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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